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अलीगढ़ः 79 में से 32 एंबुलेंस चालक काम पर, 26 नए चालक आ गए बाहर से

हड़ताली एंबुलेंस चालकों पर गाज गिरने की आशंका है। कई को रोजगार से हाथ धोना पड़ सकता है। प्रशासन की सख्ती के बाद जनपद में संचालित 79 में से 32 एंबुलेंस चालक काम पर लौट आए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चालकों को आवास खाली करने एवं गाड़ी की चाबी सौंपने का निर्देश दिया गया है। नई तैनाती के लिए बाहर से 26 चालक भी बुला लिए गए हैं।
विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन से एंबुलेंस चालक (102, 108 और एएसएस) हड़ताल पर हैं। तालानगरी में सेंट फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के समीप खाली मैदान में सभी एंबुलेंस लगाकर धरने पर बैठे थे। मंगलवार रात्रि में मैदान को खाली करा लिया गया। सभी एंबुलेंस को साइट पर भेज दिया गया। बुधवार को 32 एंबुलेंस काम पर लौट आए हैं, जबकि अन्य एंबुलेंस चालक अभी भी आंदोलित हैं। आंदोलित कर्मचारियों से निपटने के लिए सख्त रूप अख्तियार किया जा रहा है। एंबुलेंस कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष अजीत कौर का कहना है कि जवां व चंडौस सहित कई सीएचसी के अधिकारियों द्वारा एंबुलेंस कर्मियों से आवास खाली करने एवं गाड़ी की चाबी सौंपने का निर्देश दिया गया है। संघ अध्यक्ष का कहना है कि कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय का कहना है कि बुधवार को 32 एंबुलेंस चालक (20 एंबुलेंस 102, 12 एंबुलेंस 108) काम पर लौट आए हैं। एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) के एक भी एंबुलेंस चालक काम पर नहीं लौटे हैं। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। जिला मैनेजर अरशद ने बताया कि बाहर से 26 एंबुलेंस चालक आ गए हैं और कुछ लोग आने वाले हैं। हड़ताली कर्मियों से एंबुलेंस की चाबी लेकर नए लोगों को काम पर रख लिया जाएगा। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अधिकतर नेताओं ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है।
क्या है मामला
एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन जीवीके ईएमआरआई द्वारा किया जा रहा था। अब नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा टेंडर जिगित्सा हेल्थ लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। जिसकी वजह से करीब 1200 कर्मचारियों की नौकरी के ऊपर तलवार लटक रही है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि नई कंपनी द्वारा एएलएस गाड़ियों पर पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की नियुक्तियों के लिए विज्ञापन निकाला गया है। नए कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। पहले से काम कर रहे कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है।
प्रमुख मांगें....
- कंपनी बदलने पर एएलएस पर कार्यरत कर्मचारियों को न बदला जाए।
- कंपनी बदलने पर वेतन में किसी भी तरह की कटौती न की जाए।
- हरियाणा की भांति नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन एंबुलेंस का संचालन।
- अगर ठेके पर रखने की मजबूरी हो तो कर्मचारियों को एनएचएम के अधीन ठेके पर रखा जाए।
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हर 30 सेकेंड में हेपेटाइटिस की वजह से एक व्यक्ति की मौत

पेट एवं लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण वार्ष्णेय ने कहा कि हेपेटाइटिस की वजह से दुनिया में हर 30 सेकेंड पर एक व्यक्ति की मौत होती है। डॉ. तरुण वार्ष्णेय हेपेटाइटिस डे पर मैरिस रोड स्थित एक होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी महामारी का दौर चल रहा है। वायरल हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता लाने में देर करना उचित नहीं है। हर साल 11 लाख लोग हेपेटाइटिस सी के संक्रमण के कारण मर जाते हैं, जबकि 94 लाख लोगों को ही वायरस इंफेक्शन का उपचार मिल पाता है।
पूरी दुनिया में सिर्फ 42 प्रतिशत बच्चों को ही जन्म के दौरान हेेपेटाइटिस बी के टीके की खुराक मिलती है। पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव वर्मा ने कहा कि हेपेटाइटिस सी के मरीजों में अगर फाइब्रोसिस स्कोर ज्यादा है तो उनको गंभीर कोविड-19 का संक्रमण हो सकता है। केवल जागरूक कर ही इसे रोका जा सकता है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए सभी देशों से एक साथ मिल कर काम करने का आह्वान किया है, ताकि इस बीमारी को 2030 तक खत्म किया जा सके। सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय ने कहा कि हेपेटाइटिस हमारे लीवर को नुकसान पहुंचाने वाली एक खतरनाक बीमारी होती है। समय पर इलाज नहीं लिया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
ये रहे मौजूद
डॉ. एसपी सिंह , डॉ. सुवेक वार्ष्णेय, डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, डॉ. सुरभि अग्रवाल ,डॉ. हनी गुप्ता, डॉ. विपिन गोयल, डॉ. आशीष मित्तल, डॉ. जीके सिंह, डॉ. उमाकांत गुप्ता ,डॉ. धनंजय शर्मा ,डॉ. पीके शर्मा, डॉ. नितिन अग्रवाल, डॉ. सौरव वार्ष्णेय, डॉ. निखिल शर्मा, डॉ. संजीव शर्मा ,डॉ. बृजेश त्यागी ,डॉ. दीपक शाह, डॉ. अनूप कुमार ,डॉ. मनोज गर्ग, डॉ. नितिका गर्ग आदि।
लक्षण : बुखार, डायरिया, थकान, भूख ना लगना, उल्टी आना, पेट में दर्द होना, दिल घबराना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना ,लगातार वजन कम होना, सिर में दर्द ,चक्कर आना, यूरिन का रंग गहरा हो जाना, मल का रंग पीला हो जाना ,शरीर में खुजली आदि
सावधानी : हेपेटाइटिस का टीका अवश्य लगवाएं, संक्रमित सुई का इस्तेमाल न करें, संक्रमित व्यक्ति के साथ संभोग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें, अच्छी तरह से स्ट्रेलाइज्ड उपकरणों से ही कान छिदवाएं, अपना रेजन, टूथब्रश और सुई को किसी से शेयर न करें।
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समाधान दिवस की फाइल पर करें कार्रवाई : एसएसपी

