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शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के समय करें पंच दान, होगा हर समस्या का समाधान - 4 दिसम्बर, 2021
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राहत: मां वैष्णो देवी के दर्शन होंगे आसान, उदयपुर से कटरा तक चलेंगी ट्रेन , देखें क्या है टाइमटेबल

राजस्थान के लोगों को भारतीय रेलवे की ओर से एक और बड़ी सौगात मिली है। मां वैष्णो देवी के दरबार में जाने के लिए उदयपुर से सीधी ट्रेन कटरा के लिए रवाना होगी। नवरात्र शुरू होने से पहले ही इसे शुरू करने की बात कही जा रही थी, लेकिन अभी तक इसके शुरू होने की तारीख तय नहीं हुई है। हालांकि, रेलवे बोर्ड  से इसकी मंजूरी मिल चुकी है।  यह ट्रेन अब पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से नहीं चलकर उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन से संचालित होंगी।  

प्रारंभिक शेड्यूल के मुताबिक,  ट्रेन नम्बर 04033 उदयपुर से प्रतिदिन सुबह 6.40 बजे चलकर रात 8.05 बजे पुरानी दिल्ली, रात 11.50 बजे अंबाला छावनी और अगले दिन सुबह 9.20 बजे कटरा पहुंचेगी। उसी दिन फिर वापसी में ट्रेन कटरा से दोपहर 2.05 बजे चलकर रात 12.28 बजे अम्बाला कैंट, सुबह 4.30 बजे पुरानी दिल्ली और शाम 5 बजे उदयपुर पहुंचेगी।  

26 घंटे में पहुंचाएगी ट्रेन
यह ट्रेन उदयपुर से कटरा तक कुल 1332 किलोमीटर का सफर 26 घंटे 40 मिनट में पूरा करेगी। इस ट्रेन में 22 कोच होंगे और कुल 38 ठहराव होंगे। उदयपुर से रोजाना चलने वाली इस ट्रेन के शुरू होने के बाद मेवाड़वासियों का मां वैष्णो देवी जाना काफी आसान हो जाएगा। अभी तक उदयपुर के लोग वैष्णो देवी जाने के लिए अजमेर, इंदौर, कोटा और जयपुर से ट्रेन लेते थे, लेकिन रेलवे बोर्ड ने दिल्ली-कटरा ट्रेन को उदयपुर से चलाने की मंजूरी दे दी है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी से उदयपुर के लोगों को बड़ी राहत मिली है। 
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सियासी कलह : पंजाब सीएम का मंगलवार को जयपुर दौरा, चन्नी मुख्यमंत्री गहलोत से लेंगे सियासी संकट दूर करने के टिप्स

पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल के बीच अब राजस्थान कांग्रेस कूद पड़ी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पंजाब में जारी सियासी विवाद को खत्म करने के लिए आगे आए हैं। गहलोत मुख्यमंत्री चन्नी को कलह शांत करने का मंत्र देंगे। इस सिलसिले में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मंगलवार को जयपुर पहुंच रहे हैं।  चन्नी के सम्मान में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भोज का कार्यक्रम रखा है। इस भोज में गहलोत कैबिनेट के सभी मंत्री और प्रमुख कांग्रेस नेताओं को बुलाया है।

पंजाब में सियासी संकट पर अब तक सीएम गहलोत केवल सोशल मीडिया पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को अनुभवी नेता बताते हुए पार्टी के खिलाफ कोई ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील थी। गहलोत ने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वह कोई भी फैसला ऐसा नहीं लेंगे जिससे पार्टी को नुकसान पहुंचेगा। इसके अलावा गहलोत ने कोई बयान नहीं दिया था। अब चन्नी को बड़ा भोज देकर एक तरह से पंजाब कांग्रेस विवाद को सुलझाने के लिए गहलोत की भी एंट्री हो गई है।

चन्नी का जयपुर दौरा काफी अहम
गहलोत कैबिनेट में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी अब भी चंडीगढ़ में कैंप करके पंजाब कांग्रेस विवाद पर हाईकमान के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। चन्नी के जयपुर दौरे को कांग्रेस की सियासत के हिसाब से काफी अहम माना जा रहा है।

