बरेलीः देश भर के मुफ्तियों की रायशुमारी के बाद एनपीआर का बहिष्कार

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2020 01:27 AM IST
दरगाह आला हजरत
दरगाह आला हजरत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कहा- 2011 की तरह हो जनगणना तभी करेंगे सहयोग
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जुमा को मस्जिदों में तकरीर करने की इमामों से अपील

बरेली। दरगाह आला हजरत स्थित सुन्नी मरकज से बड़ा एलान किया गया है। इसमें देश भर के मुफ्तियाने इकराम की राय के बाद एनपीआर का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया गया है। कहा गया है कि अगर 2011 की तरह जनगणना कराई जाएगी तभी सहयोग करेंगे।
एनपीआर के मुद्दे पर दरगाह आला हजरत स्थित हसन रजा कांफ्रेंस हाल में काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में सालाना फिकही सेमिनार हुआ। अल्लामा जिया उल मुस्तफा की निगरानी मेें शरई कौंसिल ऑफ इंडिया के सेमिनार की आखिरी बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें मुल्क भर के अलग अलग राज्यों से आए हुए लगभग डेढ़ सौ उलमा इकराम, मुफ्तियाने इकराम व शहर काजी शामिल हुए। सभी ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के मसले पर अपनी राय व्यक्त करते हुए उसके तमाम पहलुओं पर गौरो फिक्र किया। इस दौरान इत्तेफाक राय (एक मत) से यह तय किया कि हुकूमते हिंदुस्तान 2011 की तरह इस बार भी जनगणना कराती है तो ठीक है उसमें सहयोग किया जाएगा, अन्यथा हिंदुस्तान की तमाम दरगाहों, खानकाहों के सज्जादानशीन अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करते हुए इसका सीधे तौर पर बहिष्कार करेंगे।

जमात रजा मुस्तफा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने कहा कि एक अप्रैल से जो हिंदुस्तान में एनपीआर लागू हो रहा है उससे मुसलमान को बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। हिंदुस्तान के मुसलमान के साथ सुन्नी मरकज दरगाह आला हजरत है। उन्होंने कहा कि जो भी कर्मचारी आपके दरवाजे पर आए उससे प्यार से बात करें, मगर कोई भी पेपर या अपनी जानकारी देने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कोई कर्मचारी जबरदस्ती करे तो तुरंत दरगाह आला हजरत पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि इस हुकूमत ने जो मुसलमानों को डराने की के लिए एनपीआर में जानकारी न देने को सजा और जुर्माने की बात कही है वह अफसोसनाक है। मस्जिद के इमामों से भी अपील की गई है कि आने जुमा में तकरीर में एनपीआर का बहिष्कार करें।
इस मौके पर मुफ्ती आशिक हुसैन, मुफ्ती गुलजार मियां, मुफ्ती बाहउल मुस्तफा, मुफ्ती शफीक अहमद, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती रफीक आलम, मुफ्ती उजैर आलम, काजी शहीद आलम, काजी फजले अहमद, मुफ्ती अबुल हसन, मुफ्ती आलमगीर, मुफ्ती अनवर निजामी, मुफ्ती वली मोहम्मद मौजूद रहे। इधर मीडिया प्रभारी समरान खान ने बताया कि जुमे पर बहिष्कार के संबंध में मस्जिद के इमामों को इत्तला की जा रही है।

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