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26 सितंबर 2021

Digital Edition

हिमाचल: बीपीएल सूची से बाहर होंगे फर्जी गरीब, सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी

 हिमाचल प्रदेश में फर्जी गरीब बीपीएल सूची से बाहर होंगे। दो अक्तूबर को होने जा रही ग्राम सभा की बैठक में बीपीएल सूचियों की समीक्षा होगी। प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक ने सभी उपायुक्तों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार हर वर्ष ग्राम सभा की पहली बैठक में ग्राम पंचायत की बीपीएल सूची की समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। 25 फरवरी 2021 को ग्राम सभा की बैठक में अप्रैल माह की प्रस्तावित ग्राम सभा में बीपीएल सूची की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए थे, पर कोविड महामारी के कारण अप्रैल महीने में ग्राम सभाएं नहीं हो सकीं।

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अब सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में बीपीएल की सूचियों की समीक्षा दो अक्तूबर को होने वाली ग्राम सभा की बैठक में होगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत की बीपीएल सूची की समीक्षा सरकार के निर्देशानुसार करवाना सुनिश्चित की जाए। बीपीएल सूची में शामिल रहे प्रदेश के लोगों को कई योजनाओं का लाभ मिलता है। नौकरियों में आरक्षण से लेकर कई सरकारी योजनाओं में उन्हें विशेष तरजीह दी जाती है। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 8.4 फीसदी परिवार गरीबी रेखा से नीचे है।  

इन नियमों को पूरा नहीं करने वाले हटेंगे बीपीएल से 
परिवार अगर आयकर देता है। परिवार की अगर वेतन, पेंशन, मानदेय, मजदूरी और व्यवसाय से 2500 रुपये से अधिक मासिक आय नहीं है। परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी नौकरी में नियमित या अनुबंध पर कार्यरत नहीं होना चाहिए। गाड़ी और पक्का मकान भी नहीं होना चाहिए। कोई इस शर्त को पूरा नहीं करता है तो ग्रामसभा ऐसे परिवार का नाम बीपीएल सूची से हटा देगी। 

चयन प्रक्रिया में होगा बदलाव, नीति आयोग ने सीएस से की चर्चा
हिमाचल प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों के मानक बदलने वाले हैं। फर्जी गरीबों को इसमें जगह नहीं मिलेगी। मानकों में अब कई अन्य नए संकेतक भी जोड़े जा रहे हैं। लगातार शिकायतों के बाद प्रदेश में बीपीएल की चयन प्रक्रिया बदलेगी। अब अच्छा स्वास्थ्य, अच्छी शिक्षा और अन्य तमाम तरह की सुविधाओं तक पहुंच है या नहीं, इसे भी बीपीएल चयन के पैरामीटर में शामिल किया जाएगा। नीति आयोग की इस संबंध में हिमाचल के मुख्य सचिव के साथ मंत्रणा हो चुकी है। 
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बीपीएल सूची से बाहर होंगे फर्जी गरीब बीपीएल सूची से बाहर होंगे फर्जी गरीब

हिमाचल: लाहौल के खंमीगर ग्लेशियर में फंसे 14 ट्रैकर, दो की मौत

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के खंमीगर ग्लेशियर में ट्रैकिंग पर गए 14 लोग फंस गए हैं। हादसे में दो ट्रैकरों की मौत हो गई है। 18 सदस्यीय दल में छह लोग पश्चिम बंगाल, जबकि 11 पोटर व एक शेरपा यानी स्थानीय गाइड ट्रैकिंग पर गए थे। पश्चिम बंगाल के अभिजीत बनिक और एक पोटर ने दो दिन सफर के बाद वापस लौटकर इसकी सूचना काजा प्रशासन को दी। प्रशासन ने 32 सदस्यीय बचाव दल का गठन कर दिया है। बचाव दल को खमींगर पहुंचने में तीन दिन लगेंगे। वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी नहीं पहुंचा जा सकता है। मृतक ट्रैकरों की पहचान 61 वर्षीय भास्कर देव मुखोपाध्याय सनराइज अपार्टमेंट 87डी आनंदपुर बैरकपुर कोलकाता पश्चिम बंगाल और 38 वर्षीय संदीप कुमार ठाकुराता थ्री राइफल रेंज रोड प्लॉट नंबर जेडए, पूव्यान अवासन बेलगोरिया पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। 

