लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Sports ›   Football ›   Football players got emotional after remembering a 45-year-old match with Pele, the match was drawn 2-2

Football: पेले के साथ 45 साल पुराना मैच याद कर भावुक हुए फुटबॉल खिलाड़ी, 2-2 से ड्रॉ हुआ था मैच

अमर उजाला, एन. अर्जुन, कोलकाता Published by: शक्तिराज सिंह Updated Thu, 29 Sep 2022 10:59 PM IST
सार

45 साल पहले हुए इस मैच को देखने के लिए इडेन गार्डन पर 75 हजार से ज्यादा दर्शक मैदान पर पहुंचे थे। हर कोई पेले की एक झलक पाने को बेकरार था।
 

ब्राजील के पूर्व फुटबॉलर पेले
ब्राजील के पूर्व फुटबॉलर पेले - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

सितंबर 1977 में इडेन गार्डेन पर एक ऐतिहासिक फुटबॉल मैच खेला गया था। यह मैच इसलिए ऐतिहासिक है, क्योंकि इसमें फुटबॉल के भगवान कहे जाने वाले फुटबॉलर पेले खेले थे। यह पहला मौका था जब पेले भारत खेलने आए थे। बड़ी बात यह थी कि उस मैच में मोहन बागान ने पेले के कॉस्मॉस क्लब के विजय रथ को 2-2 से ड्रा खेलकर रोका था। उस मैच में मोहन बागान के कोच प्रसिद्ध फुटबॉलर पीके बनर्जी और कप्तान सु ब्रतो भट्टाचार्य थे। 24 सितंबर, 1977 को खेले गए इस मैच को कोलकाता में एक बार फिर याद किया गया। इस मुकाबले को याद कर गुजरे जमाने के फुटबॉलर भावुक हो गए। 


हर कोई पेले को देखने के लिए उतावला था
पूर्व फुटबॉलर और तृणमूल कांग्रेस सांसद प्रसून बनर्जी  ने इस मैच से जुड़े पूर्व फुटबॉलरों को एकत्र कर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में सभी दिवंगत खिलाड़ियों को याद किया गया। प्रसुन बनर्जी ने बताया कि उस दिन आम फुटबॉल प्रेमियों की छोड़िए खुद मोहन बागान के खिलाड़ी पेले को देखने के लिए उतावले थे।


श्याम थापा ने किया था पहला गोल
श्याम थापा ने कहा कि हर कोई पेले को देखना चाहता था। मैच शुरू हुआ तो पहले हाफ के शुरुआत के 17वें मिनट में कार्लोस अलबर्टो ने पहला गोल
दाग दिया। इसके एक मिनट बाद ही उन्होंने ने पहला गोल कर मैच को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। थोड़ी देर बाद मोहन बागन के हबीब ने एक और गोल कर मेजबानों को 2-1 की बढ़त दिला दी। बाद में कॉस्मॉस ने दूसरा गोल कर मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर ला दिया।

पेले को छूकर देखना चाहते थे खिलाड़ी
श्याम थापा याद करते हैं कि लोग तो लोग मैं और हमारे टीम के साथी एक बार पेले को छूकर देखना चाहते थे। सभी उनके पीछे-पीछे भाग रहे थे। 10 नंबर की जर्सी में पेले खेलने मैदान में उतरे थे। 75  हजार से अधिक दर्शक मैदान के अंदर थे और बाहर कितने खड़े थे इसका अंदाजा नहीं है। बस पेले-पेले की ही आवाज आ रही थी। हर कोई दीवाना था। जब हमारे कई खिलाड़ी पेले को छूने की कोशिश कर रहे थे तो हमारे कोच पी.के.बनर्जी ने हमें डांट लगाते हुए कहा था, यह क्या कर रहे हो। अपना खेल खेलो। 

फ्रेंज बेकेनबावर के साथ नहीं खेल पाने का दुख
उस समय के मोहन बागान के टीम के कप्तान सुब्रतो भट्टाचार्य ने कहा, कॉस्मॉस क्लब अमेरिका में फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। उसमें दुनिया भर के टॉप फुटबॉल खिलाड़ी शामिल थे। यही टीम एशिया के दौरे पर आई थी, जिसमें पेले भी थे। उनकी टीम में एक और जर्मनी के प्रसिद्ध खिलाड़ी फ्रेंज बेकेनबावर जो पेले जितने ही महान खिलाड़ी थे, जापान से इसलिए नाराज होकर वापस लौट गए क्योंकि सभी बस पेले का ही नाम ले रहे थे। उनके साथ नहीं खेल पाने का हमें हमेशा दुख रहेगा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00