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साप्ताहिक स्वास्थ्य राशिफल 16 से 22 मई : कन्या राशि समेत इन पांच राशियों के लोगों को रखना होगा खास ख़्याल
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साप्ताहिक स्वास्थ्य राशिफल 16 से 22 मई : कन्या राशि समेत इन पांच राशियों के लोगों को रखना होगा खास ख़्याल

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आगरा : 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी, पेड़ टूटे, बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा

शुक्रवार को दिन में तेज धूप रही, लेकिन शाम को मौसम बादला। 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आई, जिसमें सड़क किनारे लगे होर्डिंग और पेड़ उखड़ कर टूट गए। धूल भरी तेज आंधी के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया, उसके तुरंत बाद तेज बारिश शुरू हो गई। महज 20 मिनट तक बारिश हुई, लेकिन सुल्तानगंज फ्लाईओवर के पास और नेशनल हाईवे पर सिकंदरा, गुरु का ताल समेत कई जगह जलभराव हो गया।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में पारा सामान्य से 3 डिग्री नीचे था तो रात में यह एक डिग्री कम रहा। शुक्रवार शाम को 20 मिनट में ही 8 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से निजात मिली और मौसम खुशनुमा हो गया। 

हालांकि आंधी और बरसात के बीच ताजनगरी में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई जो बारिश के बाद धीमे धीमे अलग-अलग इलाकों में चालू कर दी गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। दिन और रात के तापमान में इजाफा हो सकता है।

आंधी-बारिश से उखड़े टेंट, टूटे खंभे
बरहन और फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में शुक्रवार की शाम आंधी के साथ बारिश हुई। सीकरी में ओले भी गिरे। तेज हवाओं से शादियों के आयोजन के लिए लगाए गए टेंट उखड़ गए। वहीं पेड़, बिजली के खंभे टूट गए। इससे बरहन समेत आसपास के कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अहारन, बरहन, आंवलखेड़ा, खांडा, कनराऊ आदि में पेड़ों के टूटकर गिरने से करीब घंटेभर तक जलेसर मार्ग बाधित रहा। 
अस्पताल के मनमाने बिल की करें शिकायत: 24 घंटे में समाधान, आईएमए का हेल्पलाइन नंबर जारी, शिकायत प्रकोष्ठ बनाया
ये भी पढ़ें- ब्लैक फंगस: एक और मरीज में मिला संक्रमण, एसएन में कराया भर्ती, अस्पताल में नहीं हैं दवाइयां
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ब्लैक फंगस: एक और मरीज में मिला संक्रमण, एसएन में कराया भर्ती, अस्पताल में नहीं हैं दवाइयां

आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस की बीमारी का एक और मरीज (पुरुष) शुक्रवार को पहुंचा। उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उसमें बीमारी अधिक फैल चुकी है। इससे पहले एक महिला मरीज में सीटी स्कैन की रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है। 

मेडिकल कॉलेज के वाह्य रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि दूसरा मरीज भी बाहर से आया है। पहले उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। स्थिति बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इस मरीज का भी अलग रखकर इलाज किया जाएगा। जिससे अस्पताल में भर्ती दूसरे मरीजों पर असर न पड़े। वहीं, पहले से भर्ती महिला मरीज में भी शुक्रवार को ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। उसकी सीटी स्कैन की रिपोर्ट मिल गई। उसे दवा की पहली डोज दी जा चुकी है। महिला की कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 

डॉ. आशीष गौतम का कहना है कि अभी तक मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के दो मामले आए हैं, दोनों ही बाहर के हैं। महिला भी मुजफ्फरनगर से आई थी। एसएन में भर्ती किसी कोरोना संक्रमित मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण नहीं मिले हैं। यह अच्छी बात है। 
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अस्पताल के मनमाने बिल की करें शिकायत: 24 घंटे में समाधान, आईएमए का हेल्पलाइन नंबर जारी, शिकायत प्रकोष्ठ बनाया

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से एक शिकायत प्रकोष्ठ का गठन किया है। इसमें आईएमए के सदस्य अस्पतालों में इलाज और बिल के संबंध में शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। सेल 24 घंटे के अंदर शिकायतों का निस्तारण करेगा। हेल्पलाइन नंबर 9412516515 पर फोन करके सहायता ली जा सकती है। 