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बचाव कार्य पिन घाटी के काह गांव से शुरू होगा। पहले दिन 28 सितंबर को काह से चंकथांगो, दूसरे दिन चंकथांगो से धार थांगो और अंतिम दिन धारथांगो से खमींगर ग्लेशियर बचाव टीम पहुंचेगी। तीन दिन वापस खंमीगर ग्लेश्यिर से काह पहुंचने में लगेंगे। लाहौल-स्पीति के उपायुक्त नीरज कुमार ने बताया कि खंमीगर ग्लेशियर में ट्रैकरों को निकालने का कार्य प्रशासन ने शुरू कर दिया है। बचाव दल में 16 आईटीबीपी और 6 डोगरा स्काउट के जवान शामिल हैं। इनमें एक चिकित्सक भी है। साथ ही 10 पोटर हैं। ये बोझ उठाने के लिए काम करेंगे। उपायुक्त ने बताया कि 15 सितंबर को इंडियन माउंटेनरिंग फाउंडेशन पश्चिम बंगाल का छह सदस्यीय दल बातल से काजा वाया खमींगर ग्लेशियर ट्रैक (करीब 5034 मीटर ऊंचाई) को पार करने के लिए रवाना हुआ था। इनके साथ 10 पोटर भी हैं। प्रशासन को मिली सूचना के मुताबिक तीन ट्रैकर, एक शेरपा यानी स्थानीय गाइड और 10 पोटर खंमीगर ग्लेशियर में फंसे हैं। 

ये ट्रैकर फंसे हैं खमींगर ग्लेशियर में
लाहौल-स्पीति जिले के खमींगर ग्लेशियर में फंसे लोगों में 58 वर्षीय देवाशीष वर्धन मिलन पार्क गरिया कोलकाता पश्चिम बंगाल, 63 वर्षीय रणधीर राय रामकृष्ण पाली कोगाच्छी श्यामनगर कोलकाता पश्चिम बंगाल, 50 वर्षीय तपस कुमार दास सेंट 78 क्यूआरएस 28.3 चितरंजन बरधवान पश्चिम बंगाल और 42 वर्षीय अतुल कोलकाता पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। इनके साथ 10 पोटर भी शामिल हैं।
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World Tourism Day: जानिए हिमाचल के इन 10 खूबसूरत पर्यटन स्थलों को, जहां घूमकर नहीं भरेगा आपका मन

हिमाचल प्रदेश में हर साल लाखों देसी-विदेशी सैलानी यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को निहारने के लिए पहुंचते हैं। शुद्ध आबोहवा और प्राकृतिक नजारों से भरपूर हिमाचल की वादियां पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। प्रदेश में घूमने के लिए कई बेहतरीन स्थान हैं। साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए भी यहां अच्छे स्थल है। यहां पर रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और पैराग्लाइडिंग आदि का आनंद ले सकते हैं।

हिमाचल को देवभूमि भी कहा जाता है, यहां धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से कई दर्शनीय स्थल हैं। साथ ही कई ऐतिहासिक धरोहर भी हैं। सालाना करीब पांच लाख विदेशी सैलानी हिमाचल पहुंचते हैं जिनमें से अधिकतर शिमला का रुख करते हैं। विदेशी सैलानी हैरिटेज टूरिज्म के लिए शिमला, एडवेंचर टूरिज्म के लिए मनाली और आध्यात्मिक टूरिज्म के लिए धर्मशाला का रुख करते हैं। किन्नौर और लाहौल-स्पीति भी विदेशी सैलानियों की पसंदीदा सैरगाह है।  जानिए हिमाचल के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में...
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पंचायत चुनाव: जनजातीय भागों में पहले चरण का प्रचार अभियान थमा

