बुखार का कहर: आगरा में तीन और बच्चों की मौत, 12 दिन में 23 मासूमों की जा चुकी है जान

न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 26 Sep 2021 08:32 PM IST

सार

आगरा जिले में बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। बीते 12 दिन में 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। बाह और पिनाहट के कई गांवों में घर-घर चारपाई बिछी हुई है। 
आयत और सुहाना के फाइल फोटो
आयत और सुहाना के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा जिले में रविवार को तीन बच्चियों ने बुखार से दम तोड़ दिया। बीते 12 दिन में 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। फिर भी अफसर बेखबर बने हुए हैं। मौत होने के बाद ही शिविर और जांच कराई जा रही है। अभी तक पिनाहट में सबसे ज्यादा आठ मरीजों की मौत हुई है। बाह में पांच, बरहन में चार, फतेहपुर सीकरी में चार और टेढ़ी बगिया में दो बच्चों की मौत हो चुकी है। 
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ताजपुर में बुखार से बालिका की मौत
फतेहपुर सीकरी के ताजपुर निवासी दिलशाद की छह साल की बेटी आयत की बुखार से मौत हो गई, इसे दो दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार को सीएचसी से रेफर करने पर परिजन उसे भरतपुर लेकर गए थे। बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर 65 लोगों की जांचकर दवाएं दीं। 


सीएचसी प्रभारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि बच्ची शमसाबाद स्थित लाखरानी गांव में ननिहाल गई थी, वहां बुखार आने के बाद यहां आई थी। एंटी लारवा का छिड़काव कराते हुए संदिग्ध के नमूने लिए हैं। पूर्व सांसद बाबूलाल चौधरी परिजनों से मिले और सांत्वना दी। 

सीकरी में बालिका की मौत, 13 बुखार के मरीज
ग्राम मंडी गुड़ में रविवार को बुखार से छह वर्षीय बालिका प्रिया की मौत हो गई। इनके पिता ज्ञानी कुशवाहा ने बताया कि तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था और इसका इलाज भरतपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है। गांव में 13 लोगों को बुखार आ रहा है। सुशील, गिरजा, बालक जतिन, राहुल, कृष्णा, बॉबी, नारायण सिंह, मनोज, पुष्पेंद्र, सुनील, देवेश, उमेश, मोनू आदि बीमार हैं। 

मिढकौली में बच्ची की मौत, भाई भी बीमार
बाह के मिढकौली गांव निवासी राजेश की बेटी सुहाना (5) ने बुखार से दम तोड़ दिया। इसका एक साल का भाई प्रिंस भी बुखार से तप रहा है। परिजनों ने बताया कि सुहाना को 8 दिन पहले बुखार आया था। पहले बाह और बाद में फतेहाबाद में उसका इलाज कराया जा रहा था। 

क्लीनिक के डॉक्टरों ने डेंगू होने की बात कही थी, जिसके बाद उसे आगरा में भर्ती कराया गया था। यहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मिढकौली गांव में अब तक आठ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। घर घर वायरल पीड़ितों की चारपाइयां बिछी हैं। सुहाना की मौत से गांव में हड़कंप मच गया है। परिवार में मातम पसर गया है।

प्लेटलेट्स लेकर पहुंचे पिता को अस्पताल में मिला बेटी का शव
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही सुहाना को बचाने के लिए उसके पिता राजेश ने पूरी जान लगा दी थी। प्लेटलेट्स कम होने से सुहाना बेसुध हो गई थी। डॉक्टरों ने प्लेटलेट्स की जरूरत बताई तो शुक्रवार को राजेश ने बेटी को एक यूनिट प्लेटलेट्स दी। 

इसके बाद भी तबियत में सुधार नहीं हुआ। फिर राजेश ब्लड बैंक से प्लेटलेट्स लेने के लिए गया था। सुहाना की दादी कमला ने बताया कि जब राजेश प्लेटलेट्स लेकर अस्पताल पहुंचा तो बेड पर बेटी का शव मिला।
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