आगरा पुलिस का खौफ: करोड़ों की डकैती में शामिल एक आरोपी ने किया आत्मसमर्पण, मुठभेड़ में मारे गए थे दो बदमाश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 21 Jul 2021 05:50 PM IST

सार

आरोपी ने बताया कि तय हुआ था कि मनीष पांडेय और निर्दोष कुबेरपुर यमुनाएक्सप्रेसवे कट पर मिलेंगे। वहां से आपस में हिस्सा बांट लेंगे और उसके बाद नोएडा चले जाएंगे।
आगरा डकैती कांड के आरोपी के साथ पुलिस
आगरा डकैती कांड के आरोपी के साथ पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की कमला नगर शाखा में डाका डालकर 15.5 किलोग्राम सोने के जेवरात और छह लाख रुपये लूटने वाले हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र उर्फ लाला के साथी प्रभात शर्मा ने बुधवार दोपहर को थाना कमला नगर में समर्पण कर दिया। वह अपने बचपन के दोस्त निर्दोष कुमार और मनीष पांडेय के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद से दहशत में था। उसे डर था कि वह भी मारा जाएगा। लूटे गए गहनों और रकम से हिस्सा भी नहीं मिल पाया था। उसने पूछताछ में नोएडा और आगरा की सोना ऋण कंपनी की शाखाओं में रेकी बात कबूल की है।
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आईजी रेंज नवीन अरोरा ने बुधवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि 18 जुलाई की दोपहर सवा दो बजे मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा में डकैती डाली गई थी। इस घटना में पांच-छह बदमाश बताए गए। दो बदमाश मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार को एत्मादपुर में मुठभेड़ में मार गिराया गया था, जबकि बाकी बदमाश भाग गए थे।

बुधवार दोपहर सवा दो बजे एक युवक कमला नगर थाने आया। अपना नाम प्रभात शर्मा पुत्र सत्यप्रकाश शर्मा बताया। कहा कि वह फिरोजाबाद के रसीदपुर कनेटा का रहने वाला है। वह मणप्पुरम की शाखा में डकैती में शामिल था। समर्पण करने आया है। उसने पहले से अपने कई परिचितों को समर्पण की जानकारी दे रखी थी। उसके समर्पण पर अधिकारी पहुंच गए। उससे पूछताछ की। वह चार महीने से मदिया कटरा में किरायेे पर रह रहा था। इससे पहले खंदौली में भी किराये पर कमरा लेकर रहा था।
 

पार्क में बैठ कर रेकी करते रहे बदमाश
पता चला कि वह पुलिस के दबाव में समर्पण करने आया है। उसे डर था कि पुलिस एनकाउंटर में मारा जाएगा। घटना वाले दिन वह नरेंद्र उर्फ लाला के साथ कमला नगर स्थित कंपनी की शाखा के बाहर पार्क में बैठा रहा था। डकैती में फिरोजाबाद के नरेंद्र के अलावा, रेनू पंडित उर्फ अभिनाश कुमार मिश्रा, संतोष जाटव उर्फ चाचा, अंशुल सोलंकी उर्फ लालू, मनीष पांडेय उर्फ राजा, निर्दोष प्रजापति शामिल थे। दोपहर 12 बजे से 1:15 बजे तक शाखा के सामने पार्क में बैठकर रेकी की। प्रभात ने शाखा के पास अपने बचपन के दोस्त निर्दोष के साथ रेस्टोरेंट में नाश्ता किया। दोपहर 1:15 बजे आफिस में रेनू पंडित, नरेंद्र, गए। थोड़ी देर बाद संतोष, अंशुल सोलंकी, फिर मनीष पांडेय और निर्दोष शाखा में पहुंच गए। पांच के पास पिस्टल थीं, जबकि चार के पास बैग थे। प्रभात बाहर खड़ा होकर निगरानी करता रहा, जिससे पुलिस के आने पर सूचना दी जा सके। घटना के बाद मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार कमला नगर के मुख्य बाजार की तरफ चले गए। वह सोने से भरे दो बैग लेकर चले गए। प्रभात को अपना हिस्सा भी नहीं मिल पाया। उनमें तय हुआ था कि निर्दोष और मनीष कुबेरपुर पर यमुना एक्सप्रेसवे के कट पर मिलेंगे, यहां पर अपना हिस्सा बांट लेंगे। इसके बाद नोएडा भागने का प्लान था। 

वारदात में शामिल थे सात बदमाश
पुलिस को आरोपी प्रभात शर्मा से पूछताछ में पता चला कि वारदात में एक अन्य बदमाश संतोष जाटव उर्फ चाचा भी शामिल था। अब पुलिस की दस टीम गैंग के सरगना एक लाख के इनामी नरेंद्र उर्फ लाला उर्फ अनिल और उसके तीन साथियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।

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