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यूपी बोर्ड : रिजल्ट देख चहके विद्यार्थी...मगर मेधावी मायूस

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 12:10 AM IST
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महेश्वर गर्ल्स इंटर कॉलेज में परीक्षा परिणाम के बाद खुशी मनाती छात्राएं।
महेश्वर गर्ल्स इंटर कॉलेज में परीक्षा परिणाम के बाद खुशी मनाती छात्राएं। - फोटो : CITY OFFICE
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यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के नतीजे शनिवार को घोषित कर दिए गए। रिजल्ट जारी होते छात्र-छात्राएं खुशी से झूम उठे। लेकिन जनपदवार सूची जारी न होने पर मेधावियों को मायूसी हुई है, क्योंकि उनका जिला टॉपर बनने का सपना अधूरा रह गया। जिले का उत्तीर्ण प्रतिशत भी जारी नहीं हो सका है।
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यूपी बोर्ड के इतिहास में कोरोना संक्रमण की वजह से पहली बार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा नहीं हुई है। बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज में तकनीकी कारणों से कई छात्रों का परीक्षा परिणाम जारी नहीं हो पाया। इस मामले में डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि जिन कॉलेजों में ऐसी समस्याएं आई हैं, वह लिखित में अवगत करा सकते हैं, ताकि बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ को अवगत कराया जा सके। परीक्षा परिणाम देखने के बाद विद्यार्थी खुशी से उछल पड़े। नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज के प्राचार्य शीलेंद्र यादव के बुलावे पर पहुंचे सफल विद्यार्थियों ने शिक्षकों से आशीर्वाद लिया। विद्यार्थियों ने बताया कि परीक्षा न देने पाने का मलाल है। अगर परीक्षा देने का मौका मिला होता तो अंक प्रतिशत में बढ़ोत्तरी जरूरत होती है, लेकिन कोरोना संक्रमण ने उनके सपने को तोड़ दिया।

एनआईसी में करते सूची का इंतजार
जनपदवार सूची का इंतजार शनिवार देर शाम तक एनआईसी में डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा करते रहे। पहले जनपद वार सूची के अपलोड करने इंतजार वेबसाइट पर डीआईओएस ने अपने कार्यालय में किया, लेकिन स्पीड धीमी होने के चलते वह एनआईसी पहुंचे, जहां भी सफलता नहीं मिली।
जनपद वार सूची नहीं जारी हो सकी : डीआईओएस
डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते यूपी बोर्ड के इतिहास में पहली बार न तो परीक्षा हुई और न ही जनपद वार सूची बनी है। बोर्ड ने मेरिट सूची जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर का परीक्षाफल काफी अच्छा रहा है, जो विद्यार्थी परीक्षा में सफल रहे हैं, वह अपनी सफलता को निरंतर बनाए रखें, उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं हैं, जबकि जो परीक्षा में फेल हो गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। वह परिश्रम करें और अपनी सफलता की गाथा लिखें। डीआईओएस ने कहा कि रही बात जिले में उत्तीर्ण प्रतिशत का है, यह भी बोर्ड से नहीं मिल पाया है। डीआईओएस ने कहा कि बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा-2021 के परीक्षार्थियों को बोर्ड परीक्षा में अंक सुधार का अवसर दिया जाएगा। परीक्षार्थी बिना परीक्षा शुल्क के एक या एक से अधिक कितने भी विषयों की पुनर्परीक्षा देकर अंक सुधार कर सकते है। अंक सुधार के बाद मिले अंकों को बोर्ड परीक्षा-2021 का परिणाम ही माना जाएगा।
परीक्षा परिणाम में अनियमितताएं
वित्त विहीन शिक्षक महासभा के अध्यक्ष पवन शर्मा ने यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर के परीक्षा परिणाम में तमाम अनियमितताएं होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम को बड़े ही अनियमित तरीके से बनाया गया है। बहुत से कॉलेजों ने नियम के विपरीत बहुत कम अंक प्रदान किए हैं। कई कॉलेज के छात्रों को बिना नंबर दिए प्रमोट लिख दिया है। इस मामले में वह पदाधिकारियों के साथ सोमवार को डीआईओएस से मिलेंगे।
छात्रों ने जताई नाराजगी
परीक्षा परिणाम आने के बाद जब विद्यार्थियों ने अपने वर्चुअल अंक पत्र पर प्रमोट लिखा देखकर विद्यार्थियों ने नाराजगी दिखाई। वित्त विहीन शिक्षक महासभा के अध्यक्ष पवन शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों ने कॉलेज पहुंचकर अपने गुस्से का इजहार किया।
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