अस्पतालों की इलाज और अधिक बिल वसूले जाने के संबंध में लगातार शिकायतें हो रही हैं। जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायतें भेजी जा रही हैं। इस संबंध में शुक्रवार शाम को आईएमए भवन, तोता का ताल में एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ओर से प्रेसवार्ता का आयोजन किया।

अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने कहा कि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत का पूरे विवरण के साथ आईएमए भवन, तोता का ताल में शिकायत पेटिका में डाल सकते हैं। आईएमए की वेबसाइट http://www.imaagra.org पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। किसी सहायता के लिए 8909971071 पर भी संपर्क किया जा सकता है। वार्ता में डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. आरएम पचौरी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, डॉ. पंकज नागायच, डॉ. सचिन मल्होत्रा, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. शरद गुप्ता मौजूद रहे।
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आगरा में कोरोना: संक्रमण की रफ्तार थमी, मौत का सिलसिला जारी, दो और मरीजों ने तोड़ा दम

आगरा में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी आई है, लेकिन संक्रमितों की मौत का सिलसिला नहीं थमा है। बीते 24 घंटे में दो और संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। इससे कुल मृतकों की संख्या 316 हो गई है। शनिवार को 165 नए संक्रमित दर्ज हुए हैं। इतने ही मरीज शुक्रवार को मिले थे। 
 
राहत की बात यह है कि संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर में सुधार हो रहा है। मरीजों की ठीक होने की दर अब 91 फीसदी पर पहुंच गई है। कोरोना की दूसरी लहर में मरीज बढ़ने से अप्रैल में स्वस्थ होने की दर 75 फीसदी रह गई थी। पिछले 24 घंटे में 170 मरीज स्वस्थ हुए हैं। 

प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 812561 लोगों की जांच में 24743 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें 22632 मरीज ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में कोरोना के कुल 1795 सक्रिय मरीज हैं। बीते एक सप्ताह की बात करें तो मरीजों के ठीक होने की दर में लगभग तीन फीसदी तक सुधार हुआ है। 
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आगरा में कोरोना: एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड के बाहर खड़ा स्वास्थ्यकर्मी आगरा में कोरोना: एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड के बाहर खड़ा स्वास्थ्यकर्मी

कोरोना के इलाज के नाम पर 'लूट': आगरा में निजी अस्पतालों ने तय दरों से चार गुना तक अधिक बिल वसूला

आगरा में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में निजी अस्पतालों ने कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज का मनमाना बिल वसूला है। प्रदेश सरकार की ओर से निजी अस्पतालों में इलाज की तय दर से तीन से चार गुना अधिक का बिल बनाया गया। जिनकी लगातार शिकायतें आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन केवल एक अस्पताल को ही डिबार कर सका है। मरीजों की अन्य शिकायतों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा दौरे में ऐसे निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। 

केस-1: 20 दिन के वसूले 8 लाख रुपये
एमजी रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती सुशीला देवी की 30 अप्रैल को मौत हो गई। उनके शव को देने से पहले परिवार से 8 लाख रुपये इलाज के नाम पर ले लिए गए। कोविड संक्रमित बेटी रीता गर्ग ने अब खुद के ठीक होने के बाद मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है कि निजी अस्पताल ने 20 दिन के इलाज के 8 लाख रुपये वसूल कर मां का शव दिया।

केस-2: 8 दिन के 2.56 लाख रुपये लिए
न्यू आगरा स्थित एक अस्पताल में भर्ती अजीत कुमार से 8 दिन के 2.56 लाख रुपये वसूले गए, जबकि वह न वेंटिलेटर पर थे और न ही आईसीयू में। केवल ऑक्सीजन बेड देकर अस्पताल ने ढाई लाख रुपये का बिल बना दिया। पीपीई किट सैनेटाइजर के हर दिन ढाई हजार रुपये और दवाओं के 60 हजार रुपये वसूले गए, जिनमें न तो रेमडेसिविर इंजेक्शन था, न ही अन्य कोई महंगी दवाएं।
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चिकित्सक की सलाह: कोरोना के नाम पर बच्चों को न डराएं, सही जानकारी दें, खानपान का रखें ध्यान