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय भागों में पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार अभियान सोमवार से थम गया। लाहौल में 29 सितंबर और एक अक्तूबर को 32 पंचायतों और 15 पंचायत समितियों के लिए मतदान होगा। इसी दिन लाहौल-स्पीति के 10 जिला परिषद वार्डों के लिए भी वोट डाले जाएंगे। सोमवार को पोलिंग पार्टियां केलांग से संबंधित पोलिंग बूथों के लिए रवाना कर दी गई हैं।  पंचायत चुनाव के लिए करीब 350 अधिकारी और कर्मचारियों को ड्यूटी लगाई गई है। पहले चरण के मतदान के लिए प्रत्याशी अब डोर-टू-डोर प्रचार कर सकेंगे। एक अक्तूबर को दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रत्याशी 29 सितंबर तक प्रचार कर पाएंगे।

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घाटी में शांतिपूर्वक चुनाव करवाने के लिए आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। जिला परिषद में एक वार्ड को छोड़ सभी नौ वार्डों से भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के अलावा आजाद प्रत्याशी भी मैदान में हैं। लिहाजा, जिप चुनाव दिलचस्प होने के आसार हैं। जिला पंचायत अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सोमवार को पहले चरण के चुनाव के लिए प्रचार अभियान थम गया है। सभी बूथों के लिए पोलिंग टीमें केलांग से रवाना कर दी गई हैं। इसके अलावा चंबा के पांगी में भी चुनाव प्रचार थम गया है। 

केलांग की तीनों ग्राम पंचायत में महिलाएं संभालेंगी चुनाव की कमान
 पंचायतीराज संस्थाओं में 29 सितंबर को निर्वाचन के पहले चरण के लिए सोमवार को 170 मतदान दल रवाना कर दिए गए। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. केवल राम ने बताया कि पहले चरण के मतदान के लिए 295 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। दूसरे चरण में 125 केंद्रों पर एक अक्तूबर को मतदान होगा। बताया कि 295 मतदान केंद्रों में से 18 मतदान केंद्र संवेदनशील और 277 सामान्य मतदान केंद्र घोषित किए गए हैं। इन मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे के बीच मतदान होगा। विकास खंड केलांग की तीन ग्राम पंचायतों केलांग, उदयपुर और जालमा के लिए केवल महिलाओं को ही सहायक निर्वाचन अधिकारी, मतदान दल और सुरक्षा कर्मी के तौर पर तैनात किया जाएगा। बताया कि इन चुनावों में कुल 42 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रधान, उप प्रधान व सदस्यों के मतों की गणना 29 सितंबर को मतदान के तुरंत बाद की जाएगी। वहीं, जिला परिषद व पंचायत समिति के मतों की गणना 4 अक्तूबर को खंड मुख्यालय पर होगी।
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सड़क हादसा: लेह जा रहा ट्रक लुढ़का, चालक और क्लीनर की मौत

पंचायत चुनाव हिमाचल(सांकेतिक)
मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर दारचा के समीप लेह की तरफ जा रहा ट्रक सड़क से लुढ़क गया। हादसे में चालक और क्लीनर की मौत हो गई। घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दारचा से चिकित्सक घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे में गंभीर घायल चालक और क्लीनर को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस केलांग लाई है। मृतकों की पहचान कांशी राम पुत्र नैन सिंह निवासी मंडी और परिचालक अभिषेक चौधरी पुत्र खुशाल चंद मंडी के रूप में हुई है।

बहरहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह करीब छह बजे दारचा के समीप लेह की तरफ जा रहा एक ट्रक (एचीपी-28बी-6069) अनियंत्रित होकर सड़क से लुढ़क गया। हादसे में चालक और क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक मानव वर्मा ने कहा कि दारचा के समीप ट्रक सड़क से लुढ़कने से चालक और क्लीनर की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही दारचा चेकपोस्ट में तैनात पुलिस कर्मियों ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव कब्जे में लिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शिमला: हाईकोर्ट के पास सड़क धंसी, दो पेड़ धराशायी, एक कार क्षतिग्रस्त

