दो लाख मासूमों को सेहतमंद बनाने पर हो रहा फोकस

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:08 PM IST
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बलरामपुर। जीरो से पांच साल तक जिले के 2,71,586 मासूमों को सेहतमंद बनाने पर फोकस किया जा रहा है। जिले के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की तरफ से लगातार डोर-टू-डोर अभियान चलाया जा रहा है।
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कोरोना महामारी के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों की भीड़ न जुटाकर उनके घरों पर सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से जुटाए गए 4117 सैम व 11,461 मैम बच्चों के खानपान में सुधार लाने का अभियान चलाया जा रहा है। जिले के 27 हजार किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के सेहत को सुधारने का प्रयास हो रहा है।

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग व सेंटर फार एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहयोग से बीते दिन जिला मुख्यालय के एक निजी होटल में पोषण विषय पर एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला कर विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यशाला का शुभारंभ सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ व जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए एसडीएम ने कहा कि जब बच्चे सेहतमंद होंगे तभी देश का चहुंमुखी विकास हो सकेगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की तरफ से बच्चों के सेहत को सुधारने में सराहनीय योगदान दिया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आए हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला का संचालन करते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी उतरौला सत्येन्द्र सिंह ने कहाकि बच्चों, किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के कुपोषण को दूर करने में समन्वय की जरुरत है। सिर्फ एक विभाग के प्रयास से ही कुपोषण को दूर नहीं किया जा सकता है।
इसके लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है। सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा तभी धरातल पर कुपोषण को मिटाया जा सकता है। खानपान में कमी होने पर बच्चा डायरिया का शिकार होता है और बच्चे को तमाम बीमारियां कुपोषित बना देती हैं। किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को भी अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर राकेश कुमार शर्मा, हरैया सतघरवा प्रियंका दूबे, गैसड़ी गरिमा श्रीवास्तव, पचपेड़वा रेनू जायसवाल व नगर संजीव कुमार ने भी कुपोषण को दूर करने के लिए अपने विचार व्यक्त किए।
बाल विकास परियोजना अधिकारी तुलसीपुर, श्रीदत्तगंज, रेहरा बाजार व गैड़ास बुजुर्ग ने भी कार्यशाला कराने में सहयोग दिया। सेंटर फार एडवोकेसी एंड रिसर्च के रवि गुप्ता ने कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से संचालित होने वाली योजनाओं के बारे में जानकरी दी।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से हर माह की पांच तारीख को बचपन दिवस, 15 तारीख को ममता दिवस, 25 तारीख को लाडली दिवस, 20 तारीख को अन्नप्राशन दिवस और 30 तारीख को गोदभराई दिवस पर लाभार्थियों के साथ कार्यक्रम किए जा रहे हैं। कलेंडर के अनुसार सुपोषण दिवस के कार्यक्रम में लाभार्थियों को सेहत सुधारने के लिए जागरुक किया जा रहा है।

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