सियासी कलह दूर करने के लिए गहलोत देंगे चन्नी को टिप्स
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव है। चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हुए हैं। ऐसे में अशोक गहलोत के साथ चन्नी मौजूदा राजनीतिक मसलों पर चर्चा करेंगे। पंजाब में नवजोत सिद्धू के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस में कलह जारी है।

चन्नी को हाईकमान ने चुनाव से ठीक पहले सीएम बनाया है। ऐसे में सरकार को तेज गति से फैसले लेने के साथ पार्टी को भी साध कर चुनावी मोड में लाना चन्नी के सामने बड़ी चुनौती है। चरणजीत सिंह चन्नी के सामने कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत कई नाराज नेताओं को भी संभालकर रखने की चुनौती है। ऐसे में चन्नी का जयपुर दौरा कांग्रेस और चन्नी के लिए बेहद अहम है। 
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राजस्थान : श्रीगंगानगर में धरने पर बैठे किसानों से पीएचईडी मंत्री ने की मुलाकात, मांगों पर विचार करने का दिया आश्वासन

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में करीब 250 किसानों ने इंदिरा गांधी नहर से सिंचाई का पानी छोड़ने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी है। बीते शनिवार को घड़साना में सैकड़ों किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा होकर परिसर का घेराव किया। उन्होंने कार्यालय में प्रवेश को अवरुद्ध कर दिया जिसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि वहां तैनात कुछ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को किसानों ने कुछ देर के लिए कार्यालय के अंदर बंद कर दिया। श्रीगंगानगर के कलेक्टर जाकिर हुसैन ने कहा, स्थिति शांतिपूर्ण है और लगभग 250 किसान इस समय घड़साना में धरने पर बैठे हैं और नहर से सिंचाई के पानी की मांग कर रहे हैं।

वहीं रविवार को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार के जलसंसाधन मंत्री बीडी कल्ला से मुलाकात की। जिसके बाद मंत्री ने किसानों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने कहा, बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने कहा कि एसडीएम कार्यालय के अंदर और बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्थान सशस्त्र बल (आरएसी) की एक बटालियन को भी तैनात किया गया है।

किसानों की नहीं सुनी जा रही थी बातें
कई दिन से किसान खेतों में सिंचाई के लिए पानी दिए जाने की ठोस मांग करने का अनुरोध कर रहे थे। किसानों ने कई बार इस बाबत प्रशासन को घेराव और बंधक बनाने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन सरकार पर असर नहीं हो रहा था। शनिवार को किसानों का धर्य टूटने लगा और उन्होंने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर डीएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को कब्जे में लेकर एक कमरे में बंद कर दिया। हालांकि, कलेक्टर और एसपी के दखल के बाद कब्जे में लिए गए अधिकारियों को रिहा किया गया। 

2004 में किसानों का हुआ था उग्र आंदोलन
घड़साना में वर्ष 2004 में भी सिंचाई पानी के लिए उग्र आंदोलन हुआ था। उस वक्त भी किसानों ने सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने पर प्रदर्शन किया था। कई दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन को पानी की व्यवस्था करना पड़ा था। एक बार फिर से किसानों के इस प्रदर्शन को देखते हुए सरकारी अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।  

पुलिस और किसानों के बीच धक्का मुक्की
शुक्रवार को जिला कलेक्टर और एसपी ने भी घड़साना के किसान नेताओं से बात कर उनसे शांति बनाए रखने की अपील की थी,  लेकिन शाम होते-होते यह बेअसर हो गई। किसान नेताओं ने कलेक्टर और एसपी को किसानों की ओर से टकराव की पहल नहीं करने का विश्वास दिलाया था , लेकिन शाम को किसान पुलिसकर्मियों से उलझ गए और धक्का मुक्की की नौबत आ गई ।

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भिड़ंत: झारखंड और राजस्थान में वाहनों के बीच जोरदार टक्कर, अलग-अलग हादसों में आठ लोगों की मौत

