हासिल किया मुकाम: 22 साल की उम्र में आदर्श ने भारतीय सिविल सेवा में मारी बाजी, लखनऊ के विधु को 54वीं रैंक

संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 24 Sep 2021 10:28 PM IST

सार

भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदर्श मध्य वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह परिवार के सपोर्ट और अपने हार्डवर्क को सफलता की कुंजी बताते हैं।
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विस्तार

संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय सिविल सेवा परीक्षा-2020 पास कर आदर्शकांत शुक्त ने जिले का मान बढ़ाया है। पहले ही प्रयास में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले आदर्श को इस परीक्षा में 149वीं रैंक हासिल हुई है।
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जिले की रामनगर तहसील के मडना गांव निवासी राधाकांत शुक्ल के बेटे आदर्श कांत ने सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि जिले का नाम रोशन किया है। मात्र 22 साल की उम्र में इस मुकाम को हासिल करने के लिए घर पर रहकर ही आदर्श ने कठिन परिश्रम से तैयारी की। आदर्श ने शहर के मयूर विहार कॉलोनी स्थित आवास में रहकर श्री सांई इंटर कॉलेज से अपनी पढ़ाई की। यहां से आदर्श ने वर्ष 2013 में हाईस्कूल की परीक्षा 95.66 अंकों के साथ उत्तीर्ण कर प्रदेश की टॉप टेन सूची में छठवी रैंक हासिल की थी। वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा भी 94 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण कर लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज से मैथ से बीएससी की।


इसके बाद आदर्श ने अपने घर पर रहकर ही सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की। 22 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर आदर्श ने इतिहास रचा। शुक्रवार को जारी हुई अंतिम परीक्षा परिणाम में उसे 149वीं रैंक मिली। इस हिसाब से संभावना है कि वह आईपीएस अफसर बनेगा। आदर्श के पिता राधाकांत शुक्ल वाणिज्य कर के अधिवक्ता व माता गीता शुक्ला गृहिणी है। वहीं बड़ी बहन पारूल पीसीएस जे की तैयारी कर रही है। आदर्श की सफलता की सूचना मिलते ही उनके घर बधाई देने वालों का आना-जाना शुरू हो गया।

फैमिली सपोर्ट व हार्डवर्क को बताया सफलता का मंत्र
भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदर्श मध्य वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह परिवार के सपोर्ट और अपने हार्डवर्क को सफलता की कुंजी बताते हैं। उनका कहना है कि परिवार के बीच रहकर पढ़ाई करने से जहां कठिन वर्क करने में सबका सहयोग मिलता हैं। वहीं कंटेंट व हार्डवर्क से सब संभव है। वह अपने पिता राधाकांत शुक्ल को अपना आदर्श मानते हैं।

सिविल सेवा परीक्षा में राजधानी के विधु को 54वीं रैंक
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2020 का फाइनल रिजल्ट शुक्रवार रात को जारी हो गया। इसमें राजधानी के मेधावियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक में प्रमुखता से अपनी मौजूदगी दर्ज की। राजधानी के विधु शेखर ने ऑल इंडिया 54वीं रैंक, शिवाक्षी दीक्षित ने 64वीं और परिचय कुमार ने 410वीं रैंक हासिल की है। विधु का यह तीसरा अटेंप्ट था। पहले ही अटेंप्ट में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 173वीं रैंक हासिल की थी। वर्ष 2018 में उनका सेलेक्शन भारतीय राजस्व सेवा इनकम टैक्स में हुआ, लेकिन विधु शेखर ने अपना लक्ष्य केवल आईएएस को ही चुन रखा था।

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