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने थाना दिवस या समाधान दिवस की फाइल पर फौरन कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही समस्त क्षेत्राधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वह प्रत्येक समाधान दिवस को उत्साह के साथ आयोजित कराएं।
उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों से कहा कि जिस प्रार्थना पत्र थाना दिवस या समाधान दिवस लिखा होता है, उस पर और गंभीरता से कार्रवाई की जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में थाने पर एक अलग से फाइल बनाई जाए, जिस पर उस प्रार्थना पत्र की कॉपी लगाएं।
उस फाइल पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के आधार पर ऊपर दिए गए नोटिस के फॉर्म भरकर वादी व प्रतिवादी को या तो तामील कराया जाए या व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित कर किया जाए। एसएसपी ने कहा कि पक्ष व विपक्ष को समाधान दिवस की पूर्व संध्या पर अगले दिन सुबह 10 बजे थाने पहुंचने के लिए कहा जाए। प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर दोनों पक्ष को बुलाने की जिम्मेदारी किसी उपनिरीक्षक को दी जाए, वह दोनों पक्षों को समाधान दिवस पर सुबह 10 बजे मौजूद वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष पेश करवाएं। मूल प्रार्थना पत्र थाने पर प्राप्ति वाले दिन ही चौकी वालों का प्रभारी को प्रेषित की जाए, ताकि उसमें जांच समाधान दिवस से पूर्व में ही शुरू हो जाए। शाम तक सभी थानों पर समाधान दिवस की फाइल बन जाए, उस फाइल का फोटो व्हाट्सएप ग्रुप में जरूर भेजें।
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अलीगढ़: रंजिश में किशोर की अगवाकर हत्या, फिर मांगी फिरौती, तीन गिरफ्तार

महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र के लच्छिमपुर से एक पखवाड़ा पहले पड़ोसियों ने रंजिशन एक किशोर को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और लाश बोरे में बंद कर नाले में फेंक दी। अब एक पखवाड़े बाद बुधवार दोपहर किशोर के परिवार से फोन पर 10 लाख फिरौती मांगी गई। अब तक बालक की तलाश में जुटा परिवार फिरौती की कॉल आने पर घबरा गया और पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने चंद घंटों में घटना से पर्दा उठाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बालक की लाश भी बरामद कर ली है। देर रात पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी थी।

घटनाक्रम के अनुसार लच्छिमपुर बैंक कालोनी में रहने वाले किशन सिंह लोधी घर में ही भट्ठी चलाते हैं और मजदूरी पर मूर्तियों की ढलाई का काम करते हैं। किशन व उनका भाई पुष्पेंद्र आदि संयुक्त रूप से रहते हैं। किशन सिंह के दो बेटे, एक बेटी में सबसे बड़ा रितिक (16) सारसौल के एक प्राइवेट स्कूल में 9वीं का छात्र था। उसे 15 जुलाई की दोपहर पिता ने मोबाइल चलाने पर डांट दिया था। इसके बाद से वह मोबाइल घर पर ही छोड़कर लापता हो गया था। हालांकि परिवार ने यही समझा कि वह नाराज होकर कहीं चला गया है। मगर तभी से परिवार उसे खोज रहा था। इसी बीच बुधवार दोपहर करीब 10.34 बजे घर में ही रखे रितिक के मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई। यह कॉल रितिक की चाची गुड़िया ने रिसीव की तो उधर से किसी ने खुद को रितिक का अपहरणकर्ता बताते हुए बच्चे की वापसी के बदले 10 लाख रुपये मांगे। इस पर गुड़िया ने फोन तुरंत अपने पति पुष्पेंद्र को दे दिया। पुष्पेंद्र ने उसे हड़काकर बात की तो उधर से कहा गया कि बच्चा अगर जिंदा चाहिए तो 10 लाख रुपये लेकर दिल्ली गली नंबर 5 आ जाओ और फोन काट दिया। 

यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और तत्काल पूरा परिवार बन्नादेवी थाने पहुंचा। जहां पूरा वाकया बताया। खबर पर तत्काल एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ द्वितीय मोहसिन खान, बन्नादेवी पुलिस, नगर क्षेत्र की एसओजी व सर्विलांस टीम सक्रिय हो गई। सर्विलांस की मदद से पुलिस कॉल करने वाले आरव निवासी नगला मसानी तक पहुंची और उसकी मदद से किशन सिंह के ही पड़ोसी प्रदीप व दूसरी गली में रहने वाले योगेंद्र को दबोच लिया। तीनों को दबोचकर पूछताछ हुई तो वे टूट गए और उन्होंने स्वीकारा कि योगेंद्र ने व्यापार के सिलसिले में किशन सिंह से १ लाख रुपया एडवांस लिया था। जो वापस नहीं हो पाया था। इसी विवाद में किशन ने योगेंद्र को धमका दिया था। इसी रंजिश में योगेंद्र के कहने पर हमने मिलकर रितिक को अगवा कर उसी दिन उसकी हत्या कर दी और रात में शव बोरे में बंद कर टिर्री में लादकर गगन स्कूल के पास नाले में फेंक आए। देर रात पुलिस ने शव बरामद कर लिया था। इस खबर पर परिवार में कोहराम मचा हुआ था।

