अलीगढ़ः गर्मी हस्तांतरण क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर चर्चा

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 11:42 PM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से ‘रीसेंट एडवांसेज इन हीट ट्रांसफर एंड कम्बशन इंजीनियरिंग’ विषय ऑनलाइन कार्यक्रम हुआ।
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कार्यक्रम में डॉ. पीटर वूफिल्ड (स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी, आस्ट्रेलिया), प्रो. श्रीधर शेषाद्री (हेड, मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी बांबे), प्रो. अंदलीब तारिक (मेकेनिकल एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, आईआईटी रुड़की), डॉ. फातिमा स्वालेही (स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, मैक्वेरी विश्वविद्यालय, सिडनी, आस्ट्रेलिया), प्रो. अशोक डे (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी कानपुर), डॉ. शांतनु डे (मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी कानपुर), डॉ. खिजेर सईद (उन्नत इंजीनियरिंग केंद्र, ब्राइटन विश्वविद्यालय, यूके), डॉ. दिवाकर रक्षित (ऊर्जा अध्ययन केंद्र, आईआईटी दिल्ली), शाही रियाज (तकनीकी कार्यक्रम प्रबंधक, रीगल रेक्सनार्ड, डेटन, ओहियो, संयुक्त राज्य), विनय कुमार (पावर जनरेशन इंजीनियर, हैच पीटीवाई लिमिटेड, ब्रिस्बेन, क्यूएलडी, आस्ट्रेलिया) ने गर्मी हस्तांतरण क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर चर्चा की।

मुख्य अतिथि प्रो. परवेज मुस्तजाब (डीन, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय) ने कई क्षेत्रों में संभावित अनुप्रयोगों की बेहतर समझ और उन्नति के लिए इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मदद करने के लिए विशेषज्ञता के बारे में बात की। उन्होंने ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ ईंधन पर जोर दिया।
प्रो. एमएम सुफियान बेग (प्रिंसिपल, जेडएचसीईटी) ने मेकेनिकल इंजीनियरिंग के पारंपरिक क्षेत्रों के रूप में गर्मी हस्तांतरण और दहन इंजीनियरिंग के प्रभाव पर प्रकाश डाला। प्रो. एम मुजम्मिल (अध्यक्ष, मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग) ने कहा कि घरेलू सामानों से लेकर अंतरिक्ष वाहनों तक असंख्य उपकरणों में गर्मी हस्तांतरण और दहन एक साथ कैसे काम करते हैं। कार्यक्रम में यूआर कॉलेज (एलएनएमयू), यूनिवर्सिटी सेंस मलेशिया, आईआईटी आईएसएम (धनबाद), आईआईटी (मद्रास), आईआईटी (रुड़की), आईआईटी (कानपुर), एनआईटी (कालीकट), येंगनाम विश्वविद्यालय (दक्षिण कोरिया), हुआजोंग यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नालोजी (चीन), एनआईटी (जालंधर), नजरान विश्वविद्यालय (केएसए), जोफर विश्वविद्यालय (ओमान), यूनिवर्सिडैड रे जुआन कार्लोस मैड्रिड (स्पेन) और ग्रिफिथ विश्वविद्यालय (आस्ट्रेलिया) आदि से शिक्षकों ने एफडीपी में भाग लिया। प्रोफेसर शाह सऊद आलम ने स्वागत भाषण दिया। संचालन प्रोफेसर मोहम्मद फैजान ने किया। नफीस अहमद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। एफडीपी का समापन 12 नवंबर को होगा।

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