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पुलिस रिवाइज पे बैंड मामला: परिजनों के हंगामे के बाद अब जागा पीएचक्यू, आईजी सीटीएस की अध्यक्षता में कमेटी गठित

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 05 Dec 2021 10:21 PM IST

सार

कमेटी एक हफ्ते के भीतर विभिन्न पहलुओं पर मंथन व विचार करने के बाद अपनी सिफारिशों के साथ सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
पुलिस मुख्यालय ने कमेटी का गठन किया।
पुलिस मुख्यालय ने कमेटी का गठन किया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

वर्ष 2015 के बाद भर्ती हजारों पुलिस कांस्टेबलों को संशोधित पे बैंड देने की मांग प्रदेश सरकार के लिए गले की फांस बन गई है। रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने कांस्टेबलों के परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच के लिए एडीजी कानून व्यवस्था अशोक तिवारी को बिलासपुर भेज दिया है।
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संशोधित पे बैंड पर भी पुलिस मुख्यालय की नींद टूटी है। इस मामले के लिए आईजी सीटीएस आनंद प्रताप सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी एक हफ्ते के भीतर विभिन्न पहलुओं पर मंथन व विचार करने के बाद अपनी सिफारिशों के साथ सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। 


कमेटी में चेयरमैन आनंद प्रताप सिंह के अलावा आईजी एडमिन डीके यादव, आईजी एपीएंडटी जेपी सिंह और पीएचक्यू के उप वित्त नियंत्रक विकास गुप्ता को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी सभी पक्षों से लिखित में प्रस्ताव लेगी। इसके बाद पुलिस एक्ट, पुलिस रूल के प्रावधानों और सरकार की ओर से जारी निर्देशों का अध्ययन कर सरकार और पुलिस मुख्यालय के स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों की सिफारिश करेगी।

इसके अलावा कमेटी अन्य विभागों में पे स्केल, नियमितीकरण से जुड़े विषय का भी अध्ययन करेगी। कमेटी बनने के बाद अब नाराज पुलिस कर्मियों के लिए पीएचक्यू की ओर से आधिकारिक तौर पर सरकार के पास अपनी बात पहुंचाने का रास्ता खोल दिया गया है।

एसपी बिलासपुर से रिपोर्ट तलब
लुहणू हेलीपैड के बाहर नड्डा के काफिले के सामने जो हंगामा हुआ, उस पर एसपी बिलासपुर से सोमवार सुबह 10:00 बजे तक पुलिस मुख्यालय ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वीआईपी विजिट के दौरान होने वाली लापरवाही पर जांच के लिए भेजे गए एडीजी कानून व्यवस्था अशोक तिवारी डीजीपी संजय कुंडू को 7 दिसंबर सुबह 11:00 बजे तक रिपोर्ट सौंपेंगे। तिवारी मौके पर रहे हालात और वीआईपी प्रोटोकॉल से संबंधित येलो बुक के उल्लंघन व अन्य सुरक्षा दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की जांच करेंगे।

बढ़ सकती है तकरार
पुलिस कर्मचारियों के परिजनों पर एफआईआर से तकरार बढ़ने की आशंका प्रबल हो गई है। पुलिस कर्मियों को जहां 24 नवंबर से मेस बहिष्कार के बाद भी ठोस कदम उठता नहीं दिख रहा है, वहीं एफआईआर दर्ज करने से बात और बिगड़ती दिख रही है। हालांकि संशोधित पे बैंड के लिए मंथन को कमेटी बनाकर पुलिस मुख्यालय ने सरकार और सिपाहियों के बीच बढ़ रही खाई को पाटने की कोशिश की है।

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