-लच्छिमपुर से बच्चे को रंजिशन अगवा किया गया था और परिवार को गुमराह करने के इरादे से फोन पर रंगदारी मांगी गई। मगर आरोपी खुद ही अपने बुने जाल में फंस गए। तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। टिर्री भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ में अन्य तथ्य सामने लाए जा रहे हैं। -कुलदीप सिंह गुणावत, एसपी सिटी
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मृतक रितिक और उसके परिवार के लोग मृतक रितिक और उसके परिवार के लोग

अलीगढ़: बच्चा चोर गैंग का बड़ा खुलासा, फर्जी गोदनामा बनाकर मासूम को बेचते थे गिरोह के सदस्य, जांच शुरू

इस गैंग से पूछताछ में साफ हुआ कि वह फर्जी गोदनामा बनाकर बच्चों को बेचते थे। इस तथ्य को स्पष्ट करने और इस फर्जी गोदनामा के आधार पर फर्जीवाड़े की धारा मुकदमे में शामिल करने के लिए पुलिस को गोदनामा की जांच के निर्देश दिए।

बच्चा चोरी कर नि:संतान दंपतियों को बेचने वाले गैंग को जेल भेजने के बाद पुलिस ने फर्जी गोदनामा की जांच शुरू कर दी है। इस क्रम में बुधवार को पुलिस ने एक गोदनामा भी बच्चा खरीदने वाली महिला से बरामद कर लिया है। 

हालांकि, इस दौरान एक घर में ताला लगा मिला, जिसे पुलिस खुलवाकर गोदनामा तलाशने का प्रयास करेगी। इधर, गाजियाबाद से चोरी किए गए एक बच्चे के परिवार का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। यह बच्चा अभी चाइल्ड लाइन की निगरानी में है।

रविवार रात बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ अभियान चलाकर पुलिस ने सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में 16 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं। इनसे 5 बच्चे बरामद किए गए थे। इसके बाद अलीगढ़ पुलिस के इनपुट पर गाजियाबाद से भी दो महिलाएं गिरफ्तार कर एक बच्चा बरामद किया गया। 

इस गैंग से पूछताछ में साफ हुआ कि वह फर्जी गोदनामा बनाकर बच्चों को बेचते थे। इस तथ्य को स्पष्ट करने और इस फर्जी गोदनामा के आधार पर फर्जीवाड़े की धारा मुकदमे में शामिल करने के लिए पुलिस को गोदनामा की जांच के निर्देश दिए।

इसे लेकर पुलिस टीम ने बुधवार को बच्चा खरीदने वाले बाबा कॉलोनी के दंपती आकाश व मनीषा के घर से एक गोदनामा बरामद कर लिया है। आकाश को पुलिस जेल भेज चुकी है। जांच व बयान के लिए पहुंची पुलिस ने मनीषा से यह गोदनामा बरामद किया है। जिसमें बबली की ओर से कथित रूप से अपना बेटा कार्तिक मनीषा को गोद देना स्वीकारा है। यह गोदनामा दस रुपये के स्टांप पर है। जिसमें खरीदार के हस्ताक्षर नहीं हैं। 

पुलिस अब इस गोदनामा की जांच कर रही है, जिसके तहत स्टांप बेचने वाले को भी जांच की जद में लिया जाएगा। वहीं एक मकान में ताला लगा मिला है, उसकी तलाशी के लिए पुलिस प्रयासरत है। इधर, इस मामले में फरार महिलाओं की तलाश में पुलिस टीम लगी हैं। वहीं गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से चोरी किया गया बच्चा अभी चाइल्ड लाइन के पास है। अलीगढ़ पुलिस की सूचना पर वहां गाजियाबाद की पुलिस इस बच्चे के परिवार को तलाशने का काम कर रही है। 

अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। इधर, इस मामले में गाजियाबाद में पकड़ी गईं दोनों महिलाओं को यहां की पुलिस रिमांड पर ले सकती है। वहीं गाजियाबाद के अलावा मुरादाबाद व अन्य कई जिलों की पुलिस भी यहां आकर इस गिरोह के सदस्यों से जेल में पूछताछ कर सकती है और इन्हें रिमांड पर ले सकती है।
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अलीगढ़ः अपहरण के 13वें दिन थाने पहुंचा परिवार, चंद घंटों में खुला राज