झारखंड के पाकुड़ में दो वाहनों के बीच आमने-सामने हुई टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पाकुड़ के लिट्टीपारा थाना क्षेत्र के कड़वा गांव के पास तड़के दो वाहनों की आपस में भिड़ंत हो गई। थाना प्रभारी अभिषेक राय ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन में आग लग गई। दोनों वाहन चालक और उप चालकों की मौत होने की आशंका है। पुलिस ने बताया कि बंगाल जा रहे सीमेंट से लदे ट्रक और गोड्डा जा रहे चिप्स से लदे डंपर की टक्कर घने कोहरे की वजह से हुई है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है।

राजस्थान में ट्रक ने एंबुलेंस को रौंदा
वहीं, राजस्थान के दौसा जिले में एंबुलेंस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। बसवा थाने के एसएचओ दारा सिंह ने मीडिया को बताया कि मृतकों में मरीज बलजीत (28) शामिल है, जिसे उसका भाई और रिश्तेदार अलवर से जयपुर ले जा रहे थे। बांदीकुई से अलवर जाने के दौरान ट्रक ने एंबुलेंस को रौंद दिया। इसमें बलजीत, हिम्मत, भूप सिंह और एम्बुलेंस चालक महेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भागचंद और एम्बुलेंस कर्मचारी नवदीप घायल हो गए।

महाराष्ट्र: ट्रक की चपेट में आने से चार की मौत, 23 घायल
महाराष्ट्र के पुणे जिले के कान्हे गांव के पास शनिवार तड़के एक मिनी पिकअप ट्रक की चपेट में आने से पैदल जा रहे चार वारकरी (भगवान विट्ठल के भक्त) की मौत हो गई और उनके 23 साथी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि तीर्थयात्री पुणे शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित मंदिर शहर अलंदी जा रहे थे, तभी मावल तहसील में सुबह करीब छह बजे यह घटना हुई। 

वडगांव मावल पुलिस के निरीक्षक विलास भोसले ने कहा कि वारकरियों का एक समूह रायगढ़ जिले से पैदल आ रहा था। जब वे पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग पर साटे फाटा पहुंचे, तो एक मिनी ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें लगभग 27 लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चार की मौत हो गई।
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डंपर और एंबुलेंस में टक्कर डंपर और एंबुलेंस में टक्कर

राजस्थान: कांग्रेस संगठन में पायलट समर्थकों को मिलेगी जगह, दिल्ली में डोटासरा-पायलट की बैठक

राजस्थान कांग्रेस में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब पार्टी संगठन में पायलट समर्थकों को जगह मिलने के आसार हैं। कांग्रेस संगठन की नियुक्तियों में भी सचिन पायलट कैंप के नेताओं को ठीक संख्या में जगह मिलेगी।  दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा और सचिन पायलट के बीच लंबी चर्चा हुई है। 24 नवंबर को दिल्ली में हुई बैठक में पायलट समर्थकों को संगठन में नियुक्तियां देने के फॉर्मूले पर रणनीति बनी। इन्हें प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारी बनाया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर सत्ता संगठन में पायलट समर्थकों को जगह देने पर पहले से ही सहमति बन चुकी है। कांग्रेस संगठन में पिछले साल जुलाई से भंग पड़े जिला और ब्लॉक में हजारों नेताओं को पद दिए जाने हैं। उन पदों पर पायलट समर्थकों को भी अच्छी संख्या में जगह मिलेगी।

हर तबके को प्रतिनिधित्व- पायलट
बैठक के बाद सचिन पायलट ने कहा- प्रदेशाध्यक्ष के साथ राजस्थान में सत्ता और संगठन में हर तबके को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार और संगठन में हर वर्ग और हर तबके के लोगों का प्रतिनिधित्व हो। राजस्थान के हर तबके को यह लगना चाहिए कि यह हमारी अपनी सरकार है। आने वाले दिनों में राजस्थान में संगठन में और विस्तार होगा। मुझे लगता है कि उसके लिए हम सभी मिलकर काम करेंगे। 

