3.40 अरब से 35 हजार परिवारों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 10:59 PM IST
35 thousand families will get pure drinking water
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अमेठी। जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत करीब 3.40 अरब रुपये की लागत से 68 ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन और पानी की टंकियों का निर्माण होगा। योजना में 13 ब्लॉक के 110 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। परियोजना पूरी होने के बाद करीब 35 हजार परिवारों को शुद्ध पेयजल मुहैया होगा। शासन ने कार्यदायी संस्था नामित करते हुए काम शुरू कराने का निर्देश दिया है।
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जल जीवन मिशन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए संचालित ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना के तहत तीन अरब 40 करोड़ रुपये की लागत से जिले की 68 ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन और टंकियां स्थापित होंगी।

इस परियोजना में जिले के 13 ब्लॉक के 110 राजस्व ग्राम शामिल हैं। शासन की ओर से परियोजना को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दे दी गई है। इसके बाद शासन द्वारा वेलस्पन कावेरी इंफ्रा प्रा. लि. को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
योजना के तहत 68 ग्राम पंचायतों के 110 राजस्व गांवों के करीब 35 हजार परिवारों की पूरी आबादी को स्वच्छ पेयजल पाइपलाइन के जरिए मिलेगा। चिह्नित स्थलों पर करीब छह बिस्वां भूमि पर पानी की टंकियां स्थापित होंगी। कार्यदायी संस्था की ओर से चिह्नित भूमि का सर्वे कर अन्य तैयारियां की जा रही हैं। पानी की टंकियों की स्थापना होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र की आबादी को जल्द ही स्वच्छ पेयजल पाइपलाइन के माध्यम से मिलना शुरू हो जाएगा।
इन ब्लॉकों के ये गांव शामिल
परियोजना में ब्लॉक अमेठी की ग्राम पंचायत हथकिला व सैदपुर, संग्रामपुर में सहजीपुर व करौंदी, भादर में गुडुरी, संसारीपुर, खानापुर व भदांव, भेटुआ में बासूपुर, गैरिकपुर, हारीपुर व सरुवावां, गौरीगंज में बस्तीदेई, बाबूपुर, मझवारा, इलौधा, सारीपुर, आनापुर, सोंगरा, पहाड़गंज, मऊ व सुजानपुर गांव शामिल है।
इसी तरह जामो में भोएं, राजामऊ, सरमें, बगराही, गोगमऊ, डीघा गोपालपुर व उमराडीह, शाहगढ़ में उसरापुर, दक्खिनगांव, कसरावां, सुरियापुर, सलावन, अफुइया, जुडिय़ापुर व भनियापुर, मुसाफिरखाना में गुन्नौर, कोछित व उमापुर, जगदीशपुर में रास्तामऊ, हारीमऊ, गूंगेमऊ, शेषपुर, मंगरौली, दुलारी नगर, मंगरौरा व नौडाड़, बहादुरपुर में किशुनपुर, बाजार शुकुल में गयासपुर, मर्दनपुर, जलाली, नीमपुर, हसनपुर तिवारी, काजीपुर, कुंदनपुर, खालिश बाहरपुर, पारा, शिवाली, बालापुर, बाजगढ़ व तेलालपुर, सिंहपुर में अंगूरी, महिमानपुर, लौली, हथरौना, जेहटा व उसरहा, तिलोई में हंसवा, रामनगर, ठोकरपुर, विराज, चठुवा, राजापुर हलीम, उत्तरपारा, आशापुर गरी, बधौना, हथरौना, अकबरपुर फारसी, राजनपुर, बेरारा, लोधवरिया व राजामऊ गांव पेयजल योजना में शामिल किए गए हैं।
जल्द शुरू होगा कार्य
जलनिगम के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि पहले चरण में जिले की 68 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत पेयजल योजना स्थापित होगी। नामित कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर जल्द कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है। स्थापना के बाद उक्त ग्राम पंचायतों के करीब 35 हजार परिवार स्वच्छ पेयजल से लाभान्वित होंगे।
बारिश की वजह से कार्य बाधित
कार्यदायी संस्था वेलस्पन कावेरी इंफ्रा प्रा. लि. के डिप्टी मैनेजर अनंत कृष्णा ने बताया कि बारिश के चलते कार्य बाधित है। बताया कि चिह्नित स्थल पर बोरिंग करने के लिए लोगों को भेजा गया लेकिन जमीन गीली होने से काम शुरू नहीं हो पाया। बताया, कुछ जगहों पर पेड़ काटने का काम चल रहा है। स्टोर आदि का इंतजाम हो गया है। जमीन सूखते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
...और 118 ग्राम पंचायतों का भेजा प्रस्ताव
जलनिगम विभाग के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन पेयजल परियोजना के लिए ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए जाने को लेकर जिले की और 118 ग्राम पंचायतों में पानी टंकी की स्थापना के लिए डीपीआर तैयार कर सूची भेजी गई है। इस योजना में उक्त ग्राम पंचायतों के 180 राजस्व गांव शामिल होंगे।
खारे पानी का दंश झेल रहे ग्रामीण
कई पीढ़ियों से खारे पानी का दंश जिले की कई ग्राम पंचायतों की बड़ी आबादी झेल रही हैं। हालात यह हैं कि जहां लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए बाहर से आरओ का पानी मंगाना पड़ता है। जबकि आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण खारा पानी पीने को मजबूर हैं। ऐेसे में कई ग्रामीण बीमारी का शिकार हो रहे हैं। ऐेसे में भोजन बनाने, स्नान करने और कपड़ा धोने के लिए भी ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार मामले की शिकायत की, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई।
बाहर से लाते पानी
अमेठी ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमापुर गाना पट्टी की ग्राम प्रधान गंगोत्री तिवारी के अनुसार उनकी ग्राम पंचायत के कई पुरवों के साथ पड़ोसी ग्राम पंचायत में भी खारे पानी की समस्या है। ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं। लोग भोजन बनाने तथा पीने के लिए बाहर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं।
खारे पानी से नहीं पकता भोजन
गृहिणी विमला तिवारी कहती है कि मजबूरी में खारा पानी पीना पड़ता है। इस पानी से न तो भोजन बनता है और न ही कपड़े साफ होते हें। इन कामों के लिए बाहर से पानी लाना पड़ता है।
बीमारी का शिकार हो रहे लोग
समाजसेवी कृपा शंकर तिवारी कहते हैं कि खारे पानी के चलते लोग जहां कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, वहीं मवेशी भी बीमारी की चपेट में आते हैं। मामले की शिकायत के बाद भी प्रशासन स्तर से अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
समस्या से दिलाएं निजात
युवा समाजसेवी धर्मेंद्र शुक्ला ने बताया कि जल ही जीवन है लेकिन खारा पानी ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। सरकार व प्रशासन को इस समस्या का निदान कराना चाहिए।

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