अलीगढ़ः सिविल सेवा परीक्षा में सृष्टि को मिली 78वीं रैंक, पिता बोले- बेटी मेरा गुरुर है

अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 25 Sep 2021 01:02 PM IST

सार

राजीव सिंह की बेटी सृष्टि सिंह ने 78वीं रैंक हासिल कर अपने पिता का नाम रोशन कर दिया। उनके पिता का कहना है कि उन्हें गर्व है कि सृष्टि उनकी बेटी है।
सृष्टि सिंह अपनी मां शिल्पी सिंह व पिता इंजीनियर राजीव सिंह के साथ।
सृष्टि सिंह अपनी मां शिल्पी सिंह व पिता इंजीनियर राजीव सिंह के साथ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2020 का परीक्षा परिणाम शुक्रवार की रात जारी कर दिया। कासिमपुर पावर हाउस, हरदुआगंज में सहायक अभियंता के पद पर तैनात राजीव सिंह की बेटी सृष्टि सिंह ने 78वीं रैंक हासिल की है। इस सफलता से गदगद सृष्टि सिंह का कहना है कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता है।
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इलेक्ट्रानिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की
प्रयागराज के मूल निवासी राजीव सिंह की इकलौती बेटी सृष्टि ने सीबीएसई से 10वीं व 12वीं की पढ़ाई सेंट फ्रांसिस अनपरा, सोनभद्र से की थी। इसके बाद वर्ष 2019 में सृष्टि ने मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, प्रयागराज से इलेक्ट्रानिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। फिर सिविल सर्विसेज की तैयारी करने सृष्टि दिल्ली चली गईं। वह दो साल से तैयारी कर रही थीं। परीक्षा परिणाम आते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। रिश्तेदार व शुभचिंतक फोन करके बधाई देने लगे।


कोरोना काल का असर उनकी तैयारी पर पड़ा
सृष्टि ने बताया कि उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह मां शिल्पी सिंह व पिता इंजी. राजीव सिंह की वजह से है। सृष्टि ने कहा कि कोचिंग और सेल्फ स्टडी को मिलाकर करीब 10-11 घंटे रोजाना पढ़ाई की है। कोरोना काल का असर उनकी तैयारी पर पड़ा है। अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, सहपाठियों व शुभचिंतकों देती हूं। कहा कि उनके आशीर्वाद के बिना यह सफलता नहीं मिल सकती थी। सृष्टि ने युवाओं को संदेश दिया है कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। लक्ष्य बनाकर और समर्पित होकर पढ़ाई व तैयारी करेंगे तो सफलता देर-सवेर जरूर मिलेगी।

बेटी मेरा गुरुर है : राजीव
कासिमपुर पावर हाउस, हरदुआगंज में सहायक अभियंता राजीव सिंह ने कहा कि बेटी सृष्टि उनका गुरुर है। उसने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। कोरोना काल में तैयारी पर भी असर पड़ा, वरना बेटी की रैंक और बेहतर होती। फिर भी ईश्वर का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं, जिसने उन्हें सृष्टि के रूप में एक होनहार बेटी दी है।

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