गलतियों से सीखते-सीखते सफलता पाई

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 01:04 AM IST
संचित गंगवार।
संचित गंगवार। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में 222वीं रैंक हासिल करने वाले संचित गंगवार पांच वर्ष की मेहनत और तीसरे प्रयास में अपने सपने को साकार कर पाए हैं। उन्होंने बताया कि वह गलतियों से सीखते गए और सफल हुए। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि जो युवा सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं, वे सबसे पहले अपने आपको परखें, लक्ष्य तय करें और इसके बाद पीछे न हटें।
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संचित गंगवार ने बताया कि सिविल सर्विसेज की परीक्षा के पहले दो प्रयासों में उनसे जो गलतियां हुई थीं, उनसे उन्होंने सीखा। गलतियों को दूर किया और तीसरी बार में कामयाब हो गए। वह बचपन से आईएएस बनने का सपना देख रहे थे। स्कूलिंग के दौरान उन्होंने देखा था कि स्कूल मैनेजमेंट डीएम-एसपी को चीफ गेस्ट बनाता है। उनका सम्मान देखकर उनके मन में भी अधिकारी बनने की ललक जागी और इसे ही उन्होंने जीवन का लक्ष्य बना लिया। उन्होंने बचपन में सिविल सर्विसेज में जाने का सपना देखा था, जो 27 वर्ष की उम्र में साकार हो गया।

संचित गंगवार पीलीभीत में ही पैदा हुए। अवध नगर कालोनी में उनका निवास है। माता-पिता यहीं रहते हैं। पीलीभीत में ही उनकी स्कूलिंग हुई। उनका पैतृक गांव केलाडांडी बरेली जनपद में है। वह बैनहर पब्लिक स्कूल में पढ़े। सीबीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट करने के बाद 2011 में हैदराबाद चले गए थे। वहां कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। वर्ष 2015 से 2016 तक फ्लिप कार्ड में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर सर्विस की, लेकिन आईएएस बनने का सपना साकार करने के लिए नौकरी को अलविदा कह दिया। तैयारी में जुट गए। सिविल सर्विसेज में कामयाबी पाने से पहले इसी वर्ष जनवरी में हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी पद पर चयनित हुए। समीक्षा अधिकारी के पद पर 27 जनवरी 2021 को ज्वाइन किया। सिविल सर्विसेज के लिए 02 सितंबर को साक्षात्कार हुआ। रिजल्ट 24 सितंबर को आया। इसमें वह सफल हुए हैं।
सपना देख रहे हैं तो तैयारी कीजिए, परीक्षा दीजिए
संचित गंगवार का युवाओं से कहना है कि सफल हों या असफल। अगर इरादा है तो सिविल सर्विसेज की परीक्षा जरूर दें। परीक्षा के लिए आप जब तैयारी करने के लिए पढ़ाई करते हैं तो किताबें पढ़ते हैं और किताबें जीवन के लिए नए आयाम खोलती हैं। आपकी पढ़ाई आपको आईएएस भले ही न बना पाए पर एक अच्छा इंसान जरूर बना देती हैं। इसलिए मैं युवाओं से यही कहूंगा कि अगर वे सिविल सर्विसेज में जाने का सपना देखते हैं तो उसे साकार करने के लिए तैयारी करें और परीक्षा अवश्य दें।
बधाई देने वालों का लगा रहा तांता
पीलीभीत। परिजनों के पास संचित गंगवार की कामयाबी पर बधाई देने वालों का तांता रहा। पिता पीएल गंगवार कृषि विभाग में उप निदेशक मृदा परीक्षण के पद से सेवानिवृत हो गए हैं। मां ऊषा देवी कल्याणपुर स्थित सरकारी कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापिका हैं। स्कूल में भी जश्न का माहौल रहा। शिक्षिकाओं ने उनकी मां को बधाई दी है।
सूर्य प्रताप के सिविल सेवा में चयन पर बांटी मिठाई
पूरनपुर। सेवानिवृत राजस्व निरीक्षक और अधिवक्ता बाबूराम गंगवार के पुत्र सूर्य प्रताप सिंह के सिविल सेवा में चयनित होने पर तहसील, कोतवाली सहित कई स्थानों पर मिठाई बांटी गई। समाजसेवी अशोक खंडेलवाल ने तहसील पहुंचकर वकीलों के साथ मिलकर मिठाई बांटी। बाबूराम गंगवार लंबे समय तक पूरनपुर में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात रहे। सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने तहसील में वकालत भी की। संवाद

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