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सिर पर टूटकर गिरा हाईटेंशन लाइन का तार, युवक की मौत

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jul 2021 01:12 AM IST
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कमलजीत यादव (फाइल फोटो)
कमलजीत यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ग्रीन पार्क कॉलोनी के गेट के पास हुआ हादसा, हंगामे के बाद बंद की सप्लाई
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दूध बेचने निकला था युवक, गेट के पास साइकिल रोकते ही ऊपर गिरा तार

बरेली। ग्रीन पार्क कॉलोनी के गेट के पास खड़े एक युवक के ऊपर मंगलवार सुबह अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर पड़ा जिससे उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई। सूचना देने के बावजूद सप्लाई बंद न होने की वजह से करीब आधे घंटे तक उसका शव मौके पर ही पड़ा रहा। लोगों के हंगामा करने के बाद सप्लाई बंद हुई।
हादसे में मारे गए 21 वर्षीय कमलजीत यादव उर्फ जीतू मूल रूप से फरीदपुर के लाड़पुर गांव के थे। कुछ समय पहले हरूनगला में आकर बसने के बाद उन्होंने यहां डेयरी बना ली थी। मंगलवार सुबह आठ बजे वह रोज की तरह घर से साइकिल पर दूध बांटने निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब नौ बजे जीतू ने ग्रीन पार्क के गेट के पास आकर साइकिल रोकी। इसी बीच अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर उनके ऊपर गिर पड़ा।

कुछ देर तड़पने के बाद जीतू का शरीर शांत हो गया। इस दौरान बारिश भी हो रही थी। आसपास खड़े लोगों ने जीतू को बचाना चाहा लेकिन पानी में भीगी सड़क पर करंट फैलने के डर से अपने कदम वापस खींच लिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना की सूचना फौरन पुलिस और बिजली विभाग के अफसरों को दी गई लेकिन फिर भी करीब आधे घंटे तक सप्लाई बंद नहीं की गई। इस वजह से जीतू का शव सड़क पर ही पड़ा रहा। लोगों ने हंगामा किया तो सप्लाई बंद हुई लेकिन इसके बाद हड़ताल होने की वजह से कोई एंबुलेंस नहीं मिली। आखिर में पुलिस ने जीतू का शव अपनी जीप से जिला अस्पताल भिजवाया।

जर्जर हैं तार... टूटकर गिरेंगे और जान भी लेंगे

बरेली। पावर कॉरपोरेशन के अफसरों को भी यह मानने में कोई गुरेज नहीं है कि हाईटेंशन लाइनों के तार काफी जर्जर हो चुके हैं और इसी वजह से टूटकर गिर रहे हैं। तारों को न बदले जाने की चाहे जो भी वजह हो, यह जाहिर है कि लोगों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है। यह भी साफ है कि तार टूटने से लगातार हो रही मौतें सिर्फ हादसा नहीं हैं बल्कि पावर कॉरपोरेशन के पूरे सिस्टम की घोर लापरवाही का सीधा-सीधा अंजाम हैं।
दस दिन पहले ही शहर के बीचोबीच मलूकपुर में हाईटेंशन लाइन का जर्जर तार टूटकर गिरा और वहां भी उसने एक युवक की जान ले ली थी। लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस हादसे के बाद भी मलूकपुर में अब तक हाईटेंशन लाइन के जर्जर तार बदलने की कोई पहल नहीं की गई है। शहर के कई और इलाकों में लोगों के सिरों के ऊपर जर्जर हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। बरसात के मौसम में कहां कब इन जर्जर तारों की वजह से हादसा हो जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता।
बता दें कि पावर कॉरपोरेशन में काफी समय से 11 हजार केवी की लाइनों को सुरक्षित करने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन अब तक शहर के किसी भी डिविजन में ये लाइनें सुरक्षित नहीं की जा सकी हैं। पावर कॉरपोरेशन के अभियंता कहते हैं कि 11 हजार केवीए की लाइन पर एरियल बंच कंडक्टर नहीं डाला जा सकता। सुरक्षित करने के लिए केबल को सिर्फ अंडरग्राउंड किया जा सकता है लेकिन इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता है। ऐसे में तत्काल इस पर काम करना संभव नहीं है। कॉरपोरेशन प्रबंधन का भी फिलहाल इस पर कोई जोर नहीं है।

पुरानी लाइनें हैं इसलिए टूटते हैं तार

बरेली। पावर कॉरपोरेशन के एसडीओ आरयू वर्मा का कहना है कि पुरानी लाइनें न बदले जाने की वजह से भी आए दिन तार टूटने की घटनाएं होती हैं। हालांकि ग्रीनपार्क में मंगलवार को हादसा इंसुलेटर जलने की वजह से हुआ था। बारिश के दौरान इंसुलेटर में पानी जाने से इस तरह के हादसे होने की आशंका रहती है। 

जर्जर लाइनें हटाकर अंडरग्राउंड करेंगे

जिन डिविजन में हाइटेंशन लाइन जर्जर होने की वजह से हादसे हो रहे हैं उनकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। आबादी वाले इलाकों में 11 हजार केवी की लाइनों को जल्द अंडरग्राउंड किया जाएगा। - विकास सिंघल, एसई शहर
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