तमसा का बढ़ा कहर, नेशनल हाईवे पर पहुंचा पानी

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 11:14 PM IST
अंबेडकरनगर के एनएच 232 पर मौहरिया के निकट चढ़ा तमसा नदी का पानी।
अंबेडकरनगर के एनएच 232 पर मौहरिया के निकट चढ़ा तमसा नदी का पानी। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। तमसा नदी के पानी का कहर बीते 24 घंटे में और बढ़ गया है। माना जा रहा है कि अयोध्या जनपद में किसी नहर का पानी नदी में छोड़ दिए जाने के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हालांकि अभी इस बारे में स्थिति साफ नहीं हो पायी है, लेकिन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
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नगर के शहजादपुर स्थित नई सड़क क्षेत्र में पानी नए दायरे को अपने आगोश में लेते हुए आगे बढ़ रहा है। बुधवार से लेकर गुरुवार अपराह्न तक नदी के जलस्तर में इतनी ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई कि घरों व दुकानों में पहुंचा पानी और ज्यादा बढ़ गया। हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तमसा नदी का पानी अब नेशनल हाईवे पर भी पहुंच गया है। गुरुवार को हाईवे पर पानी से होकर ही लोगों और वाहनों को गुजरना पड़ा। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए नगर के आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिला मुख्यालय स्थित एक मात्र राजकीय पार्क पानी से पूरी तरह डूब गया तो वहीं परिसर में स्थित उद्यान विभाग कार्यालय भी पानी की चपेट में है। नई सड़क, तमसा मार्ग तथा स्टेशन मार्ग पहले से ही पानी की चपेट में हैं। बारिश रुकने के कई दिनों बाद तक जलस्तर में कमी न आने से इस बीच स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों व यात्रियों के बीच अब चिंता बढ़ने लगी है।