भाजपा पर पायलट का तंज
पायलट ने आगे कहा कि राजस्थान में सत्ता और संगठन में सबकी राय लेकर काम किया जाएगा। हमारा मकसद यह है कि साल 2023 में जब चुनाव हो तो कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ राजस्थान में फिर से कांग्रेस सत्ता में आए। हम मिल बैठकर राजस्थान में संगठन, सरकार और क्षेत्र की बात करेंगे। इस दौरान सचिन पायलट ने केंद्र और भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की खामियों को जल्द ही जनता के बीच रखेंगे। 
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सियासत: मुख्यमंत्री गहलोत के नए सलाहकार का सचिन पायलट पर जोरदार हमला, मीणा बोले-

राजस्थान में फिर फंसा पेंच: कैबिनेट विस्तार के बाद भी नहीं थम रही खींचतान, विभागों के बंटवारे पर गहराया विवाद

राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही सियासी उथल-पुथल के बाद रविवार को कैबिनेट का विस्तार किया गया, लेकिन अब विभागों के बंटवारे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कुछ मंत्री विभागों के बंटवारे से खुश नहीं हैं। ऐसे में मंत्रालयों का बंटवारा अब दिल्ली से होगा। दरअसल, कैबिनेट बदलाव के बाद माना जा रहा था कि ये अंदरूनी कलह शांत हो जाएगी पर ऐसा होता दिख नहीं रहा। रविवार को मंत्रियों को शपथ लेने से पहले सचिन पायलट ने भी साफ कर दिया था कि राजस्थान कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है, हम सभी एक साथ मिलकर 2023 का चुनाव जीतेंगे, लेकिन मंत्री पद की शपथ के बाद ही विभागों के बंटवारे पर खींचतान शुरू हो गया। 

सचिन पायलट के करीबी विधायक बृजेंद्र सिंह ओला ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने ये शिकायत दर्ज कराई कि वो चार बार के विधायक हैं, फिर भी उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया, जबकि दो बार के विधायकों को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। 

बंटवारे पर आला कमान लेगा फैसला 
प्रदेश प्रभारी अजय माकन सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ मुलाकात कर  साथ विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा करेंगे। फिर अशोक गहलोत से इस पर बात की जाएगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गहलोत इस पक्ष में हैं कि जिन मंत्रियों के पास पहले जो मंत्रालय था, उन्हें वहीं दिया जाए, जबकि नए मंत्रियों को खाली मंत्रालय दिए जाएं, लेकिन इस पर पायलट गुट के विधायक सहमत नहीं हैं।

निर्दलीय विधायकों की नाराजगी दूर
वहीं, मंत्रियों की शपथ के बाद देर रात निर्दलीय विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने सभी निर्दलीय को अपना सलाहकार नियुक्ति किया। माना जा रहा है कि बीएसपी से आए विधायकों को भी संसदीय सचिव बनाकर उनका असंतोष दूर किया जाएगा।  वहीं, दूसरी तरफ आलाकमान चाह रहा था कि संसदीय सचिव की सूची में 2-3 नाम पायलट खेमे के भी हों। 
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राजस्थान: गहलोत की नई कैबिनेट में 'पायलट' की उड़ान, बोले- कमी पूरी हो गई, अब कोई गुट नहीं

अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो)
राजस्थान में महीनों तक चली सियासी हलचल के बीच आज नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी तकरार धीरे-धीरे शांत पड़ती जा रही। गहलोत कैबिनेट में रविवार को चार नए मंत्री शपथ लेने जा रहे हैं।  इसी बीच सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि जो कुछ कमियां थीं, उसपर कांग्रेस हाईकमान ने ध्यान दिया और उसे पूरा किया। पायलट ने कहा कि मंत्रिमंडल की नई सूची से अच्छा और साकारात्मक संदेश गया है। 

उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे को बार-बार उठाया था। मुझे खुशी है कि पार्टी आलाकमान और राज्य सरकार ने इसका संज्ञान लिया। बता दें कि शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर हुई बैठक में  गहलोत सरकार के सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था। 