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में साफ मौसम में भी भूस्खलन का सिलसिला जारी है। सोमवार दोपहर को प्रदेश हाईकोर्ट के स पास सड़क धंस गई। भूस्खलन से देवदार के दो पेड़ भी धराशायी होकर गिर गए। पेड़ों और मलबे की चपेट में आने से एक कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। सड़क धंसने के कारण साथ में दो ढारों को खतरा पैदा हो गया है। पेड़ गिरने के कारण उद्योग भवन की पार्किंग पर रखी पानी की टंकियों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, वन विभाग और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क पर धराशायी पेड़ों को काटकर हटाया। गनीमत रही कि सड़क पर पैदल आवाजाही कर रहे लोग घटना में बाल-बाल सुरक्षित बच गए। डीसी आदित्य नेगी ने मौके का जायजा लिया। 
    घटना सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पेश आई।

बैम्लोई से हाईकोर्ट की सड़क पर उद्योग भवन के ऊपर और हाईकोर्ट के नीचे की सड़क का डंगा अचानक ढह गया। इससे कारण भूस्खलन में दो पेड़ भी मलबे के साथ गिर गए। पेड़ों के धराशायी होने की आवाज सुनकर लोग बाहर आ गए। इस सड़क पर आम तौर पर पैदल लोग आवाजाही करते है। गनीमत रही कि हादसे कोई चोटिल नहीं हुआ। दोपहर तीन बजे तक वन विभाग की टीम ने सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाकर सड़क को बहाल किया। बता दें कि रविवार को शहर के उपनगर पंथाघाटी में भूस्खलन होने के बाद सड़क पर आए मलबे से दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं थी। इससे पहले रिच माउंट के पास भी सड़क का डंगा ढह गया था। इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है।
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हिमाचल में बंद होंगे दूरदर्शन के सात टावर, प्रसार भारती ने लिया फैसला

हिमाचल प्रदेश में दूरदर्शन के सात टावर बंद किए जा रहे हैं। प्रसार भारती ने अब स्थलीय प्रसारण बंद करने का निर्णय लिया है। अब एंटीना पर दूरदर्शन का प्रसारण नहीं होगा। डीटीएच और केबल तकनीक आने के चलते यह निर्णय लिया गया है। 31 अक्तूबर 2021 से कुल्लू टावर के स्थलीय प्रसारण बंद हो जाएंगे। 31 मार्च, 2022 तक सभी टावरों को बंद कर दिए जाएगा। दूरदर्शन शिमला के केंद्र निदेशक विकास भट्ट ने इसकी पुष्टि की है। प्रदेश में दूरदर्शन के स्थलीय प्रसारण के लिए सात टॉवर लगाए गए हैं। इनमें एचपीटी के तीन टावर शिमला, कसौली और धर्मशाला में हैं। एलपीटी टावर बिलासपुर, मंडी, कुल्लू और मनाली में हैं। चूंकि अब तकनीक बदल गई है। अब सेटेलाइट से डीटीएच के माध्यम से प्रसारण हो रहा है या फिर केबल नेटवर्क से प्रसारण हो रहा है, इसलिए इन टावरों को बंद किया जा रहा है। 

तकनीकी कर्मचारियों पर भी आया संकट 
स्थलीय प्रसारण बंद करने से दूरदर्शन के तकनीकी कर्मचारियों पर भी संकट खड़ा हो गया है। 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर तबादले की गाज गिर सकती है। इन्हें हिमाचल प्रदेश से बाहर भी स्थानांतरित किया जा सकता है। इसलिए कर्मचारी टावर बंद करने का विरोध कर रहे हैं। 
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हिमाचल में पहली बार बंद का व्यापक असर, जगह-जगह किया चक्का जाम, एचआरटीसी को एक करोड़ का नुकसान

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के भारत बंद का पहली बार हिमाचल प्रदेश में व्यापक असर देखने को मिला है। सोमवार को सभी जिला मुख्यालयों में किसानों-बागवानों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश भर में जगह-जगह चक्का जाम किया गया। बाजार भी बंद रहे। किन्नौर में टापरी फल मंडी आधा दिन बंद रखी गई। बाहरी राज्यों के लिए दोपहर बाद 4:15 बजे तक बसें नहीं भेजी गईं। प्रदेश के 28 डिपुओं से परिवहन निगम ने परवाणू तक ही बसें भेजीं। इससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रविवार रात को रूटों पर रवाना कई बसें दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में फंसी रहीं। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ से गए ट्रक भी हरियाणा और पंजाब की सीमा पर खड़े रहे। 

