कोरोना के बाद डेंगू ने थामे बाहरी कांच कारोबारियों के कदम

Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 12:19 AM IST
रफ़रोजाबाद ! जलेसर रोड चौराहा स्थित खाली पड़ा गर्ग होटल
रफ़रोजाबाद ! जलेसर रोड चौराहा स्थित खाली पड़ा गर्ग होटल - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। अप्रैल 2020 से कोरोना संक्रमण की शुरुआत के बाद तमाम बंदिशें झेल रहे होटल और गेस्ट हाउस के संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। करीब 17 माह से मांगलिक और धार्मिक कार्यक्रमों पर लागू बंदिशों एवं डेंगू व वायरल के कारण अन्य प्रांतों व विदेशों में कांच व चूड़ी का कारोबार करने वाले कारोबारी शहर में नहीं आ रहे। बताया जा रहा है कि होटल व गेस्ट हाउस कारोबार को अभी तक 15 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है।
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अप्रैल 2020 से कोरोना संक्रमण मामले बढते ही मांगलिक,सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों बंदिशें लगा दी गईं। शासन की गाइडलाइन के कारण शहर व जिले में संचालित होटल व गेस्ट हाउसों पर करीब 17 माह से सन्नाटा है। इधर, कोरोना संक्रमण काबू में आने के बाद अब डेंगू व वायरल के प्रकोप के कारण अन्य प्रांतों से कांच व चूड़ी का कारोबार करने वाले कारोबारियों की आवाजाही ठप है।

बाहरी कांच कारोबारियों की आवाजाही बंद होने से स्थानीय होटल व गेस्ट हाउस संचालक आजीविका का संकट झेल रहे हैं। जिला शहर में संचालित करीब 150 मैरिज होम, उच्च स्तर की सुविधा देने वाले करीब 50 होटल और 30 से अधिक गेस्ट हाउस के संचालकों को सरकार से राहत की आस है।
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मेंटीनेंस ओर बिजली, पानी का बिल अदा करने में दिक्कत
17 माह से जारी कोरोनागाइड लाइन के कारण 100 से अधिक लोगों की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों की बुकिंग नहीं कर सकते हैं। ऐसे में बिजली-पानी का मासिक बिल, स्टाफ का वेतन, मेंटीनेंस एवं रखरखाव के अलावा बैंक ऋण की किश्तों आदि पर लाखों रुपये नियमित अदा करने पड़ रहे हैं।
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सहूलियतों की ओर ध्यान दे सरकार-
स्थानीय होटल और गेस्ट हाउस कारोबार पूरी तरह से कांच और चूड़ी का कारोबार पर टिका है। बाहर से कांच और चूड़ी व्यापारी शहर में आ नहीं रहे है। सरकार स्थानीय होटल व गेस्ट हाउस कारोबारियों को बिजली बिल में छूट के साथ ही अन्य औद्योगिक ऋण पर मिलने वाली सब्सिडी की सुविधा प्रदान करे।
अनिल गर्ग संचालक होटल गर्ग
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आइसोलेशन सेंटर का भुगतान कराए सरकार
कोरोना संक्रमण काल में होटल, गेस्ट हाउस और मैरिज होम को कोविड सेंटर अथवा आइसोलेशन सेंटर बनाया गया था। इसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है। भुगतान मिलने से राहत मिलेगी। एमएसएमई के तहत सर्विस सेंक्टर को मिलने वाली सुविधाओं में व्याप्त शर्तों का सरलीकरण होना चाहिए।
हरवंश शर्मा संचालक होटल मोनार्क

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