2023 में कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी- सचिन पायलट
रविवार को सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उन्हें कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस एकजुट होकर काम कर रही है। आज राजस्थान में हर वर्ग कांग्रेस के साथ जुड़कर काम कर रहा है। पायलट ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जिस तरह मौका दिया गया है उससे वह संतुष्ट हैं। 2023 में कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्देश पर पूरी निष्ठा से काम करूंगा।

पायलट ने भाजपा पर साधा निशाना
मीडिया को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने भाजपा पर भी निशाना साधा। पायलट ने कहा कि भाजपा धीरे-धीरे हाशिए पर जा रही है। गहलोत सरकार के सभी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद 15 नए मंत्री शनिवार को शपथ लेंगे, जिनमें से 11 कैबिनेट मंत्री हैं। 

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केरल: शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर महिला ने युवक पर फेंका तेजाब, दो बच्चों की मां है आरोपी

सचिन पायलट खेमे से पांच मंत्री
सचिन पायलट खेमे के जिन लोगों को मंत्रालय में शामिल किया गया है, उनमें विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा और हेमाराम चौधरी कैबिनेट मंत्री हैं, इसके अलावा बृजेंद्र ओला और मुरारी मीणा राज्य मंत्री हैं।
हेमाराम चौधरी, मुरारीलाल मीणा व बृजेंद्र ओला पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के करीबी नेता हैं। पिछले साल अशोक गहलोत ने इन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया था। इसको लेकर सचिन पायलट नाराज चल रहे थे, लेकिन गहलोत ने फिर से सचिन पायलट के करीबियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। 
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राजस्थान: चुरू में युवक और युवती के शव तालाब में मिले, पुलिस मामले की जांच में जुटी

राजस्थान के चुरू जिले में एक युवक और युवती के शव तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों शव तालाब में तैरते मिले। पुलिस के अनुसार, युवक-युवती मंगलवार की रात चुरू जिले के रत्नदेसर गांव से अपने घर से गायब हो गए थे। इस बारे में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों के दल से तालाब में तलाश करवाई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे प्रेम प्रसंग का बताया है। 

गोताखोरों को बुधवार को जलाशय में काफी खोजबीन के बाद शव मिले। रतनगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक सालेह मोहम्मद ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह असफल प्रेम संबंध के कारण आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जयपुर: टेंट हाउस का कारोबारी निकला चेन स्नैचर, मां की चेन छीने जाने के बाद खुद वारदातों को देने लगा अंजाम

राजस्थान में टेंट हाउस का व्यावसाय करने वाले एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। टेंट हाउस व्यवसायी पेशे से चेन स्नैचर है और वह इस धंधे में सात साल से लगा हुआ था। अभी तक चेन स्नेचिंग के कई मामलों में वह संलिप्त रहा है। आरोपी की पहचान विमल कुमार के रूप में हुई है। वह जयपुर में टेंट हाउस का कारोबार करता है। पुलिस के मुताबिक, स्नैचिंग के 13 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुका है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब सात साल पहले कुछ बदमाशों ने उसकी मां की सोने की चेन छीन ली थी, उसकी मां ने बदमाशों द्वारा चेन छीनने के बारे में उसे बताया, जिसके बाद विमल कुमार ने भी चेन स्नेचिंग करने करने का प्लान बनाया और उसके बाद से लगातार चेन छीनने की घटना को अंजाम देता रहा। शुक्रवार को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने टेंट कारोबारी की दुकान पर दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा। 

स्नैचिंग के 13 मामलों में शामिल
आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह स्नैचिंग के करीब 13 मामलों में शामिल था। हालांकि पुलिस को आशंका है कि वह इससे ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया होगा। “वह पिछले सात सालों से चेन स्नैचर कर रहा है। डीसीपी (क्राइम) अमृता दुहन ने बताया कि उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गिरोह में शामिल बाकी लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। 
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राजस्थान: छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में निजी शिक्षक गिरफ्तार, पीड़िता की स्थिति सामान्य

