हिमाचल में पीजी करने के पांच साल बाद मिलेगी डॉक्टरों को अब डिग्री

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 06 Dec 2018 10:25 AM IST
doctors will now get a degree after Five years of getting PG in Himachal
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हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में पीजी करने वाले डॉक्टरों को पांच साल सेवाएं देने के बाद डिग्री मिलेगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों को बाहरी राज्यों में जाने से रोकने के लिए सरकार कानून में संशोधन करने जा रही है।
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हिमाचल कोटे से पीजी करने वाले कई डाक्टर बांड तोड़कर दूसरे राज्यों में सेवाएं देने चले जाते हैं। इन्हें रोकने के लिए सरकार ने नियमों को कड़ा करने का निर्णय लिया है।


दूसरी ओर एमबीबीएस के बाद प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को पीजी के लिए 10 अतिरिक्त अंक मिलेंगे। मंत्रिमंडल की अगली बैठक में इस मामले को लाया जा रहा है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बुधवार को मीट द प्रेस में दी।

हिमाचल में आयुर्वेद एम्स खोलने पर विचार : परमार

उन्होंने कहा कि सरकार डाक्टरों के रिक्त पद जल्द भरने जा रही है। डॉक्टरों के 200 पदों को चयन कमीशन के माध्यम से भरा जा रहा है। आईजीएमसी और टांडा कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे करीब पौने दो सौ डॉक्टरों का बैच अगले साल पास आउट हो रहा है।

वॉक-इन-इंटरव्यू के तहत भी डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। 14 दिसंबर को टांडा और 17 को शिमला में वॉक इन इंटरव्यू होंगे। हिमाचल में हेलीटैक्सी सेवाएं शुरू की जाएंगी। सरकार ने इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। 

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा है कि हिमाचल में सरकार आयुर्वेद एम्स खोलने पर विचार कर रही है। इसका प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेज दिया है। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद इस पर काम शुरू किया जाएगा। पांगी के बाद अब भरमौर अस्पताल को भी टेली मेडिसिन सेवा से जोड़ा जा रहा है।

तीन माह में बनेंगे हिम हेल्थकेयर कार्ड

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिम हेल्थ केयर स्कीम के कार्ड तीन महीनों के भीतर बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य देखभाल और एचपी यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन योजना को समायोजित कर बनाई नई हिम हेल्थकेयर योजना का पोर्टल तैयार करने का काम जारी है।

लोकमित्र केंद्रों में कार्ड बनाने के लिए लोगों को 50 रुपये की फीस चुकानी होगी। इस योजना में आयुष्मान भारत योजना में छूट चुके लोग शामिल होंगे। योजना के तहत प्रति परिवार के पांच सदस्यों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का कैशलेस उपचार कवरेज मिलेगा।

इसमें एकल नारी, 80 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग, 70 फीसदी तक के दिव्यांग, अनुबंध कर्मी, आंगनबाड़ी कर्मी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मी इस योजना में शामिल होंगे। तनख्वाह लेने वाले कर्मचारी इस स्कीम के दायरे में नहीं आएंगे।
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