Vivah Panchami 2021: जानिए विवाह की अड़चनों को दूर करने के लिए किन मंत्रों का करें जाप

धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 08 Dec 2021 07:59 AM IST
Vivah Panchami 2021: जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हो या फिर बिलंब हो रहा हो उन्हें विवाह पंचमी के दिन व्रत रखना चाहिए एवं विधि-विधान के साथ भगवान राम और माता सीता का पूजन करना चाहिए।
Vivah Panchami 2021: जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हो या फिर बिलंब हो रहा हो उन्हें विवाह पंचमी के दिन व्रत रखना चाहिए एवं विधि-विधान के साथ भगवान राम और माता सीता का पूजन करना चाहिए।
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Vivah Panchami 2021: आज विवाह पंचमी है। इस तिथि पर भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था। प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष की शुक्ल पंचमी को राम मंदिरों में विशेष उत्सव मनाया जाता है। अयोध्या में इस दिन को बड़े महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी, बुधवार 8 दिसंबर को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन का विशेष महत्व है। इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का विवाह माता सीता के साथ हुआ था। हर साल इस दिन को भगवान राम और माता सीता की शादी की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सीता-राम के मंदिरों में विशाल आयोजन होते हैं। भक्त पूजा, यज्ञ और अनुष्ठान एवं रामचरितमानस का पाठ करते हैं।
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विवाह की अड़चन होती हैं दूर
जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हो या फिर बिलंब हो रहा हो उन्हें विवाह पंचमी के दिन व्रत रखना चाहिए एवं विधि-विधान के साथ भगवान राम और माता सीता का पूजन करना चाहिए। इसी के साथ प्रभु श्रीराम और माता-सीता का विवाह सम्पन्न करवाना चाहिए। पूजन सम्पन्न होने के बाद भगवान से अपनी मनोकामना पूर्ण होने की विनती करनी चाहिए। मान्यता है कि इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं साथ ही योग्य जीवन साथी मिलता है एवं विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं।


रामचरितमानस पाठ करना है लाभकारी
शास्त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष की पंचमी को ही गोस्वामी तुलसीदासजी ने अति दिव्य ग्रंथ रामचरितमानस पूर्ण की थी, साथ ही रामजी और सीताजी का विवाह भी इसी दिन हुआ था इसलिए विवाह पंचमी के दिन रामचरितमानस का पाठ करना बेहद शुभकारी है।  

कष्ट होंगे दूर
आज के दिन भगवान श्रीराम का विधिवत पूजन और सांकेतिक रूप से या उत्सव के रूप में भगवान का विवाह सीताजी से कराया जाए तो जीवन में सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। जिनके वैवाहिक जीवन में संतान या परिवार से सम्बंधित कोई भी समस्या है, वे इस दिन श्रीराम और सीताजी का पूजन करके श्रीराम रक्षा स्रोत का पाठ करें तो अवश्य लाभ होगा।

इन मंत्रों का करें जप
भगवान राम और माता सीता का मन में ध्यान करके तुलसी की माला से यथाशक्ति इस मंत्र का  "ॐ जानकीवल्लभाय नमः" मंत्र का जाप करें। इनमें से किसी भी एक दोहे का जाप करना लाभकारी होगा। जप करने के बाद शीघ्र विवाह या सुखद वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें।
  
प्रमुदित मुनिन्ह भावंरीं फेरीं। नेगसहित सब रीति निवेरीं॥
राम सीय सिर सेंदुर देहीं। सोभा कहि न जाति बिधि केहीं॥1

पानिग्रहन जब कीन्ह महेसा। हियं हरषे तब सकल सुरेसा॥
बेदमन्त्र मुनिबर उच्च रहीं। जय जय जय संकर सुर करहीं॥2

सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी॥
नारद बचन सदा सुचि साचा। सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा॥३

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