गोरखनाथ पीठ के दखल पर रिहा सुमित ने दर्ज कराया मुकदमा

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Mon, 03 Jun 2019 01:37 AM IST
कथि प्रदेश अध्यक्ष सुमित कटियार को पीटते हिंदूवादी नेता
कथि प्रदेश अध्यक्ष सुमित कटियार को पीटते हिंदूवादी नेता - फोटो : Amar Ujala
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 गोरखनाथ पीठ गोरखपुर से संचालित विश्व हिंदू महासभा में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी उठापटक अलीगढ़ में सुर्खियों में छा गई है। इस प्रकरण में गोरखपुर स्थित गोरखनाथ पीठ, लखनऊ पुलिस मुख्यालय और अलीगढ़ पुलिस तक खलबली मच गई। यहां पिटाई के बाद पुलिस हिरासत में लिए गए सुमित कटियार को देर रात जमानत पर रिहा कर सुमित की ओर से भी मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह मुकदमा मारपीट के वायरल वीडियो के आधार पर दर्ज किया है।
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गौर हो कि शनिवार को खुद को प्रदेश अध्यक्ष बता कर अलीगढ़ आए सुमित कटियार को उनके ही संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मारपीट कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उन पर 21 हजार रुपये लेकर जिलाध्यक्ष बनाने का आरोप लगा कर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। ये मुकदमा संगठन के जिलाध्यक्ष योगेश गुप्ता की ओर से दर्ज कराया गया था।



घंटों थाने में बैठने के बाद देर रात सुमित की जमानत हुई और वह रिहा हुए। रिहा होने के बाद वह पुलिस सुरक्षा में अपने गृह जनपद आगरा रवाना हुए। इससे पहले सुमित की तहरीर और मारपीट के वीडियो के आधार पर पुलिस ने क्रास एफआईआर दर्ज कर ली है। जिसमें आदित्य पंडित, अमित, सुमित, योगेश गुप्ता, लवकुश, पुष्पेंद्र, शिवांग, विशाल, अभिषेक ठाकुर सहित 35-40 अज्ञात लोगों को शामिल किया गया है। ये मुकदमा एक राय होकर मारपीट करने की धाराओं में दर्ज हुआ है। सुमित ने कहा कि अगर मौके पर पुलिस नहीं आती तो हमलावर लोग उनकी जान ले लेते। इंस्पेक्टर क्वार्सी डीएस त्यागी ने सुमित को थाने से जमानत देने व सुमित की ओर से मुकदमा दर्ज करने की पुष्टि की है।

सुमित ने बताया कि क्वार्सी थाना पुलिस ने जब स्थानीय लोगों के दबाव में उनकी कोई बात नहीं सुनी तो उन्होंने पूरा प्रकरण गोरखनाथ पीठ गोरखपुर पहुंचाया। गोरखपुर से लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फोन गया। लखनऊ पुलिस मुख्यालय हरकत में आया तो स्थानीय पुलिस का हाथ ढीला हुआ। अब तक पुलिस को सुमित की गोरखपुर की पहुंच का अंदाजा हो गया था।



योगी तक पहुंचा मामला तो पुलिस ने रातोंरात जमानत देकर आगरा पहुंचाया
सुमित ने बताया कि उन्होंने विश्व हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय मांगा है। संभवत: मंगलवार तक उनको समय मिल जाएगा और वह उनसे मुलाकात कर पूरा प्रकरण बताएंगे। बकौल सुमित प्रदेश अध्यक्ष बता कर भिखारी दास लोगों को बरगला कर इस तरह का प्रदर्शन करा रहे हैं। मार्च महीने में ही गोरखनाथ धाम में बैठक के दौरान उनको कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गोरखधाम पीठ में सीएम योगी का काम देखने वाले द्वारिका तिवारी और भिखारी दास भी उस बैठक में थे।


सुमित ने बताया कि भिखारीदास अपने पद से नहीं हटना चाहते इसलिए इस तरह का विरोध करा रहे हैं। पुलिस ने जब उनकी सुनी और लखनऊ व गोरखपुर तक बात पहुंची। तब ससम्मान जमानत दी और आगरा भिजवाया गया। पूरा प्रकरण योगी जी तक पहुंचा दिया गया है। सुमित ने माना कि उनको तीन बार हटाया गया और बाद में जिम्मेदारी दी गई। वह गुजरे 12 वर्ष से वह गोरखनाथ पीठ से जुड़े हैं।

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