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श्री पारस अस्पताल प्रकरण: पीड़ित ने कहा-22 दिन पहले दी 27 लोगों की मौत की तहरीर, ऑक्सीजन की कमी से दस दिन में पत्नी और बेटे की मौत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 14 Jun 2021 11:52 AM IST

सार

17 मई को राजू ने श्री पारस अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारियों पर 27 लोगों को मारने का आरोप लगाते हुए एसएसपी को तहरीर दी थी। 
श्री पारस अस्पताल आगरा
श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा में श्री पारस अस्पताल की दमघोंटू मॉकड्रिल के मामले में एक पीड़ित राजू का कहना है कि अगर वीडियो सामने नहीं आता तो कोई मेरा यकीन नहीं करता। राजू के इटावा निवासी जीजा रिंकू की 26 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 17 मई को राजू ने श्री पारस अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारियों पर 27 लोगों को मारने का आरोप लगाते हुए एसएसपी को तहरीर दी थी। 

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राजू यादव ने अमर उजाला को बताया कि उनके जीजा इटावा निवासी 30 वर्षीय रिंकू उर्फ रजनीश यादव का श्री पारस अस्पताल में इलाज चल रहा था। ऑक्सीजन मॉकड्रिल के दिन 26 अप्रैल की रात 12 बजे उनकी मौत हो गई।


उन्होंने 17 मई को एसएसपी को तहरीर देकर ऑक्सीजन की कमी से यहां 27 मौतें होने व चिकित्सक के विरुद्ध हत्या मुकदमा के लिए तहरीर दी। पुलिस ने जांच तक नहीं की। 28 अप्रैल के वीडियो वायरल हुआ। मैंने 22 दिन पहले एसएसपी व मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर ये वीडियो सामने नहीं आता तो आज कोई मेरी बात पर यकीन भी नहीं करता।

ऑक्सीजन की कमी से दस दिन में पत्नी और बेटे की मौत
मधु नगर निवासी 65 वर्षीय नत्थीलाल ने दस दिन में पत्नी व बेटे दोनों को खो दिया। 26 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में पहले पत्नी रामवती ने दम तोड़ा। 28 अप्रैल को बेटा संक्रमित हो गया। पांच मई को बेटे की पुरुषोत्तम दास हॉस्पिटल में मौत हो गई।

हृदय एवं मधुमेह से पीड़ित 65 वर्षीय नत्थीलाल ने बताया कि 13 अप्रैल को मैंने 61 वर्षीय पत्नी रामवती को नामनेर स्थित एसआर अस्पताल में भर्ती कराया था। तब ऑक्सीजन संकट था। दूसरे दिन 15 अप्रैल को एसआर से चिकित्सक ने उन्हें श्री पारस अस्पताल में रेफर कर दिया। नौ दिन में पत्नी की हालत में सुधार आया।
26 अप्रैल को दोपहर 11.30 बजे अचानक स्टाफ ने कहा ऑक्सीजन खत्म हो गई है। अपने मरीज के लिए सिलिंडर इंतजाम करिए। उस समय सिलिंडर वितरण प्रशासन के अधिकारियों हाथ में था। हमने बहत कोशिशें की, लेकिन सिलिंडर नहीं मिला। फिर धौलपुर में अपने रिश्तेदार ने छह हजार रुपये में एंबुलेंस की। उससे एक सिलिंडर पहुंचाया।

अस्पताल में सिलिंडर दिया तो स्टाफ बोला नोजल लेकर आओ। एक घंटे में मेरा बेटा नोजल लेकर आया। स्टाफ ने कहा, हमने जुगाड़ कर के सिलिंडर मरीज को लगा दिया है। तीन घंटे बाद बोले ऑक्सीजन खत्म हो गई। खाली सिलिंडर हमें वापस दे दिया। पता नहीं उन्होंने ऑक्सीजन लगाई या नहीं। शाम को फिर मेरा छोटा लड़का ऑक्सीजन के लिए दौड़ता रहा। रात 9.30 बजे हॉस्पिटल स्टाफ ने हमसे मना कर दिया। कहा-तुम्हारा मरीज नहीं रहा। रात में शव मिला। 

27 अप्रैल को मेरा बड़ा बेटा विजयपाल इंदौर से मां के अंतिम संस्कार में आ गया। छोटे बेटे ने संस्कार किया। 28 अप्रैल को बड़ा बेटा गंगा में मां की अस्थियां विसर्जन के लिए गया था। 30 को उसे खांसी-बुखार आ गया। इंदौर से जब आया था तो कोरोना जांच कराई थी तब निगेटिव था। यहां आकर भी ठीक रहा। गंगा से लौटने के बाद अचानक तबियत खराब हो गई। बेड व ऑक्सीजन कमी थी। पांच दिन तक किसी ने भर्ती नहीं किया। उसे ऑक्सीजन की जरूरत थी। वेंटिलेटर नहीं मिला। सीटी स्कैन में संक्रमण था। डीएम साहब से सिफारिश कराई तब सिकंदरा स्थित पुरुषोत्तम दास हॉस्पिटल में पांच मई को भर्ती किया। उसी दिन रात 12 बजे उसकी मौत हो गई।

इंदौर में इंजीनियर था विजयपाल
मृतक विजयपाल सिंह इंदौर के राऊ, पीतमपुरा औद्योगिक इकाई में इंजीनियर था। विजय की पत्नी, बेटा व बेटी जयपुर में रहते थे। नत्थी लाल ने कहा, मेरी तबियत खराब है। मेरे दो बेटे थे। एक बेटा बचा है। बहू विधवा हो गई। ऑक्सीजन और कोरोना ने मेरी जिंदगीभर की खुशियां छीन लीं।

22 मरीजों की मौत का आरोप
दमघोंटू मॉकड्रिल में 22 मरीजों की ऑक्सीजन बंद करने से मौत के आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने जिलाधिकारी की कमेटी को श्री पारस अस्पताल संचालक डॉ. अरिन्जय जैन के विरुद्ध हत्याओं की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रत्यावेदन दिया है। एडीएम सिटी मामले की जांच कर रहे हैं।

10 मृतकों के परिजन आ चुके सामने
श्री पारस अस्पताल में अब तक 10 मृतकों के परिजन सामने आ चुके हैं। जिनमें सात मृतकों की तरफ से ऑक्सीजन कमी से मौतों की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है। डीएम प्रभ एन सिंह ने कहा, डाक से भी कुछ शिकायतें आई हैं। सभी शिकायतों की जांच कराई जा रही है।

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