कोरोना संक्रमण काल में बच्चों की विशेष देखभाल करें। इस समय शारीरिक ही नहीं, मानसिक तौर पर भी बच्चों को मजबूत बनाने की जरूरत है। आगरा के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण जैन का कहना है कि इस समय बच्चों को कोरोना के नाम पर डराएं नहीं, उन्हें सही जानकारी दें। बचाव के प्रति जागरूक करते रहें कि वह नाक, होंठ और पलकों को छूने से बचें। 

डॉ. अरुण जैन का कहना है कि कोरोना संक्रमण के संबंध में तमाम नकारात्मक खबरें आ रही हैं। ऐसे में उन्हें डराना नहीं चाहिए। नहीं तो बच्चे तनावग्रस्त और चिड़चिड़े हो जाएंगे। बच्चों को किसी भी कोरोना संक्रमित या फिर खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित व्यक्ति के पास न जाने दें। बच्चों को खूब पानी पिलाएं। समय से पौष्टिक भोजन देते रहें, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। आइसक्रीम व ठंडी चीजें खाने के लिए न दें, जिससे गला खराब हो। 
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राहत: आगरा में कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर 91 फीसदी के पार, नए मामलों में भी कमी

आगरा के लिए राहत की खबर है। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले नए मामले कम हो रहे हैं। वहीं, संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर में भी सुधार हो रहा है। मरीजों की ठीक होने की दर अब 91 फीसदी पर पहुंच गई है। कोरोना की दूसरी लहर में मरीज बढ़ने से अप्रैल में स्वस्थ होने की दर 75 फीसदी रह गई थी। जिले में अब तक 806559 लोगों की जांच में 24585 संक्रमित मिल चुके हैं। 22462 मरीज ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में कोरोना के कुल 1809 सक्रिय मरीज हैं। हालांकि कोरोना की जांच के अनुपात में संक्रमण दर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मरीजों की मौत का सिलसिला भी जारी है। क्रवार को प्रशासन के आंकड़े में तीन मरीजों की मौत दर्ज हुई। 


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43 लाख रुपये लूट का मामला: आरोपी अधिकारी की होगी गिरफ्तारी, पुलिस की टीम गठित

कोविड जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी
आगरा में मथुरा के चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये हड़पने के मामले में वाणिज्य कर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। थाना लोहामंडी में दर्ज केस में भ्रष्टाचार और लूट की धारा लगाई जाएगी। सीओ स्तर के अधिकारी से विवेचना कराई जाएगी। वहीं आरोपी अधिकारी सहित अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन कर दिया गया है। 

मथुरा के गोविंद नगर की महाविद्या कॉलोनी निवासी चांदी कारोबारी प्रदीप अग्रवाल की विनायक ट्रेडर्स के नाम से फर्म है। कारोबारी के मुताबिक 30 अप्रैल की रात को वह चालक राकेश चौहान के साथ बिहार के कटिहार से लौटकर मथुरा जा रहे थे। उनकी गाड़ी में एक थैले में चांदी के जेवरात की बिक्री के 43 लाख रुपये रखे थे। 

लखनऊ एक्सप्रेसवे के फतेहाबाद टोल पर उनकी गाड़ी को रोका गया था। आरोप है कि उन्हें जयपुर हाउस स्थित जीएसटी कार्यालय लाया गया था। जेल भेजने की धमकी देकर 43 लाख रुपये लूट लिए गए थे। पीड़ित की तहरीर पर थाना लोहामंडी में अमानत में खयानत और धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। 
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आगरा: मुख्यमंत्री से चंद मिनटों की मुलाकात, जिंदगी भर रहेगी याद, लाचारीराम बोले- काश, कुछ देर और रुकते साहब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करके आगरा के पथौली निवासी लाचारीराम और उनकी पत्नी कलावती की खुशी का ठिकाना नहीं है। लाचारीराम का कहना है कि मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से उनका हालचाल जाना। काश! वह कुछ देर और गांव में रुकते तो और समस्याएं बताता। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने दौरे की शुरुआत ग्राम पंचायत पथौली के रहने वाले लाचारीराम व उसकी पत्नी कलावती से मुलाकात के साथ की थी। लाचारीराम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या हालचाल हैं। कलावती ने नमस्ते करके बताया कि सभी ठीक हैं। 