हालांकि रितिक की हत्या अपहरण के चंद घंटों बाद ही कर दी गई। मगर जागरूकता की कमी कहें या कुछ और। पीड़ित परिवार बच्चे के गायब होने के तेरहवें दिन यानि बुधवार को फिरौती की कॉल आने पर ही थाने पहुंचा। अगर समय से पहुंच गया होता तो शायद तेरह दिन तक भटकना नहीं पड़ता। हां, रितिक के पिता ने इलाके के परिचित रनवीर सिंह नाम के दरोगा को जरूर बताया था कि उनका बच्चा गायब है। उसने कहा भी था कि आप तलाश लो, अगर किसी मदद की जरूरत हो तो बताना। इधर, रक्षाबंधन से ऐन पहले भाई की मौत पर रितिक से छोटी बहन लाड़ली, मां मीना का बुरा हाल है, जबकि सबसे छोटा बेटा बाबू भी बेहाल है।
पिता ने ही डांटा था बेटे को, तभी हुआ गायब
बुधवार देर शाम घर के दरवाजे पर बिलखते हुए किशन सिंह ने खुद मीडियाकर्मियों को पूरा घटनाक्रम बताया। किशन ने बताया कि रितिक 15 जुलाई की दोपहर में मोबाइल हाथ में लेकर ईयर फोन कान में लगाकर इधर उधर टहल रहा था। तो उसे इस बात पर डांट दिया था कि हर समय मोबाइल में लगा रहता है। या तो पढ़ाई कर ले या आराम कर ले। इसके बाद वह मोबाइल घर में छोड़कर दरवाजे की ओर चला गया। फिर नहीं लौटा। चूंकि कुछ साल पहले भी वह इसी तरह गायब हो गया था और अपनी हाथरस में रिश्ते की बहन के घर पहुंचा था। इसलिए लगा कि वह गुस्सा होकर चला गया है। इसलिए रिश्तेदारों में तलाशते रहे और पुलिस को खबर नहीं दी। हां, इलाके के एक दरोगा रनवीर सिंह से उनका परिचय है तो उन्हें वाकया बताया था। इस पर उन्होंने कहा था कि तलाश लो, अगर कोई मदद चाहिए तो बता देना।
पहले बेहोश किया, फिर गला दबाया और रेता
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकारा कि प्रमोद किशन से पहली गली में रहता है, जबकि योगेंद्र पीछे वाली गली में रहता है। दोनों में दोस्ती है। प्रमोद सारसौल के एक बाइक शोरूम पर जॉब करता है। दोस्ती में योगेंद्र ने प्रमोद के सामने प्रस्ताव रखा। इसी प्रस्ताव पर घटना वाले दिन दरवाजे पर टहल रहे बालक को प्रमोद ने बहाने से अपने घर बुलाया और उसी समय पहले उसे खाने में नशा देकर बेहोश किया। फिर गला दबाकर हत्या की और गला रेंतकर शव बोरी में बंद कर छत पर डाल दिया। रात करीब 11 बजे शव को योगेंद्र ने अपने परिचित की टिर्री में लादकर नाले में फेंका। अब उन्हें लगा कि परिवार को गुमराह कर दिया जाए। कहीं ऐसा न हो कि हम किसी तरह फंस जाएं। फिरौती की खबर दे देंगे तो परिवार और पुलिस गुमराह होकर घूमेगी। इस पर प्रमोद ने अपने साथी आरव के मोबाइल से फोन पर फिरौती मांग ली। मगर पुलिस ने सर्विलांस से आरव और फिर प्रमोद व यागेंद्र को दबोच लिया।
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अलीगढ़ः 'तीसरी आंख' ऑपरेशन की दरकार

राहुल कुमार
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर भर में निगरानी के लिए लगाए गए 63 में से 20 सीसीटीवी कैमरे खराब हो गए हैं। एक माह से अधिक समय होने पर भी इनकी दुरुस्तीकरण की फाइल सिर्फ अधिकारी दर अधिकारी घूम रही है। मगर, अब तक इनके दुरुस्त किए जाने का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यह लापरवाही ऐसे समय में है, जब हाल ही में बच्चा चोरी गैंग की धरपकड़ कर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है। इस गैंग का सुराग एटा चुंगी और आगरा रोड पर लगे सीसीटीवी से ही मिला था। इसके बाद भी जिम्मेदार इन कैमरों की गंभीरता नहीं समझ रहे हैं। यह कैमरे शहर के अतिव्यस्त/अति संवेदनशील इलाकों में लगे हुए हैं।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहरभर के चौराहों पर कुल 63 कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी इंटीग्रेटिड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर, नगर निगम से होती है। यातायात पुलिस के कर्मचारी इसकी निगरानी करते हैं। इसके अलावा नगर निगम ने भी अपने कर्मचारियों को लगा रखा है। इन कैमरों से शहर की सड़कों की निगरानी सहित वाहनों के चालान काटने, चोरी के वाहनों को पकड़ऩे आदि का भी काम लिया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण काम किसी आपराधिक घटना के समय होता है, इन कैमरों के जरिये ही अपराधियों तक पहुंचने की कसरत सबसे पहले की जाती है। इसके बाद भी अधिकारी इनकी ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। 20 जून के बाद इनके खराब होने के संबंध में एक फाइल इंटीग्रेटिड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के प्रभारी द्वारा अधिकारियों को भेजी गई। उसमें 20 खराब कैमरों की लिस्ट, उनके स्थान और कैमरा संख्या सहित चस्पा की गई।
इसके आधार पर एसपी ट्रैफिक की ओर से एएससीएल के सीईओ को पत्र लिखा गया। यह पत्र 26 जून को जारी हुआ। इसके बाद जुलाई के प्रथम सप्ताह में एसएसपी स्तर से जिलाधिकारी को पत्र जारी कर इन खराब कैमरों की स्थिति से अवगत कराया गया। सात जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय से कैमरों को ठीक कराने के संबंध में नगर आयुक्त को पत्र लिखा गया। फिर इसी संबंध में एक पत्र 16 जुलाई को अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक को अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी की ओर से पत्र लिखा गया। इन सभी पत्राचारों के बावजूद अभी तक यह नहीं तय हुआ है कि कैमरों को कब तक ठीक कराया जाएगा।
इन स्थानों पर लगे सीसीटीवी पड़े हैं बंद
कमालपुर
कयामपुर
कवरकुत्ता
मथुरा रोड चेंजर
मीरुमल
मामूभांजा
हड्डी गोदाम
भुजपुरा
हाथरस अड्डा
सूतमील
सासनी गेट
सासनी गेट
एएमयू सर्किल
एटा चुंगी
मैरिस रोड
सेंटर प्वाइंट
बाराद्वारी
कयामपुर
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अलीगढ़ः ‘होटल’ की तर्ज पर जेल कैंटीन... सामान 50 फीसदी तक महंगा

