पौंग में 318 और प्रवासी पक्षियों की मौत, 4,020 पहुंचा आंकड़ा

अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला/सुंदरनगर/नादौन/ऊना Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 09 Jan 2021 10:43 PM IST
पौंग बांध में फैले बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत।
पौंग बांध में फैले बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत। - फोटो : अमर उजाला
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पौंग बांध में फैले बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को यहां 318 और प्रवासी पक्षियों ने दम तोड़ दिया। पौंग बांध वन्य जीव अभयारण्य में मृत प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़कर 4020 पहुंच गई है। मंडी जिला के सुंदरनगर के दयोली गांव में भी शनिवार को जंगल बैबलर नाम के चार पक्षी एक ही जगह मृत मिले हैं। हमीरपुर के नादौन के जोल सप्पड़ में चमगादड़ जबकि अस्पताल के निकट मरा हुआ कबूतर मिला है। इनकी मौत का कारण अभी साफ नहीं है। 
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वहीं, पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कहीं भी मुर्गे-मुर्गियों में बर्ड फ्लू का मामला सामने नहीं आया है। मुर्गों के 110 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिलहाल पोल्ट्री फार्म के पक्षियों में कोई खतरा नहीं है। सरकार ने बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीमें तैनात की हैं। मंत्री ने बताया कि कांगड़ा में मरने वाले प्रवासी पक्षियों में सबसे ज्यादा संख्या बार हेडेड गीज की है।


जिला कांगड़ा में विभाग की 55 रैपिड रिस्पांस टीमें और वन्य जीव विभाग की 10 टीमें लगातार निगरानी का कार्य कर रही हैं। कांगड़ा के अतिरिक्त मंडी, बिलासपुर व सिरमौर जिलों में भी जंगली पक्षियों की मौत के मामले सामने आए हैं लेकिन, कोई भी मौत एवियन फ्लू से होने की पुष्टि नहीं हुई है। केंद्र से विशेषज्ञों का एक दल रविवार को कांगड़ा जिला में पहुंच रहा है। इस दल के साथ हिमाचल प्रदेश पशु पालन विभाग के पैथोलॉजिस्ट डॉ. विक्रम सिंह, सह निदेशक डॉ. रवि प्रकाश, उप-निदेशक डॉ. संजीव धीमान भी कार्य करेंगे।

पौंग बांध में मरे पक्षियों की खोज के लिए देंगे और बोट
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रवासी पक्षियों के बाद कौवों की बर्ड फ्लू से मौत के मामले बेहद घातक हैं। इससे रिहायशी क्षेत्रों में बर्ड फ्लू की दस्तक का खतरा बढ़ गया है। पौंग झील में प्रवासी पक्षियों के उचित निपटान के लिए तीन या चार मोटर बोट उपलब्ध हैं।

इस कारण मरे हुए पक्षियों को ढूंढने में मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। पौंग बांध में सक्रिय टीमों का कामकाज इस कमी से प्रभावित न हो, इसलिए जल्द ही कुछ और बोट मुहैया कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष अब यह चुनौती है कि कोरोना काल से ठप पड़े पर्यटन व्यवसाय को बर्ड फ्लू की मार से कैसे बचाया जा सके।

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