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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से पहले ताबड़तोड़ छापे

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jun 2021 11:12 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की सरगर्मी के बीच लगातार छापे मारे जा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष समेत भीटी और कटेहरी ब्लॉक प्रमुख पद पर अपने नजदीकियों के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख माफिया सरगना अजय सिंह सिपाही के घर सोमवार को फिर से पुलिस ने छापा मारा। इससे पहले भी बीते दिनों छापा मारा गया था।
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पुलिस के अनुसार पूर्व प्रमुख सुभाष हत्याकांड में फरार आरोपी रणविजय की तलाश में छापा मारा गया। हालांकि न तो वह मिला और न ही कोई आपत्तिजनक सामग्री। पुलिस तो छापा मारकर खाली हाथ लौट आई, लेकिन इस कार्रवाई को आम तौर पर चुनाव में दबाव की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अजय सिपाही के पिता सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर और उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सीबी सिंह ने अनावश्यक छापों से नाराज होकर प्राण त्याग देने की चेतावनी दी है।

जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए नामांकन से ठीक पहले ताबड़तोड़ छापों ने जिले में हलचल बढ़ा दी है। खास बात यह है कि छापों का केंद्र फिलहाल उस माफिया सरगना और पूर्व प्रमुख अजय सिंह सिपाही को रखा गया है जिसके द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष की दौड़ में जिला पंचायत सदस्य अमरेंद्र पाल को शामिल कराया गया है। वे अमरेंद्र को बीजेपी से अध्यक्ष पद का टिकट दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हैं, जबकि दूसरा खेमा बसपा के बागी नेता निर्दल जिला पंचायत सदस्य साधू वर्मा के लिए लामबंद है।
अजय सिपाही की ओर से भीटी और कटेहरी ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी अपने नजदीकियों को उतारने की तैयारी की गई है। तमाम विरोधों के बीच पिछले चुनाव में अजय कटेहरी ब्लॉक प्रमुख पद का चुनाव जीतने में सफल भी रहे थे। ऐसे में मौजूदा चुनाव में उनकी सक्रियता से तमाम चुनावी गणित बनते बिगड़ते दिख रहे हैं। पहले तो अजय सिपाही को मनाने की कोशिश सत्तारूढ़ दल समेत कुछ अन्य संगठन से जुड़े लोगों ने की, लेकिन वे अपने नजदीकियों के लिए पीछे हटने को राजी नहीं हुए।
इस बीच अब अजय सिपाही के घर पर ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं।
पुलिस का तर्क है कि सुभाष हत्याकांड में फरार आरोपी रणविजय सिंह की तलाश की जा रही है। बीती 17 जून की रात बेवाना, महरुआ और भीटी थाना प्रभारियों ने लोकनाथपुर गांव पहुंच कर छापा मारा। उस समय कुछ नहीं मिला। इसके चार दिन बाद 21 जून को दोपहर बाद एएसपी संजय राय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल अजय सिपाही के महरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत लोकनाथपुर स्थित घर पहुंच गया। वहां सघन जांच की गई। पुलिस के हाथ इस बार भी कुछ नहीं लगा। पुलिस के लौटते ही इन छापों को लेकर प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया।
सोशल मीडिया पर कहा जाने लगा कि चुनाव शुरू होते ही फिर से पुलिस का दुरुपयोग शुरू हो गया। इस बीच अजय सिपाही के पिता सेवानिवृत्त दरोगा चंद्रभान सिंह ने कहा कि प्रशासन का यह रवैया अन्यायपूर्ण है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सीबी सिंह ने कहा कि रणविजय सिंह उनके घर का सदस्य नहीं है। ऐसे में उनके नाम पर इस तरह की छापेमारी सिर्फ बीजेपी के एक-दो नेताओं की घटिया राजनीति का परिणाम है। हमारा परिवार ऐसी घटिया राजनीति का शिकार कब तक होता रहेगा। मेरे परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से बीमार हैं। इसके बावजूद पुलिस अति कर रही है। कहा कि अब बहुत हो गया। अन्याय न रुका तो मैं पत्र लिखकर किसी भी दिन विरोध स्वरूप प्राण त्याग दूंगा
सामान्य ढंग से मारे गए छापे
यह छापेमारी पुलिस ने सामान्य ढंग से की है। कुछ सूचनाएं मिली थीं, जिसके आधार पर दो बार पुलिस ने दबिश दी है। दोनों बार कोई सफलता नहीं मिल पाई, लेकिन यह पुलिस का रूटीन वर्क है।
- संजय राय, एएसपी

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