राजस्थान के कोटा जिले के कोतसुवा गांव में छह वर्षीय बच्ची से कथित तौर पर दुष्कर्म करने के मामले में एक शिक्षक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यौन अपराध से बाल संरक्षण (पोक्सो) अदालत ने आरोपी अब्दुल रहीम (43) को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि रहीम बच्चों को उर्दू का निजी ट्यूशन देता था और एक स्थानीय मदरसे द्वारा दिए गए एक कमरे में रहता था। वह कोटा के रामपुरा का रहने वाला है।

बच्ची के अभिभावक ने रविवार देर रात दिगोड पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप में कहा गया कि रहीम ने शनिवार दोपहर बच्ची को मदरसे में रूकने जबकि बाकी अन्य को जाने के लिए कहा और बाद में बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया।

पुलिस ने बताया कि घर पहुंचने पर बच्ची ने माता-पिता को यह बात बताई। आरोपी को शिकायत दर्ज होने के बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया । बच्ची को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया और उसका बयान दर्ज कर लिया गया।
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राजस्थान: टी20 वर्ल्डकप मैच में पाकिस्तान की जीत पर महिला शिक्षक ने मनाया जश्न, स्कूल ने नौकरी से निकाला

राजस्थान के उदयपुर में निजी स्कूल में काम करने वाली एक महिला शिक्षक को रविवार के टी20 मैच में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने के बाद नौकरी से निकाल दिया गया है। शिक्षिका नफीसा अटारी राजस्थान के उदयपुर में नीरजा मोदी स्कूल में कार्यरत थीं। उसने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हार पर खुशी व्यक्त करते हुए व्हाट्सएप पर एक स्टेटस डाला था।

व्हाट्सएप स्टेटस डालकर मनाया जश्न
नफीसा ने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तस्वीरों के साथ 'वी वोन' का जिक्र करते हुए खुशी जाहिर की। जब एक अभिभावक ने शिक्षिका से पूछा कि क्या वह पाकिस्तान का समर्थन करती हैं, तो नफीसा ने हां में जवाब दिया। व्हाट्सएप पर शिक्षिका के स्टेटस का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद, स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक को नौकरी से निकाल दिया।

भारत को मिली थी हार
बता दें कि रविवार को टी-20 विश्व कप के पहले ही मैच में भारत को पाकिस्तान को हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हरा दिया। यह पाक टीम की किसी भी विश्व कप में भारत पर पहली जीत थी।  पाक टीम ने 13 गेंद रहते मैच जीत लिया। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान ने शानदार बल्लेबाजी की और टीम को जीत दिलाने के बाद ही दम लिया। रिजवान 55 गेंदों पर 79 रन और बाबर 52 गेंदों पर 68 रन बनाकर नाबाद रहे। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने सात विकेट पर 151 रन बनाए थे। जवाब में पाकिस्तान टीम ने 17.5 ओवर में 152 रन बनाकर मैच जीत लिया।
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राजस्थान : भाजपा के अरुण सिंह ने कहा- राज्य की जनता कांग्रेस की सरकार से आ चुकी है तंग 

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर विकास को ठप करने का आरोप लगाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने सोमवार को दावा किया कि राजस्थान की जनता कांग्रेस के शासन से तंग आ चुकी है।
 
भाजपा के राष्ट्रीय प्रभारी अरुण सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि भगवा पार्टी वल्लभनगर (उदयपुर) और धारियावाड़ (प्रतापगढ़) विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में जीत हासिल करेगी।
 
प्रतापगढ़ जिले के धारियावाड़ विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि इस बार जनता कांग्रेस को आईना जरूर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों ने महसूस किया है कि पिछली भाजपा सरकार ने राज्य के विकास की दिशा में काम किया, जबकि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने कुछ नहीं किया।

राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि गहलोत सरकार ने लोगों से कई वादे किए लेकिन उन्हें पूरा करने में नाकाम रही। राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौर ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है।

आदिवासियों पर अत्याचार अपने चरम पर है और राज्य सरकार को इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों को विकास से वंचित कर रही है और उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रही है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 30 अक्तूबर को मतदान होगा और 2 नवंबर को मतगणना की जाएगी।
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