उन्होंने दोबारा पूछा कि परिवार के सभी सदस्य ठीक हैं, इस पर लाचारी ने जवाब दिया कि सभी ठीक हैं। उन्होंने दवाई मिलने के बारे में भी पूछा। उन्होंने ब्लॉक बिचपुरी से दवा (कोरोना संक्रमण की दवा) की किट मिलने की बात बता दी।
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हमला: धौलपुर में दबिश के दौरान आगरा पुलिस को घेरा, गोली लगने से महिला हुई घायल  

धौलपुर के थाना कंचनपुर स्थित गांव कछपुरा में गो तस्कर के साथियों को पकड़ने गई पुलिस टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। पुलिस ने बचाव में गोली चला दी, जिससे गोली लगने से महिला घायल हो गई। पुलिस की एक टीम ग्रामीणों से बचकर 25 हजार के इनामी सहित चार को आगरा लेकर निकल गई, जबकि दूसरी टीम के दरोगा सहित पांच को स्थानीय थाने में बैठा लिया गया। इसकी जानकारी पर रात में एसएसपी मुनिराज जी धौलपुर पहुंच गए। मामले की जानकारी के बाद स्थानीय अधिकारियों से वार्ता की जा रही थी। 

थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में आठ मई को एसओजी और थाना पुलिस ने गो तस्करों के गैंग से जुड़े नौ सदस्य गिरफ्तार किए थे। यह गैंग राजस्थान से गोवंश को लेकर आते थे। इसके बाद बिहार बेचने के लिए ले जाते थे। गोवंश को लाने का काम वहां का गिरधारी करता था। वह भाट जाति के लोगों को रुपये देकर गोवंश लाता था। गो तस्करों से पूछताछ के बाद गिरधारी के अलावा मुन्ना का भी नाम आया था। गिरधारी पर चार दिन पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 

आईजी रेंज नवीन अरोरा ने बताया कि गिरधारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी थी। शुक्रवार को उसकी लोकेशन पता चल गई। इस पर पुलिस टीम को गिरफ्तारी के लिए भेजा गया। इनमें थाना एत्माद्दौला, खेरागढ़ पुलिस के साथ एसओजी शामिल थी।
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कोरोना का असर: आगरा में रेलवे की 200 करोड़ रुपये की छह परियोजनाएं प्रभावित

आगरा मंडल में डीएफसी के तहत एत्मादपुर रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए स्ट्रैची ब्रिज के पास यमुना नदी पर पुल बनाने का काम दो साल से चल रहा था। पुल के पिलर्स भी तैयार हो चुके हैं। अप्रैल में कोरोना कर्फ्यू लगने और इसके बाद मजदूरों के पलायन के शुरू होने के बाद साइटों पर मजदूरों की कमी हो गई है। 

यही कारण है कि इस पुल का काम भी एक माह तक बंद रहा। अब भी काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। पुल के लिए रेलवे ने मोती महल के पास रहने वाले 50 घरों को नोटिस दिए थे। इनमें से कई घरों लोगों ने खुद ही तोड़ लिए, अब यह सभी लोग खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। 

इसके अलावा तीसरी लाइन के कार्यों की गति पर भी असर पड़ा है। यह कार्य मथुरा से लेकर आगरा तक किए जा रहे थे। फरह से भांडई होकर जाने वाली रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी प्रभावित हो गया है। आगरा कैंट स्टेशन के सौंदर्यीकरण का काम भी फिलहाल रुका हुआ है। 
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आगरा में कोरोना: तीन और मरीजों की मौत, 165 नए संक्रमित मिले, 258 ठीक हुए

