ये कैसी जांच: पारस अस्पताल प्रकरण का वीडियो बनाने के शक में पूछताछ, मॉकड्रिल पर सवाल तक नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 09 Jul 2021 12:04 PM IST

सार

छत्ता के रहने वाले अशोक चावला के पिता और भाई की पत्नी की 26 और 27 अप्रैल को मौत हो गई थी। उनका आरोप है कि ऑक्सीजन बंद कर दी गई, जिससे उनकी जान गई। इस मामले में वीडियो सामने आने के बाद शिकायत दी थी।
श्री पारस अस्पताल: मुख्य दरवाजे पर तैनात पुलिसकर्मी
श्री पारस अस्पताल: मुख्य दरवाजे पर तैनात पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा में श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिन्जय जैन का एक वीडियो सात जून को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। प्रशासन की ओर से मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया, लेकिन आरोप सिर्फ ऑक्सीजन की कमी को लेकर भ्रम फैलाने लगाया गया। महामारी एक्ट लगाया गया। जांच शुरू हुई तो वो वीडियो बनाने वाले और वायरल करने वाले पर अटक कर रह गई। ऑक्सीजन की मॉकड्रिल पर आज तक पुलिस ने कोई सवाल नहीं किया। इस संबंध में पीड़ित अशोक चावला कई बार अधिकारियों से सवाल कर चुके हैं। मगर, आरोप है कि शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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छत्ता के रहने वाले अशोक चावला के पिता और भाई की पत्नी की 26 और 27 अप्रैल को मौत हो गई थी। उनका आरोप है कि ऑक्सीजन बंद कर दी गई, जिससे उनकी जान गई। इस मामले में वीडियो सामने आने के बाद शिकायत दी थी। दो बार पुलिस को लिखित में तहरीर दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अशोक चावला का कहना है कि पुलिस 20 से 22 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें वो लोग हैं, जो डाक्टर के केबिन में मौजूद थे। इनमें आम लोग से लेकर कर्मचारी तक शामिल हैं। इन सभी से पुलिस ने वीडियो बनाने के शक में पूछताछ की। मगर, इन लोगों को अपनी जांच में शामिल नहीं किया, जिससे वो केस में गवाह बन सकें। लोगों से मॉक ड्रिल को लेकर कोई सवाल तक नहीं किया गया।


डीवीआर नहीं जा पाई गाजियाबाद 
श्री पारस अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को भी जब्त किया गया था। इसके बाद लखनऊ एफएसएल भेजा गया। मगर, वहां पर डीवीआर की जांच की सुविधा नहीं थी। इस पर उसे आगरा एफएसएल भेजा गया। यहां से भी उसे वापस कर दिया गया। इसके बाद डीवीआर को थाना न्यू आगरा में रखा गया है। उसकी जांच गाजियाबाद लैब में कराने पर विचार किया जा रहा है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि डीवीआर भी थाने में सुरक्षित रखी गई है। उसे जल्द ही संबंधित लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे फुटेज निकल सकें।

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