12वीं कक्षा परीक्षा परिणाम: सीबीएसई के फार्मूला पर जानिए क्या है ताजनगरी की प्रतिक्रिया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 18 Jun 2021 12:08 AM IST

सार

सीबीएसई के शहर समन्वयक रामानंद चौहान का कहना है कि जिले में 12वीं की परीक्षा में 11660 विद्यार्थी पंजीकृत थे। प्रोन्नति प्रदान किए जाने के बाद से यह परीक्षा परिणाम आने का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड की ओर से कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करने के लिए बनाया गया फार्मूला उचित है।
सीबीएसई बोर्ड
सीबीएसई बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को तैयार करने के लिए बनाए गए फार्मूले पर शहर में स्थित स्कूलों के प्रधानाचार्यों व संचालकों की मिली जुली प्रतिक्रिया है। कुछ ने फार्मूले को कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए व्यावहारिक व उचित तो कुछ ने अनुचित बताया है। 
विज्ञापन

  
सीबीएसई के शहर समन्वयक रामानंद चौहान का कहना है कि जिले में 12वीं की परीक्षा में 11660 विद्यार्थी पंजीकृत थे। प्रोन्नति प्रदान किए जाने के बाद से यह परीक्षा परिणाम आने का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड की ओर से कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करने के लिए बनाया गया फार्मूला उचित है। कक्षा दसवीं से भी 30 फीसदी अंक लेने का निर्णय भी ठीक है। इससे विद्यार्थियों के परिश्रम का सही मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। एमएस पब्लिक स्कूल के निदेशक राजपाल सोलंकी का कहना है कि निर्णय छात्रों के हित में है। वर्तमान परिस्थितियों में परीक्षा का आयोजन उचित नहीं था।  

  
संतुष्टि के लिए परीक्षा का विकल्प भी 
नप्सा के अध्यक्ष संजय तोमर का कहना है कि कक्षा 12वीं का परिणाम तैयार करने के लिए बोर्ड ने जो फार्मूला बनाया है, वह आसान है। इससे परिणाम तैयार करने में कठिनाई नहीं होगी। जो विद्यार्थी परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे, उनके लिए बोर्ड ने परिस्थितियां सामान्य होने पर परीक्षा में शामिल होने का विकल्प भी दिया है। 

बोर्ड ने स्वीकार किया सुझाव 
जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ का कहना है बोर्ड ने स्कूलों से परिणाम तैयार करने के संबंध में सुझाव मांगा था। उन्होंने परिणाम तैयार करने वाली टीम में आईटी कर्मी को शामिल करने का सुझाव दिया था, उसे स्वीकार कर लिया गया है। 

प्री-बोर्ड परीक्षा से 40 फीसदी अंक देना तर्क संगत नहीं 
अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता का कहना है कि 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा से 40 फीसदी अंक विद्यार्थियों को दिया जाना तर्क संगत नहीं है। देश के अधिकतर विद्यालयों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं नहीं हुई थीं। ऑफलाइन परीक्षा कराने वाले विद्यालयों की संख्या नगण्य है। ऑनलाइन कराई गई प्री बोर्ड परीक्षा की महत्ता किसी से छिपी नहीं है। ऐसे ही कक्षा दस में सभी विषय अनिवार्य होते हैं, कक्षा 12 में विद्यार्थी विषयों का चयन अपनी रुचि के अनुसार करता है। बोर्ड को अगस्त में स्वकेंद्र बनाकर परीक्षा कराने पर विचार करना चाहिए था। 

रिश्तों में शक: सहायक प्रोफेसर पत्नी पर जासूसी के लिए बना 'लड़की', फेसबुक पर सहेलियों संग की चैटिंग और फिर...
दूसरी लहर: एक सदस्य से पूरा परिवार हुआ संक्रमित, आंतरिक बदलाव कर वायरस हुआ घातक, पढ़िए पूरी खबर
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00