तमसा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एनएच 232 पर मौहरिया के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे इस मार्ग से आवागमन करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नागरिकों का मानना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो इस मार्ग पर भी घुटने तक पानी पहुंच जाएगा, जिससे इस मार्ग पर भी आवागमन रोका जा सकता है। बताते चलें कि एनएच 232 टांडा से अकबरपुर होता हुआ बांदा तक गया है। मौहरिया के निकट सड़क नीची होने के चलते बाढ़ का पानी संबंधित सड़क पर पहुंच गया। जिस प्रकार से जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही यहां की भी स्थिति शहजादपुर स्थित नई सड़क जैसी होगी।
जान जोखिम में डाल कर रहे आवागमन
तमसा नदी के रौद्ररूप लेने से उसके बढ़ते कहर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रमुख मार्गों पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसमें तमसा मार्ग, शहजादपुर से अकबरपुर रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग व नई सड़क पर पानी भर जाने से संबंधित मार्ग पर आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया है। ऐसे में शहजादपुर के अंदर का मार्ग काफी व्यस्त हो गया है। इस मार्ग पर लगभग पूरे दिन जाम की समस्या बनी रहती है। ऐसे में जाम से बचने के लिए रोक के बावजूद नागरिक बाइक लेकर नई सड़क के रास्ते चल देते हैं। उन्हें घुटने तक पानी से होकर बाइक को ढकेलते हुए गुजरना पड़ता है। अक्सर सड़क पर गड्ढा होने के चलते गिरते भी रहते हैं। गुरुवार को भी कई नागरिक बाइक लेकर नई सड़क पर आवागमन करते दिखे। पानी में घुसकर होकर जाने वालों को इस बीच विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ीं।
कई नई दुकानों व घरों में घुसा पानी
तमसा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने सबसे अधिक नई सड़क पर व्यवसाय को प्रभावित किया है। छोटी-बड़ी दुकानों के साथ ही शोरूम तक बाढ़ का पानी पहुंच जाने से दुकानदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दुकानों में पानी घुस जाने से सामान खराब हो रहा। इससे दुकानदारों को आर्थिक चपत भी लग रही है। नई सड़क पर फर्नीचर की दुकान करने वाले अजय मोदनवाल ने कहा कि उनके गोदाम में बाढ़ का पानी भर गया। इससे वहां रखे फर्नीचर को व्यापक नुकसान हुआ है। बगल स्थित गोदाम भी पूरी तरह से जलमग्र हो गया। इसी प्रकार से अन्य कई दुकानें व गोदाम पूरी तरह से जलमग्र हो गए। दुकानदारों का कहना है कि यदि इसी प्रकार से बाढ़ का पानी कुछ दिन और भी बना रहा, तो उन्हें व्यापक नुकसान हो सकता है।
बैरिकेडिंग कर रोका गया आवागमन
जिला मुख्यालय के नई सड़क पर कमर तक बाढ़ का पानी भर जाने से गुरुवार को दूसरे दिन भी बैरिकेडिंग कर इस मार्ग पर आवागमन को पूरी तरह से रोक दिया गया। बड़े वाहनों को एक तरफ जहां बाईपास से होकर गुजारा गया, तो वहीं छोटे वाहनों को शहजादपुर चौक होते हुए गुजारा गया। तमसा मार्ग, नई सड़क, शहजादपुर से अकबरपुर रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी आ जाने से संबंधित मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। ऐसे में एकमात्र शहजादपुर चौक के रास्ते से होकर आवागमन होने के चलते पूरे दिन इस मार्ग पर जाम की समस्या बनी रहती है। इससे नागरिकों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पुराने तहसील तिराहा के निकट भी बैरिकेडिंग कर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पुलिसकर्मी भारी वाहनों को शहजादपुर की तरफ जाने की बजाए उसे बाईपास से भेजते नजर आए।
राजकीय उद्यान पार्क जलमग्न
जिला मुख्यालय के अकबरपुर अयोध्या मार्ग स्थित एकमात्र राजकीय पार्क में तमसा नदी का पानी पूरी तरह से भर गया है। पार्क के जलमग्न होने के साथ उद्यान विभाग कार्यालय भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। पार्क में पानी भर जाने से इसे आम नागरिकों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पार्क जाने वाले नागरिकों को तगड़ा झटका लगा है। इस बीच पार्क में पानी भर जाने से वहां स्थित सामानों के खराब होने की भी संभावना बढ़ गई है। माना जा रहा है कि यदि इसी प्रकार से पानी भरा रहा, तो व्यापक नुकसान होगा। जिला उद्यान अधिकारी संजय रस्तोगी ने बताया कि पार्क में पानी भर जाने के चलते नागरिकों का प्रवेश जलस्तर कम होने तक रोक दिया गया है। नदी के जलस्तर में कमी होने के साथ ही पार्क में भरे पानी को हटाए जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
घर में भरा पानी, सुरक्षित स्थान पर पलायन
नदी के किनारे स्थित तमसा मार्ग क्षेत्र के हालात दिन प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते अकबरपुर अयोध्या मुख्य मार्ग को पहितीपुर मार्ग से जोड़ने वाला तमसा मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक विद्यालय हैं। बाढ़ का पानी आधा दर्जन स्कूलों के गेट पर पहुंच गया है। नतीजा यह है कि प्रभावित स्कूलों को जलस्तर के कम होने तक बंद कर दिया गया है। इस मार्ग पर स्थित 100 से अधिक घरों व दुकानों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे एक तरफ जहां दुकानों में रखा सामान बाढ़ के पानी से खराब हो गया, तो वहीं प्रभावित घरों के नागरिक सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हुए। तमसा मार्ग निवासी राकेश कुमार ने कहा कि उनके घर में बाढ़ का पानी घुस गया। ऐसे में उन्हें अब सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। लालबहादुर व बिंदू सिंह ने कहा कि घर के निचले भाग में पानी भर जाने से उन्हें नीचे का सामान ऊपरी मंजिल पर ले जाने को मजबूर होना पड़ा है। इसी मार्ग निवासी प्रह्लाद ने कहा कि उसके छप्परनुमा घर में पानी भर जाने से उसे सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर होना पड़ा। इसी प्रकार से कई अन्य नागरिक घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
इन विद्यालयों में हुआ अवकाश
तमसा मार्ग पर स्थित आधा दर्जन विद्यालय परिसर मौजूदा समय में पूरी तरह से जलमग्न हो गए। डॉ. अशोक स्मारक डिग्री कॉलेज व डॉ. एके पब्लिक स्कूल के संरक्षक अभिनव वर्मा ने कहा कि संबंधित विद्यालय में पानी भर जाने से छात्र-छात्राओं को आवागमन में मुश्किलें हो रही थीं। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जलस्तर में कमी होने तक इन दोनों विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसी मार्ग स्थित सरस्वती विद्यामंदिर परिसर में पानी भर जाने से उसमें भी अवकाश घोषित कर दिया गया है। सीएवी साइंस एकेडमी मिर्जापुर के प्रबंधक अवधेश पाण्डेय ने कहा कि परिसर में कमर तक पानी भर गया है। ऐसे में विद्यालय को अनिश्चितकालीन तक बंद कर दिया गया है। पानी में कमी आने के बाद ही विद्यालय को खोला जाएगा।
मुर्गी फॉर्म में भरा पानी, लाखों का नुकसान
तमसा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है। जलालपुर तहसील अंतर्गत बदरुद्दीनपुर गांव निवासी विनोद कुमार का गांव के बाहर ही मुर्गी फॉर्म स्थापित है। विनोद के अनुसार लगभग 10 लाख रुपये की लागत से उसने मुर्गी फार्म का संचालन प्रारंभ किया था। मौजूदा समय में फार्म में 7 हजार चूजे थे। उम्मीद थी कि बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ मिलेगा। तमसा नदी में आई बाढ़ के चलते पानी मुर्गी फार्म में घुस गया है। परिसर में जल भर जाने से चूजे बह गए। इससे उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कहा कि आर्थिक चपत लगने से उसके समक्ष बड़ी आर्थिक मुश्किल खड़ी हो गई है। उसने प्रशासन से हुए नुकसान को देखते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग की।
दुबखर परम रुदाईन में मंगाई गई नाव
तमसा नदी के बढ़े जलस्तर के कहर ने नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को मुश्किलों में डाल दिया है। अकबरपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत दुबखर परम रुदाइन गांव की तरफ जाने वाला एकमात्र मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। इससे संबंधित गांव के ग्रामीणों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार बढ़ते बाढ़ के पानी की जानकारी ग्रामीणों ने प्रशासन को दी। गुरुवार को एसडीएम सदर मोईनुल इस्लाम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। ग्रामीणों को आवागमन में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए एसडीएम ने जिलाधिकारी से अनुमति प्राप्त कर गांव में टांडा से नाव मंगाई। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं होने दी जाएगी। एसडीएम ने तहसीलदार सदर व राजस्वकर्मियों के साथ गांव के अंदर जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनी और समस्याओं का निस्तारण किए जाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार जेपी यादव ने बताया कि बाढ़ प्रभावितों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश राजस्वकर्मियों को दिए गए हैं।

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