अभिषेक शर्मा
जिला कारागार में संचालित कैंटीन में अधिक वसूली और ‘होटल’ की तर्ज पर खाने पीने का कुछ भी खरीदो का मुद्दा प्रदेश सरकार की आश्वासन समिति में उठा है। बरौली क्षेत्र के भाजपा विधायक ठा.दलवीर सिंह ने जेलर की निगरानी में यह कैंटीन संचालित होने और इसकी आड़ में कमजोर वर्ग के बंदियों का शोषण किए जाने की शिकायत की है। इस पर आश्वासन समिति के अध्यक्ष मथुरा के मांट विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने डीजी जेल को जांच के निर्देश दिए हैं। साथ में अंदेशा व्यक्त किया है कि ऐसा प्रदेश की अन्य जेलों में हो सकता है।
पिछले कुछ समय से जेलरों की देखरेख में जेलों में कैंटीन का संचालन शुरू हुआ था। बंदी कल्याण कोष के तहत बंदियों को सुविधा देने के लिए इसको चालू कराया गया। उस समय तय हुआ था कि ऐसी कैंटीन में न्यूनतम दर या बाजार से दस फीसदी का अतिरिक्त चार्ज लेकर बंदियों को प्रतिबंधित उत्पाद छोड़कर उनकी दैनिक जरूरतों या नमकीन बिस्कुट जैसे खाने-पीने का सामान दिया जाएगा। मगर विधायक ठा.दलवीर सिंह ने 22 जुलाई को लखनऊ में हुई आश्वासन समिति की बैठक में अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी के समक्ष शिकायत रखी कि अलीगढ़ जेल में वर्तमान में 10 की जगह 50 फीसदी तक अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। उन्होंने सीधे कहा कि जेलर की निगरानी में यह सब हो रहा है। पहले से मशक्कत के नाम पर कमजोर वर्ग के बंदी से रुपये लिए जाते हैं। ऐसे में यह उस पर आर्थिक बोझ रहता है। इसके बाद कैंटीन में इस तरह की अवैध वसूली से बंदी और परेशान रहते हैं। दूसरी बात कैंटीन में होटल की तर्ज पर सब्जियां व अन्य खाने पीने की वस्तुएं बनाकर उन्हें बेचने का प्रावधान समझ से परे है। यह सब निजी आय के इरादे से हो रहा है। विधायक ने पूरा प्रकरण विस्तार से बता कर इस मामले की गहन जांच कराने और दोषियों के विरु द्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। ठा.दलवीर सिंह के अनुसार विधानसभा की आश्वासन समिति के अध्यक्ष ने डीजी जेल से इस संबंध में जांच करने का निर्देश दिया है। संभावना है कि यूपी की कई जेलों में अंदरखाने ये खेल हो रहा हो।
समिति के समक्ष मौजूद थे जेल अधीक्षक
विधानसभा की आश्वासन समिति के समक्ष जिस वक्त विधायक दलवीर सिंह मौजूद थे। उस समय हाथरस जेल निर्माण के संबंध में तलब किए जाने के कारण अलीगढ़ कारागार के अधीक्षक भी वहां मौजूद थे।
-कोरोना काल में जेल में मुलाकातें बंद होने के कारण बंदियों को हर वस्तु कैंटीन से ही खरीदनी पड़ी है। कपड़ों के अलावा अन्य जरूरी व दैनिक प्रयोग का सामान अंदर नहीं जा पाया है। इसकी आड़ में जेलर की निगरानी में जेल में यह अव्यवस्था फैली। इसकी शिकायत हम तक आई तो विधानसभा की आश्वासन समिति में विषय रखा गया है। समिति अध्यक्ष के निर्देश पर इसकी जांच के लिए शासन से कोई अधिकारी यहां आएंगे। जांच अधिकारी के आने पर साक्ष्य के साथ बिंदुवार शिकायत उनके समक्ष भी रखी जाएगी।
- ठा.दलवीर सिंह विधायक, भाजपा बरौली क्षेत्र
ये है कैंटीन का नियम -
-प्रतिबंधित वस्तुओं को छोड़कर सिर्फ दैनिक प्रयोग की वस्तुएं ही बेच सकते हैं।
- न्यूनतम दर या 10 फीसदी अतिरिक्त रकम वसूली जा सकती है इस कैंटीन में।
- बंदी कल्याण कोष के तहत ही संचालित की जाती है कारागारों में यह कैंटीन।
ये हुई अलीगढ़ की शिकायत --
-15 रुपये प्रति नग बिकता है यहां समोसा
-20 रुपये प्रति चमचा बिकती हैं सब्जियां
-डोसा, चाऊमीन, रसगुल्ला, अंडाकरी भी
-होटल की तरह कुछ भी खाने पीने का लो
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इस्लामनगर में गिरी दीवार, बाल-बाल बचे लोग

