किसान आंदोलन : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिर पनप रहा गुस्सा, टिकैत बोले- 26 मई को काला दिवस मनाएंगे

न्यूज डेस्क/डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, बागपत/नई दिल्ली। Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 22 May 2021 08:47 PM IST

सार

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया सरकार की हठधर्मिता के विरोध में किसान अपने घर व ट्रैक्टर पर काले झंडे लगाकर विरोध करेंगे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत - फोटो : amar ujala
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विस्तार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन को लेकर अभी किसानों को गुस्सा शांत नहीं हुआ है। पंचायत चुनाव के बाद से किसान आंदोलन की आंच वेस्ट यूपी में धीरे धीरे फिर से तेज होने लगी है। भाकियू अध्यक्ष के नेतृत्व में किसान काला दिवस मनाने की तैयारी कर रहे है। 
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बागपत में दोघट कस्बे में चौधरी राजेंद्र सिंह के आवास पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बैठक में कहा कि 26 मई को किसान आंदोलन को छह माह हो जाएंगे। इस दिन सभी किसान अपने घरों व ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगाकर काला दिवस मनाएंगे।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के बनाए तीन काले कृषि कानून की वापसी को दिल्ली में किसानों का धरना चल रहा है। जिसे 26 मई को छह माह पूरे हो जाएंगे। लेकिन सरकार किसानों के हित में अभी भी नहीं सोच रही है।

कहा कि सरकार की हठधर्मिता के विरोध में किसान अपने घर व ट्रैक्टर पर काले झंडे लगाकर विरोध करेंगे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कोरोना महामारी खत्म होने के बाद फिर देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर पंचायत करेंगे।

बताया कि चीनी मिले किसान का गन्ने का भुगतान नहीं दे रही है। किसान पैसे के बिना परेशान हैं। गेहूं की खरीद की सही व्यवस्था नहीं है। किसानों को दिक्कत हो रही है। इस मोके पर रामकुमार, सुधीर, सत्यवीर सिंह, कविंद्र, उपेश, सुधीर, हरेंद्र सिंह, जुल्ला, अरविंद राठी, रामनाथ प्रधान, धर्मेंद्र प्रधान, मनोज कुमार, अब्बास अली, हरपाल सिह, गौरव राठी, आजाद सिंह, मोनू, जयदेव, विनित, जयवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

भगवंत मान-राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
इधर, दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत सिंह मान और पंजाब प्रभारी राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर किसानों से बातचीत करने का आग्रह किया है। दोनों नेताओं ने पत्र में पीएम मोदी से कहा है कि देश के अन्नदाता पिछले छह महीने से सड़कों पर हैं और अब तक उनके मुद्दे का समाधान नहीं हो पाया है। देश की नाजुक स्थिति को देखते हुए अब इस मुद्दे का शीघ्र हल निकाल लेना चाहिए। 

आप नेताओं ने कहा कि किसानों ने इस दौरान 470 से अधिक साथियों को खोया है। इसी बीच देश में कोरोना की स्थिति संकट पूर्ण बनी हुई है। किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें इस तरह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। बता दें कि खुद किसानों ने भी एक पत्र लिखकर बातचीत शुरू करने की अपील की है।

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