आगरा में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हो गई है, लेकिन खतरा कम नहीं हुआ है। संक्रमितों की मौत का सिलसिला भी नहीं थमा है। शुक्रवार को प्रशासन के आंकड़े में तीन मरीजों की मौत दर्ज हुई है। इससे कुल मृतकों की संख्या 314 हो गई है। बीते 24 घंटे में 4688 लोगों की जांच में 165 नए संक्रमित मिले हैं। 258 मरीज स्वस्थ हुए हैं। 

जिले में अब तक 806559 लोगों की जांच में 24585 संक्रमित मिल चुके हैं। 22462 मरीज ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में कोरोना के कुल 1809 सक्रिय मरीज हैं। स्वस्थ होने की दर बढ़कर 91.36 फीसदी हो गई है। यह दर एक सप्ताह पहले 88.23 फीसदी थी। जिला प्रशासन ने लोगों से कोविड गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।

ब्लैक फंगस का एक और मरीज एसएन में भर्ती
एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस की बीमारी का एक और मरीज (पुरुष) शुक्रवार को पहुंचा। उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उसमें बीमारी अधिक फैल चुकी है। इससे पहले एक महिला मरीज में सीटी स्कैन की रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है। 

मेडिकल कॉलेज के वाह्य रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि दूसरा मरीज भी बाहर से आया है। पहले उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। स्थिति बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इस मरीज का भी अलग रखकर इलाज किया जाएगा। जिससे अस्पताल में भर्ती दूसरे मरीजों पर असर न पड़े। वहीं, पहले से भर्ती महिला मरीज में भी शुक्रवार को ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। उसकी सीटी स्कैन की रिपोर्ट मिल गई। उसे दवा की पहली डोज दी जा चुकी है। महिला की कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 

डॉ. आशीष गौतम का कहना है कि अभी तक मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के दो मामले आए हैं, दोनों ही बाहर के हैं। महिला भी मुजफ्फरनगर से आई थी। एसएन में भर्ती किसी कोरोना संक्रमित मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण नहीं मिले हैं। यह अच्छी बात है। - ब्यूरो
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उत्तराखंड में बादल फटने का आगरा में भी असर: गंगाजल में बढ़ी सिल्ट, सफाई में आई मुश्किल

उत्तराखंड में बादल फटने के कारण गंगाजल में मिट्टी और सिल्ट की मात्रा 20 गुना तक बढ़ गई। दो दिन से बुलंद शहर के पालड़ा फॉल से आगरा और मथुरा को मटमैला गंगाजल मिल रहा है, जिसके शोधन में सिकंदरा और जीवनी मंडी वाटरवर्क्स में परेशानी आ रही है। शोधन के बाद भी जीवनी मंडी और सिकंदरा वाटररवर्क्स से जो गंगाजल सप्लाई किया गया, उसमें मिट्टी की मात्रा बनी हुई है। जलकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शनिवार शाम तक गंगाजल की गुणवत्ता में सुधार आने लगेगा। तब शोधन के बाद मिट्टी नहीं रहेगी। 
परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया और ईद के त्योहार पर शहर में मटमैले पानी की आपूर्ति हुई। इसकी वजह से लोग परेशान हो गए। जीवनी मंडी और सिकंदरा वाटरवर्क्स से जुड़े इलाकों में शोधन के बाद भी मटमैला पानी मिला, हालांकि जो गंगाजल आगरा को मिल रहा है, वह सामान्य से 20 गुना ज्यादा सिल्ट और मिट्टी लेकर पहुंच रहा है। इससे वाटरवर्क्स के प्लांट का संचालन तक मुश्किल हो गया।

आम दिनों में गंगाजल में टर्बिडिटी 110 पीपीएम तक रहती है, लेकिन दो दिन से यह 1900 पीपीएम तक पहुंच गई। नीला साफ दिखने वाला गंगाजल मटमैला और यमुना जल से भी काला नजर आ रहा है। यह स्थिति नवंबर में भी 5 दिन तक बनी थी, जब उत्तराखंड में बादल फटने की घटना हुई थी। इस बार भी बादल फटने के बाद पहाड़ों से मलबा और मिट्टी गंगाजल में पालड़ा फॉल तक आ गई, जो जलापूर्ति में नजर आ रही है।
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