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Brain stroke: एमआरआई नहीं, माथे पर बैंड लगाकर चल जाएगा ब्रेन स्ट्रोक का पता, आईआइटी मंडी के शोध में खुलासा

संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Thu, 29 Sep 2022 10:05 PM IST
सार

वर्तमान में एमआरआई और सीटी स्कैन को स्ट्रोक का पता लगाने का सबसे सटीक परीक्षण माना जाता है। ये टेस्ट महंगे होने के कारण भारत की बड़ी आबादी की पहुंच से परे हैं। 

आईआईटी मंडी के वैज्ञानिक ब्रेन स्ट्रोक मशीन के साथ।
आईआईटी मंडी के वैज्ञानिक ब्रेन स्ट्रोक मशीन के साथ। - फोटो : संवाद
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विस्तार

एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे महंगे टेस्ट के बिना भी अब जानलेवा ब्रेन स्ट्रोक का तुरंत पता लग सकेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीएमआईईआर) चंडीगढ़ ने मिलकर शोधकर हैड बैंड की तरह का ऐसा आसान, पोर्टेबल और सस्ता उपकरण तैयार किया है, जिसे माथे पर लगाने से मस्तिष्क का टेस्ट हो सकेगा और रिपोर्ट भी तुरंत मिलेगी। खास यह है कि इस उपकरण को कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसका शोधपत्र सेंसर जर्नल इंस्टीट्यूट ऑफइलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स (आईईईई) यूएसए में प्रकाशित हुआ है। बता दें कि वर्तमान में एमआरआई और सीटी स्कैन को स्ट्रोक का पता लगाने का सबसे सटीक परीक्षण माना जाता है। ये टेस्ट महंगे होने के कारण भारत की बड़ी आबादी की पहुंच से परे हैं। यही नहीं, एक सर्वे के अनुसार देश में प्रत्येक 10 लाख लोगों पर केवल एक एमआरआई सेंटर है। 



इन वैज्ञानिकों ने किया काम
इस शोध पर एसोसिएट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग आईआईटी मंडी डॉ. शुभजीत रॉय चौधरी, शोधार्थी दालचंद अहिरवार, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च चंडीगढ़ के डॉ. धीरज खुराना ने काम किया है। 


भारत में 40 वर्ष से कम के हो रहे शिकार
इस्केमिक या ब्रेन स्ट्रोक का भारतीय आंकड़ा चिंताजनक है। औसतन 500 भारतीयों में से एक को स्ट्रोक का खतरा रहता है। सर्वे बताते हैं कि स्ट्रोक के कुल मामलों में लगभग 10 से 15 प्रतिशत 40 वर्ष से कम उम्र वालों के हैं।

इस तरह काम करता है डिवाइस
डॉ. चौधरी बताते हैं कि एक छोटा वियरेबल डिवाइस डिजाइन विकसित किया है, जो नियर इन्फ्रा रेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (एनआईआरएस) डायोड एलईडी के उपयोग से इस्केमिक स्ट्रोक का पता लगाने के लिए 650 से 950 नैनीमीटर रेंज में प्रकाश उत्सर्जन करता है। यह प्रकाश खून के रंगीन घटकों जैसे हीमोग्लोबिन से प्रतिक्रिया करता है और खून के विशेष लक्षणों ऑक्सीजन सैचुरेशन, ऑक्सीजन उपयोग और खून की मात्रा का सूचक आदि बताता है।

यह है इस्केमिक स्ट्रोक  
स्ट्रोक का सबसे आम प्रकार इस्केमिक है। यह तब होता है जब मस्तिष्क के ब्लड वेसेल्स के संकुचित हो जाने से खून का संचार कम हो जाता है। कुछ शुरुआती शोधों से पता चला है कि कोविड-19 संक्रमण इस्केमिक स्ट्रोक का संभावित कारण हो सकता है। 
 

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