पलटवार: विनेश फोगाट ने कुश्ती संघ के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- एक पदक हारते ही लोगों ने उन्हें निर्जीव समझ लिया

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Fri, 13 Aug 2021 03:07 PM IST

सार

भारत की शीर्ष महिला पहलवान विनेश फोगाट लगातार चर्चा में बनी हुई है। टोक्यो से लौटने के बाद उन्हें भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) ने अनुशासनहीनता की वजह से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। तमाम आलोचनाओं के बाद अब फोगाट ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
विनेश फोगाट
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विस्तार

टोक्यो ओलंपिक समाप्त हो चुका है और सभी भारतीय खिलाड़ी स्वदेश लौट चुके हैं। वतन वापसी के बाद लगातार पदक विजेताओं का सम्मान और स्वागत किया जा रहा है और उनपर धनवर्षा भी हो रही है। लेकिन इन सबके बीच भारत की शीर्ष महिला पहलवान विनेश फोगाट भी लगातार चर्चा में बनी हुई है। टोक्यो से लौटने के बाद उन्हें भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) ने अनुशासनहीनता की वजह से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया और 16 अगस्त तक अपना पक्ष रखने का समया दिया।
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मैं एकदम खाली महसूस कर रही हूं

तमाम आलोचनाओं के बाद अब फोगाट ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस में अपना पक्ष रखने के साथ-साथ फेडरेशन पर भी सवाल उठाए हैं। फोगाट ने कहा है कि एक पदक हारते ही लोगों ने उन्हें निर्जीव समझ लिया। विनेश ने कहा कि उनके दिमाग में फिलहाल दो तरीके के ख्याल चल रहे हैं। एक ख्याल कहता है कि उन्हें अब कुश्ती से दूर हो जाना चाहिए तो वहीं दूसरा ख्याल कहता है कि बिना लड़े दूर होना उनकी सबसे बड़ी हार होगी। उन्होंने आगे कहा, 'ऐसा लग रहा है कि मैं सपने में सो रही हूं। पिछले एक हफ्ते से मेरे अंदर काफी कुछ चल रहा है। मैं एकदम खाली महसूस कर रही हूं।'

साथी खिलाड़ियों की चिंता

विनेश ने डब्ल्यूएफआई के आरोपों पर भी पलटवार किया और अपना पक्ष रखा। दरअसल संघ ने कहा था कि विनेश ने अपने साथी पहलवानों के साथ रहने और ट्रेनिंग करने से इंकार किया था। इसपर फोगाट ने कहा, 'भारतीय खिलाड़ियों की लगातार टेस्टिंग हो रही थी और मेरी टेस्टिंग नहीं हुई थी। मैं केवल उन्हें सुरक्षित रखना चाहती थी। बाद में मैंने सीमा के साथ ट्रेनिंग भी की थी, ऐसे में उन्होंने कैसे आरोप लगा दिया कि मैं टीम के साथ नहीं रहना चाहती थी।

मैच से पहले उल्टियां हो रही थीं

विनेश ने खुलासा किया कि मुकाबले से एक दिन पहले उन्होंने कुछ खाया नहीं था और उन्हें उल्टियां हो रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि वह लगातार उल्टी महसूस होने के कारण कुछ खा नहीं पा रही थीं। उन्होंने कहा, 'दूसरे मैच में मुझे पता था कि मैं हार रही हूं, लेकिन मैं कुछ कर नहीं पा रही थी। मेरा दिमाग इस तरह बंद हो गया था कि मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी।'

पता नहीं कब मैट पर वापसी करूंगी

विनेश पूरे प्रकरण और टोक्यो ओलंपिक की हार से काफी ज्यादा निराश हैं और वह टोक्यो से लौटने के बाद केवल एक बार सो सकी हैं। वह गांव में अकेले टहलती रहती हैं। उन्होंने बताया, 'मुझे नहीं पता कि मैं कब मैट पर वापसी करूंगी। शायद मैं वापसी ना करूं। मुझे लगता है कि मैं टूटे पैर के साथ ही अच्छी थी। मुझे कुछ सही करना था। अब मेरा शरीर नहीं टूटा है बल्कि मैं पूरी तरह से टूट चुकी हूं।'

बता दें कि विनेश इस बार टोक्यो में भारत की तरफ से महिला कुश्ती में पदक की प्रबल दावेदार थीं लेकिन उन्हें क्वार्टरफाइनल में बेलारूस की खिलाड़ी वेनेसा के हाथों हारकर बाहर होना पड़ा था।
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