बारिश के बाद महानगर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से लोगों को बहुत परेशानी हुई। हालांकि दोपहर तक अधिकतर मुख्य मार्गों से पानी उतर गया है। इस्लामनगर में एक मकान की दीवार ढह गई है। संयोग अच्छा था कि बच्चे बाहर खेल रहे थे।
भुजपुरा क्षेत्र के इस्लामनगर में जलभराव होने से हनीस के मकान की दीवार ढह गई। किसी को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ है। घटना के समय बच्चे बाहर खेल रहे थे। मंगलवार रात्रि में हनीस के पड़ोसी गुलशाद पुत्र यासीन खान की दीवार गिरी थी। स्थानीय पार्षद अनीस सैफी ने बताया कि इस्लामनगर में जलभराव से पिछले दिनों सात मकान एवं दीवार गिरे थे। कई लोग घायल भी हुए थे। बावजूद इसके नगर निगम ध्यान नहीं दे रहा है। जलभराव से लोग बहुत परेशान हैं। एक कब्रिस्तान एवं उसके बाहर घुटने पर जलभराव है। स्थानीय निवासी बहुत परेशान हैं।
कचहरी रोड एवं परिसर में जलभराव से अधिवक्ता बेहद परेशान हुए। पार्किंग क्षेत्र जलमग्न हो गया है। नगर निगम के जवाहर भवन में भी जलभराव हुआ है। बारिश के बाद भुजपुरा क्षेत्र के अतिरिक्त रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, मैरिस रोड, क्वार्सी, सुदामापुरी, गुरुद्वारा रोड, सुरेंद्रनगर, विष्णुपुरी एक्सटेंशन, नगला तार, पान दरीबा, महेंद्रनगर, रावण टीला, ज्वालापुरी, रघुवीरपुरी, शाहजमाल, अशोकनगर, तस्वीर महल, नई बस्ती, खैर रोड, कामाख्या मंदिर क्षेत्र में केवल विहार से लेकर नगला मौलवी तक क्षेत्र में जलभराव हुआ है। पार्षद नीलेश उपाध्याय का कहना है कि समय से नाले की सफाई हो गई होती तो जलभराव से इतनी परेशानी नहीं होती। जल भराव वाले क्षेत्रों में दो पहिया एवं चार पहिया वाहन बंद हो रहे हैं। गड्ढे में गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि सभी पंपिंग स्टेशन को पूरी क्षमता से चलाया जा रहा है। सुबह 11:30 से दो बजे तक शहर का चक्कर लगाकर स्थिति का जायजा लिया। मुख्य मार्गों से पानी उतर गया है। कुछ क्षेत्रों में पंप भेजकर पानी निकाला जा रहा है।
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शराब कांड...25 तस्करों के चार गैंग पंजीकृत

प्रदेश भर में हलचल पैदा करने वाले जहरीली शराब कांड के मुख्य माफिया के साथ-साथ सक्रिय छोटे माफिया व तस्करों पर भी पुलिस तगड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में इस कांड के 25 तस्करों के 4 गैंग पंजीकृत किए गए हैं। इनकी अब ताउम्र पुलिस स्तर से निगरानी की जाएगी और समय-समय पर इनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी जारी रहेंगी। इसी कड़ी में अभी काम जारी है और चार नए गैंग पंजीकृत किए जा रहे हैं।
शासन व डीजीपी के निर्देश पर एसएसपी कलानिधि नैथानी द्वारा लगातार शराब कांड के आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में चिह्नित किए गए जहरीली शराब बेचने वाले ठेकेदार, उनके कर्मचारी, शराब सप्लायर, फैक्टरी संचालक आदि 25 तस्करों के गैंग पंजीकृत किए गए हैं। ये सभी संगठित रूप से जहरीली व नकली शराब कारोबार में सक्रिय थे। ये गैंग चार सरगनाओं से जुड़े हैं। एसएसपी ने बताया कि इस गैंग पंजीकरण प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ यह रहेगा कि पुलिस की ताउम्र निगरानी होती रहेगी। इसी कड़ी में काम जारी है और 4 नए गैंग भी जल्द पंजीकृत कर दिए जाएंगे।
ये हैं चारों का गैंगचार्ट
डी-73/2021 नीरज चौधरी गैंग थाना पिसावा पर पंजीकृत
1-नीरज चौधरी पुत्र धर्मवीर निवासी नारायनपुर थाना खैर (गैंग लीडर)
2-विवेक कुमार पुत्र संतपाल निवासी सहारनपुर थाना खुर्जा नगर बुलंदशहर (सदस्य)
3-संदीप उर्फ अर्जुन पुत्र मुनेश निवासी शादीपुर थाना पिसावा (सदस्य)
4-वीरपाल पुत्र लोहरे सिंह निवासी शादीपुर थाना पिसावा(सदस्य)
डी-74/2021 विक्रम सिंह गैंग थाना पिसावा पर पंजीकृत
1-विक्रम सिंह पुत्र कुंवरपाल सिंह निवासी केशवनगर पानी की टंकी सुरेंद्रनगर थाना क्वार्सी (गैंग लीडर)
2-रामखिलौनी पुत्र हरिप्रसाद शर्मा निवासी पला कस्तली थाना जवां (सदस्य)
3-रवि पुत्र दिलीप निवासी सहजपुरा थाना पिसावा (सदस्य)
4-राजेंद्रपाल सिंह पुत्र छीतर सिंह निवासी बिजलीघर बौनेर थाना गांधीपार्क (सदस्य)
डी-75/2021 मदन गोपाल उर्फ कालिया गैंग थाना मडराक पर पंजीकृत
1-मदन गोपाल उर्फ कालिया पुत्र किशनलाल निवासी एच-62 न्यू इंडस्ट्रीयल टाउन थाना एनआईटी-5 फरीदाबाद, हरियाणा (गैंग लीडर)
2-चौब सिंह पुत्र राम सिंह निवासी चौमुहां थाना अतरौली(सदस्य)
3-बनवारी पुत्र ओमप्रकाश निवासी चौमुहां थाना अतरौली(सदस्य)
4-अनिल कुमार तौमर पुत्र दलवीर सिंह निवासी देदामई थाना सासनी (सदस्य)
5-अवधेश पुत्र रामवीर निवासी दमुआंका थाना पिसावा(सदस्य)
6-रामवीर सिंह पुत्र लेखराज निवासी नगरिया विजना थाना पिसावा(सदस्य)
7-जगदीश पुत्र जयनारायन निवासी खड़ौआ थाना पालीमुकीमपुर (सदस्य)
8-अनिल कुमार पुत्र नेमसिंह निवासी गालिबपुर थाना डिबाई बुलंदशहर हालपता- डी-12 न्यू कॉलोनी थाना एनआईटी फरीदाबाद, हरियाणा (सदस्य)
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डी-76/2021 दिलीप दुबे गैंग थाना टप्पल पर पंजीकृत
1-दिलीप दुबे पुत्र महेंद्रपाल दुबे निवासी हेमंतनगर संगमविहार थाना क्वार्सी (गैंग लीडर)
2-सोनू शर्मा पुत्र भोजराज निवासी ताहरपुर थाना टप्पल (सदस्य)
3-नीरज शर्मा पुत्र भोजराज निवासी ताहरपुर थाना टप्पल (सदस्य)
4-अजय चौधरी उर्फ धर्मेंद्र प्रताप सिंह पुत्र सौदान सिंह निवासी गौमत थाना खैर(सदस्य)
5-अर्जुन सिंह पुत्र नवल सिंह निवासी गौमत थाना खैर(सदस्य)
6-अरुण कुमार पुत्र इंद्रपाल निवासी ढलना थाना शिकारपुर बुलंदशहर (सदस्य)
7-मोनू पुत्र श्रीचन्द निवासी सुनामई थाना गोधा(सदस्य)
8-संजू पुत्र मोहनलाल निवासी लोहगढ़ थाना अतरौली(सदस्य)
9-सत्यपाल सिंह पुत्र राजसिंह निवासी होली चौक महीपालपुर बसंतकुंज नार्थ नई दिल्ली (सदस्य )
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-जिले में संगठित होकर अपमिश्रित शराब कारोबार करने के अभयस्थ अपराधियों व शराब कांड में शामिल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का क्रम जारी है। इसी क्रम में चार गैंग पंजीकृत किए गए हैं। जिनमें 25 सदस्य शामिल किए गए हैं। अभी चार अन्य गैंग भी पंजीकृत होने हैं। यह कार्रवाई भी शीघ्र की जाएगी। पुलिस टीमें लगातार हिस्ट्रीशीट खोलने, गैंगेस्टर लगाने व गैंग पंजीकृत करने आदि पर कार्रवाई कर रही हैं। इससे इनकी उचित निगरानी होती रहेगी।
-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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रामघाट रोडः पेट्रोल पंप के सामने सड़क बनी तालाब, कब होगा समाधान

