चेहल्लुम:  दिलों में गम, आंखों से पेश किया आंसुओं का नजराना

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 29 Sep 2021 12:15 AM IST
चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर जंजीर का मातम पेश करते अकीदतमंद। शिव त्रिपाठी।
चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर जंजीर का मातम पेश करते अकीदतमंद। शिव त्रिपाठी। - फोटो : prayagraj
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चेहल्लुम पर हजरत इमाम हुसैन और 71 अन्य शहीदों की शहादत के गम में मंगलवार को मुस्लिम इलाके डूबे रहे। हर तरफ मातम और आंसुओं का नजराना पेश किया जाता रहा। कर्बला के शहीदों की याद में चेहल्लुम पर वर्षों पुरानी जुलूस निकालने की परंपरा टूट गई। इस दौरान जगह-जगह तेज धार छूरियों के अलावा जंजीरी मातम कर लोगों न गम का इजहार किया।  
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चेहलुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर जंजीर का मातम पेश करते अकीदतमंद। शिव त्रिपाठी।
चेहलुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर जंजीर का मातम पेश करते अकीदतमंद। शिव त्रिपाठी। - फोटो : prayagraj
इमामबाड़ा नवाब आजम हुसैन रानीमंडी से  1862 में शुरू हुआ चेहल्लुम का जुलूस लगातार दूसरे वर्ष भी इस बार कोरोना संक्रमण के कारण नहीं निकाला जा सका। इमामबाड़े के अंदर ही मौलाना जव्वादुल हैदर रिजवी ने जोहर की बाजमात नमाज अदा कराई। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित अजादारों की मौजूदगी में मौलाना सैयद जव्वाद हैदर ने मजलिस को खिताब किया। अंजुमन अब्बासिया, अंजुमन शब्बीरिया, अंजुमन हुसैनिया कदीम के नौहाख्वानों ने सिलसिलेवार नौहा और मातम किया।

चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर जंजीर का मातम पेश करते अकीदतमंद। शिव त्रिपाठी।
चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर जंजीर का मातम पेश करते अकीदतमंद। शिव त्रिपाठी। - फोटो : prayagraj
इमामबाड़े के अंदर ही तेज धार की छूरियों से लैस जंजीरों से पुश्तजनी कर मातमदारों ने अपने आप को लहूलुहान कर लिया। इमामबाड़ा आबिदिया में मौलाना आमिरुर रिजवी ने मजलिस को खिताब किया। चेहल्लुम पर शोहदा-ए- कर्बला और असीराने कर्बला पर ढ़ाए गए यजीदी लश्कर के जुल्मों सितम की दास्तां बयान की गई। अंजुमन गुंचा-ए-कासिमियां के नौहाख्वान शादाब जमन और अंजुमन आबिदया के नौहाख्वान काजिम अली और उनके साथियों ने मातम कर चौथे इमाम जैनुल आब्दीन को हजरत इमाम हुसैन की शहादत का पुरसा दिया।

चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर मातम पेश करते अकीदतमंद। शिव त्रिपाठी।
चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर मातम पेश करते अकीदतमंद। शिव त्रिपाठी। - फोटो : prayagraj
वहीं बच्चा जी धर्मशाले के सामने इमामबाड़ा मीर हुसैनी में अंजुमन हैदरिया रानीमंडी के नौहाख्वान हसन रिजवी व अन्य सदस्यों ने नौहा और मातम किया। मातमी सदस्यों ने इसी इमामबाड़े के अंदर तेज धार छूरियों से लैस जंजीरों से अपनी पीठ को लहुलुहान कर लिया तो कई लोगों ने सिर पर छूरियों से मातम किया। ताबूत हजरत इमाम हुसैन,ताबूत हजरत अली अकबर, झूला हजरत अली असगर, जैनबो कुलसुम की अमारी, जुलजनाह, अलम व चौथे इमाम जैनुल आब्दीन के बिस्तर पर लोगों ने फूल माला चढ़ा कर मन्नतें मांगी।

चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित मातमी जुलूस में नौहाखानी पेश करते अकीदतमंद। अमर उजाला।
चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित मातमी जुलूस में नौहाखानी पेश करते अकीदतमंद। अमर उजाला। - फोटो : prayagraj
दरियाबाद इमामबाड़ा सलवात अली खां में मौलाना मेहर अब्बास ने मजलिस को खिताब किया। इसी तरह अंजुमन हाशिमिया के नौहाख्वान सफदर अबास डेजी और अंजुमन नकविया के शारुख शबी हसन ने अपने साथियों संग गमगीन नौहा पढ़ा। जुलजना, अलम, ताबूत अमारी और झूला हजरत अली असगर पर लोगों ने अकीदत के फूल चढ़ाए।

चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर मातम पेश करते अकीदतमंद। इस दौरान घर की छत पर मौजूद महिलाएं। अमर उजाला।
चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर मातम पेश करते अकीदतमंद। इस दौरान घर की छत पर मौजूद महिलाएं। अमर उजाला। - फोटो : prayagraj
इमामबाड़ों में तबर्रुकात पर चढ़ाए फूलों और ताजिए को नम आखों से सुपुर्द-ए- खाक किया गया। इस मौके पर चेहल्लुम इंतेजामिया कमेटी के मोहम्मद शुजा हैदर, मोहम्मद जमाल हैदर,  मोहम्मद कमाल हैदर, जहीर बाकिर, जहीर काजिम, बिलाल हैदर, अबान हैदर, जोहैर जाफरी, नासिर हुसैन, उजैर जाफरी, गौहर काजमी, शाहिद अब्बास रिजवी, सैयद मोहम्मद अस्करी, जामिन हसन समेत सैकड़ों अकीदतमंद उपस्थित रहे।

चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर मातम पेश करते अकीदतमंद। इस दौरान घर की छत पर मौजूद महिलाएं। अमर उजाला।
चेहल्लुम पर मंगलवार को रानीमंडी स्थित इमामबाडे़ के अंदर मातम पेश करते अकीदतमंद। इस दौरान घर की छत पर मौजूद महिलाएं। अमर उजाला। - फोटो : prayagraj
इस दौरान इमामबाड़ा आजम हुसैन रानीमंडी, इमामबाड़ा आबिदिया,इमामबाड़ा मीर हुसैनी, इमामबाड़ा सलवात अली खां दरियाबाद में दो दर्जन से अधिक मातमी अंजुमनों ने नौहा व मातम किया। अंजुमन अब्बासिया, अंजुमन मजलूमिया, अंजुमन हुसैनिया कदीम, अंजुमन आबिदिया, अंजुमन गुंचा-ए-कासिमिया, अंजुमन हैदरिया, अंजुमन हाशिमया, अंजुमन नकविया ने पुरदर्द नौहा पढ़ा। अंजुमनों के सदस्यों ने विभिन्न इमामबाड़ों में जंजीरों से पुश्तजनी भी की।
 
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