राजधानी शिमला की विक्ट्री टनल पर सोमवार दोपहर दो घंटे किसानों-बागवानों ने चक्का जाम किया। ठियोग में तीन घंटे वाहनों के पहिये थमे रहे। इस दौरान बाजार भी बंद रहा। कोटखाई में चक्का जाम और बाजार बंद रहे। रामपुर में धरना-प्रदर्शन हुआ। यहां करीब 20 मिनट चक्का जाम किया गया। रोहड़ू में भी चक्का जाम कर बाजार बंद रखा गया। जुब्बल में धरना-प्रदर्शन हुआ। रामपुर के मशनू-दोफदा-फूंजा में दुकानें बंद रहीं। ऊना में एमसी पार्क से लेकर बचत भवन तक रोष रैली निकालकर शहीद भगत सिंह चौक पर चक्का जाम किया गया। एक किसान ने बस पर चढ़कर यातायात रोक दिया। कुल्लू के ढालपुर चौक पर भी आधा घंटा चक्का जाम किया गया। किन्नौर में कांग्रेस ने भी प्रदर्शन किया।  

कहां क्या हुआ 
सोलन : सोलन, धर्मपुर, कुनिहार सहित बीबीएन, नालागढ़ में प्रदर्शन। सुबह के समय दुकानेें बंद रहीं, लेकिन दोपहर बाद खुल गईं  
मंडी : पंजाब के रूटों पर चलने वाली बसों के 26 रूट बाधित रहे। जिला भर में धरना-प्रदर्शन ऊना : बाजार खुले रहे। पंजाब जाने वाले सभी वाहनों की आवाजाही ठप रही। जिला मुख्यालय में किसान सभा ने प्रदर्शन किया
हमीरपुर : मुख्य बाजार से होते हुए गांधी चौक तक रैली निकाली गई 
बिलासपुर : हिमाचल के प्रवेश द्वार स्वारघाट बस अड्डा चौक पर करीब डेढ़ घंटा धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम
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हिमाचल: दुर्गम इलाकों में दवा और राशन ड्रोन से पहुंचाने की तैयारी

विषम भौगोलिक परिस्थिति के बावजूद लोगों तक जन सुविधाएं पहुंचाने में जुटी जयराम सरकार अब कठिनाई भरे इलाकों में ड्रोन का इस्तेमाल कर दवाएं और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने की तैयारी कर रही है।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रोन पॉलिसी को और लचीला बनाने व सरकारों व लोगों को इसके प्रयोग को बढ़ाने की बात कहने के बाद प्रदेश के मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने इस संबंध में एक बैठक की है। 

बैठक के बाद सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक मुकेश रेपसवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है जो एक एक्शन प्लान तैयार कर रहे हैं। इसके लिए उन राज्यों से भी संपर्क साधा जाएगा, जहां पर ड्रोन का किसी तरह की सेवा के लिए सफल उपयोग किया गया है।

प्लान में उन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिनमें ड्रोन की सेवाएं ली जा सकती हैं। चूंकि हिमाचल में पहले ही मुश्किल रास्तों और क्षेत्रों की भरमार है। ऐसे में इन क्षेत्रों में दवा, राशन के अलावा आपदा के समय किसी भी तरह की सप्लाई, कृषि व बागवानी में इस्तेमाल होने वाले छिड़काव के अलावा पीडब्ल्यूडी जैसे महकमों में सर्वे के लिए ड्रोन के प्रयोग की संभावनाओं की एक रिपोर्ट बनाई जाएगी।

इस रिपोर्ट को सरकार को भेजा जाएगा और जरूरत के अनुसार हिमाचल में ड्रोन की मदद से लोगों की जिंदगी की मुश्किलों को आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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