रामघाट रोड पर पीएसी के पास पेट्रोल पंप के सामने जलभराव की समस्या दूर नहीं हो रही है। यहां पानी की निकासी बमुश्किल हो पा रही है। उस पर लगातार बारिश ने यहां पर गड्ढों के बीच तालाब बना दिया है, जिससे वाहन सवारों को जान जोखिम में डाल कर सफर करना पड़ रहा है।
लगातार इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराने, विधायक सांसद से शिकायत होने के बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। सभी के पास एक ही जवाब है शासन से बजट मिलने के बाद ही इस पर काम हो सकेगा। बीते दिनों बहुत पानी भरने के बाद पीडब्ल्यूडी ने यहां से अस्थायी छोटा नाला बनाया था, जिससे कुछ पानी निकलना शुरू हुआ, लेकिन गड्ढा बहुत बड़ा होने के कारण ज्यादा राहत नहीं मिली है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि वह इस समस्या के समाधान के लिए खुद मुख्यालय से संपर्क में हैं। जल्द ही इसके लिए बजट जारी होगा। इसके बाद काम शुरू होगा।
गौर हो कि लगभग तीन महीने से यहां पर गड्ढे बने हुए हैं। जिसको भरवाया नहीं गया, जिसके बाद से यहां पानी भरने की समस्या लगातार बड़ी हो रही है। महीनों से अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सके हैं।
रामघाट रोड पर पीएसी पेट्रोल पंप के पास जलभराव एवं गड्ढे होने से लोग बेहद परेशान हैं। इस संबंध में प्रमुख सचिव से बात हुई है। पीडब्लूडी के मुख्य अभियंता की ओर से एस्टीमेट बनाकर शासन के पास भेजा गया है। जरूरत पड़ी तो जिला पंचायत से भी सहयोग लिया जाएगा। नागरिकों को समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाएंगे।
ठा. दलवीर सिंह, विधायक बरौली विधान सभा क्षेत्र
रामघाट रोड पर पीएसी के पास समस्या के समाधान के लिए प्रस्ताव शासन के पास गया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मैंने स्वयं पत्र लिखा है। उप मुख्यमंत्री से बात कर जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
-सतीश कुमार गौतम, सांसद
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अलीगढ़-पलवल की 29 किमी सीमा का विवाद नए सिरे से निपटेगा

