मथुरा: थाने से 100 मीटर दूरी पर बन रही थी नकली शराब, पांच पुलिसकर्मी निलंबित, चार तस्कर गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 05 Jun 2021 12:37 AM IST

सार

थाना बरसाना से चंद कदमों की दूरी पर करीब 15 वर्षों से नकली शराब बनाई जा रही थी। जब अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से मौतें हुई तो पुलिस की नींद टूटी। इसके बाद नकली शराब बनाने वाली फैक्टरी पर कार्रवाई की गई। 
पुलिस ने गिरफ्तार किए चार आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार किए चार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद आखिरकार मथुरा पुलिस-प्रशासन की नींद टूट गई। थाना बरसाना से चंद कदमों की दूरी पर डेढ़ दशक से चल रहे नकली शराब के कारोबार पर पुलिस ने शुक्रवार को छापा मारकर चार तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. गौरव ग्रोवर ने अब तक इस मामले में लापरवाही बरतने पर दो दरोगा और तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। 
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एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक आजाद पाल सिंह ने पुलिस टीम के साथ मुख्य बाजार स्थित राधाचरण फौजी की दुकान और नौहरे (घेर) में छापा मारा। पुलिस ने दुकान और नौहरे के अंदर रखीं विभिन्न ब्रांडों की शराब की 30 पेटियां बरामद की हैं। मौके से शराब बनाने के उपकरण भी बरामद हुए। 


ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने चार शराब तस्कर कपिल और बांके पुत्र राधाचरण फौजी निवासी बरसाना, सुरीर निवासी विनोद एवं कोसीकलां निवासी सोनू को गिरफ्तार कर लिया। मौके पर देशी शराब नगीना ब्रांड की 18 पेटी, नकली 2200 रैपर, विभिन्न ब्रांडों के 300 खाली शराब के पौव्वा, 150 बोतलों के ढक्कन और एक गाड़ी बरामद की है। शराब की आसपास सप्लाई की जाती थी।

एसपी देहात श्रीशचंद्र ने बताया कि मामले में लापरवाही बरतने पर दरोगा शिवकुमार शर्मा और अर्जुन राठी के साथ सिपाही रवि कुमार, गजेंद्र कुमार और युवराज सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये सभी पुलिसकर्मी थाना बरसाना में तैनात थे। एसएसपी ने निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
 
गाड़ी पर लगाकर घूमता था भाजपा का झंडा 
इलाके में चर्चा है कि राधाचरण फौजी अपनी गाड़ी पर भाजपा का झंडा लगाकर घूमता था। सत्ताधारी पार्टी का रौब दिखाता था। नंदगांव मंडल अध्यक्ष रणवीर ठाकुर का कहना है कि राधाचरण फौजी का भाजपा से काई संबंध नहीं है।

पुलिस की सरपरस्ती में पनप रहे थे तस्कर
राधाचरण फौजी शराब का अवैध धंधा करीब डेढ़ दशक से कर रहा था। इस बीच में कितने एसएचओ बदल गए, लेकिन किसी ने भी राधाचरण फौजी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इसके पीछे पुलिस की मिलीभगत मानी जा रही है। जबकि स्थानीय लोग इसकी शिकायत करते रहे कि पुलिसकर्मी ही मिलावटी शराब का धंधा कराते हैं। 
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