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अलीगढ़ः आरटीओ गेट पर दिनदहाड़े फायरिंग कर एक की हत्या, दूसरा जख्मी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 31 Oct 2020 04:32 PM IST
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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महानगर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र में संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के जीटी रोड स्थित गेट पर शनिवार की दोपहर हुई सनसनीखेज वारदात में एक बस ऑपरेटर की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक हॉस्पिटल संचालक गोली लगने से जख्मी हो गया। इस वारदात को ताबड़तोड़ फायरिंग कर दिनदहाड़े चार शूटरों ने अंजाम दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी व दहशत का माहौल बन गया। 

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शूटर दस हजार रुपये के विवाद से जुड़ी पुरानी रंजिश में हॉस्पिटल संचालक की हत्या के इरादे से आए थे, जबकि फायरिंग में उसके साथी बस ऑपरेटर की जान चली गई। खबर पर एसपी सिटी पुलिस टीम व फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। जांच पड़ताल के बाद हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है। इस हत्या व हमले की घटना में हॉस्पिटल संचालक ने चार नामजदों पर मुकदमा दर्ज कराया है।


गांधी पार्क क्षेत्र के गांव सिंधौली निवासी भूपेंद्र सिंह धनीपुर मंडी स्थित आराध्या हॉस्पिटल के संचालक है। भूपेंद्र के अनुसार वह अपनी एंबुलेंस की फिटनेस के लिए दोपहर में आरटीओ कार्यालय आए थे। वहां गेट पर रामकृष्ण टूर एंड ट्रैवल्स संचालक रामकृष्ण (50) पुत्र तालेवर सिंह निवासी कुंवर नगर कालोनी, गांधी पार्क मिल गए। दोनों बात कर रहे थे, तभी चार नामजद हमलावर देवेंद्र टेड़ा, हनुमान, किट्टू और सुमित निवासीगण सिंधौली आए और आते ही उसे निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। आठ राउंड फायरिंग हुई।

इस दौरान उनके बायें पैर में एक गोली व एक छर्रा लगा। इसी फायरिंग में रामकृष्ण के सीने व दायें पैर में गोली लग गईं। इस दौरान वहां अफरा-तफरी मच गई। दो गोली लगने के बाद भी हमले से बचने के लिए रामकृष्ण आरटीओ गेट से सटी एक बिल्डिंग में अंदर भागे तो हमलावरों ने उनके पीछे दौड़कर कई राउंड फायर किए, जबकि भूपेंद्र वहीं एक कोने में छिप गया। इसके बाद हमलावर मौके से भाग गए।  

सूचना पर कुछ ही देर में थाना पुलिस पहुंच गई। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से रामकृष्ण को नाजुक हालत में जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मगर वहां उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं भूपेंद्र को जिला अस्पताल से ही प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इस खबर पर रामकृष्ण के परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस पूछताछ में भूपेंद्र ने बताया कि उसने देवेंद्र टेड़ा को लॉकडाउन में दस हजार रुपये उधार दिए थे। उन्हें वापस मांगने पर 29 अक्तूबर को भी विवाद हुआ था। इसके बाद शुक्रवार रात को देवेंद्र व उसके साथियों ने भूपेंद्र के भतीजे को एटा चुंगी पर धमकाया था। साथ में आराध्या हास्पिटल पर आकर भी धमकी दे गए थे। इधर, पुलिस जांच में यह भी सामने सामने आया है कि भूपेंद्र व रामकृष्ण आरटीओ में भी दलाल के रूप में सक्रिय रहते थे। भूपेंद्र का तो यहां अच्छा खासा रसूख है।

- यह हमला हास्पिटल संचालक भूपेंद्र पर हुआ था। उसकी ओर से दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। हालांकि विवाद दस हजार रुपये के लेनदेन का है। मगर स्वयं भूपेंद्र व रामकृष्ण के आरटीओ पर दलाली के रूप में सक्रिय रहने की जानकारी भी मिली है। नामजद आरोपी देवेंद्र टेड़ा और हनुमान कैश वैन लूटकांड में गांधी पार्क से जेल भी जा चुके हैं। हमलावरों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -अभिषेक एसपी सिटी

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