यूपी हरियाणा सीमा विवाद निपटाने की नई पहल हो रही है, ताकि यमुना नदी के कटान का असर दोनों तरफ झंझट न पैदा करे। अलीगढ़-पलवल की 29 किमी सीमा पर नए सिरे से पैमाइश होगी। जिसमें पिलर लगा कर बाउंड्रीवाल बनेगी। इसके लिए जगह का सर्वे कर चिन्हांकन होगा। नए सिरे से जमीनों का रिकार्ड बनेगा। इसी रिकार्ड को नजीर माना जाएगा।
एसडीएम खैर अंजनी कुमार ने बताया कि मेरठ के मंडलायुक्त ने इस संबंध में हाल ही में बैठक की थी, जिसमें वह भी शामिल हुए।
एसडीएम खैर ने बताया कि अलीगढ़ पलवल के बीच 29 किमी की सीमा है। इसके लिए नए सिरे से अलीगढ़ और हरियाणा के पलवल जिले की सीमा का चिन्हांकन होगा। एक सर्वमान्य सहमति के बाद सीमा तय होगी। इस सीमा पर बाउंड्रीवाल बनाने का काम पीडब्ल्यूडी को सौंपा जाएगा। इसका डिजाइन पीडब्ल्यूडी बना रहा है। अलीगढ़ की सीमा के तकरीबन सात गांव इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इन गांवों के लोगों का पलवल के लोगों के साथ अक्सर विवाद होता रहता है। इन गांवों में घरबरा, ऊंटासानी, शेरपुर, रैयतपुर-लालपुर, गिरधरपुर, धारागढ़ी, महराजगढ़, साजिलपुर, मालव, समस्तपुर शामिल हैं।
गौर हो कि लगभग तीन दशक से जारी इस विवाद का अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है। कई बार दोनाें प्रदेशों के आला अफसरों के बीच बैठक होने के बाद भी कोई ठोस मसौदा तय नहीं हुआ है। अब नये सिरे से इसका प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
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अलीगढ़ः डिफेंस कॉरिडोर व ख्यामई औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण के लिए हो भूमि आरक्षित

जिले के कोल्ड स्टोर स्वामियों ने प्रशासन से डिफेंस कॉरिडोर व ख्यामई औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाई के लिए भूमि आरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने हर तीन चार साल में आलू की बेकद्री पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज आनर्स एसोसिएशन की बैठक में कोल्ड स्टोर स्वामियों से भी भंडारण क्षमता के बजाय खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने की अपील की गई। इस मौके पर बुलंदशहर स्थानांतरित हुए डीएचओ एनके सहानियां को बधाई दी गई तो नवागत डीएचओ डॉ.धीरेंद्र सिंह का जोरदार स्वागत किया गया।
इस मौके पर महामंत्री अतुल अग्रवाल ने बताया कि हर तीन या चार साल बाद आलू के भाव अच्छे मिलते हैं। बाकी सालों में तो किसान मंदी की मार ही झेलता है। कोरोना काल में आलू की निकासी कम होने से दाम भी गिरे हैं। इस वजह से सीजन के अंत में आलू फिंकने का संकट गहरा रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए कोल्ड स्टोर स्वामी भंडारण क्षमता बढ़ाने के बजाय प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर ध्यान दें। आईआईए व लघु उद्योग भारती से जुड़े मंडलीय फेसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य व एसोसिएशन के समन्वयक मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि दिसंबर 2021 से हमारी मांग है कि जनपद में प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर व ख्यामई औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य व प्रसंस्करण उद्योग के लिए भूमि आरक्षित की जाए। किंतु इस दिशा में शासन व प्रशासन स्तर पर कोई भी सार्थक पहल नजर नहीं आ रही। वर्तमान में आयल मिल व फ्लोर मिलों के अतिरिक्त 3 मटर व सब्जी के प्रसंस्करण व 1 आलू प्रसंस्करण की इकाई कार्यरत है। इनमें वृद्धि की अनंत संभावना है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि आलू के निरंतर गिरते भाव के मध्य उत्तर प्रदेश सरकार की टॉप योजना, खरीद योजना, अन्य राज्यों में आलू भेजने पर भाड़े की सब्सिडी के लाभार्थी प्रदेश में कहीं नजर नहीं आते। इन सभी योजनाओं को धरातल पर लाने की बहुत सख्त जरूरत है। आलू की खपत बढ़ाने व अधिक फिंकने वाली किर्री को गोशालाओं में खपाने का प्रस्ताव भी लंबित है। इस पर अविलंब कार्यवाही किसान व गोशाला दोनों के ही हित में है।
इस मौके पर निवर्तमान जिला उद्यान अधिकारी एन के सहानियां का बुलंदशहर स्थानांतरण होने पर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि आपकी कर्मठता व मधुर व्यवहार जनपद के शीतगृह स्वामी विस्मृत नहीं कर पाएंगे। इस अवसर पर नवागत जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह का स्वागत किया गया। तत्पश्चात एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने वरिष्ठ भाजपा नेता व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ राजीव अग्रवाल को नीति विषेयक शोध विभाग भाजपा उत्तर प्रदेश का सह संयोजक का दायित्व मिलने पर स्वागत व अभिनंदन किया। डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा कि आपको भरोसा दिलाता हूँ कि मैं आपकी आशाओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करुंगा।
इस मौके पर चौधरी कल्याण सिंह, मनीराम शर्मा, अजय गुप्ता, ठाकुर योगेंद्र पाल सिंह, ठाकुर गौरी शंकर सिंह, दिनेश वर्मा, राजेश बाबा, पप्पू प्रधान, संजय गर्ग, राजेंद्र वार्ष्णेय, कन्हैयालाल अग्रवाल, श्रीकांत शर्मा, अजय जैन, डॉ. देवेश अग्रवाल, बल्लभ चौधरी, धीरज चौधरी, सतीश सिंह आदि उपस्थित रहे।
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