पीएचसी बीमार, उपचार के लिए भटक रहे मरीज

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 12:35 AM IST
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हर साल लाखों खर्च होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं लौट रही हैं। शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लिए अफसरों ने वहां का जायजा लिया तो ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। अधिकतर पीएचसी में हैंडपंप से लेकर पंखे तक खराब हैं। जरूरी सुविधाएं न होने से वहां पहुंचने वाले मरीजों को भी सीएचसी या जिला अस्पताल जाना पड़ता है। जिले में दो जिला अस्पताल, छह सीएचसी और 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। एक-एक सीएचसी के अधीन दो से तीन पीएचसी हैं। पीएचसी की व्यवस्था में सुधार के लिए पिछले दिनों जिलास्तरीय अधिकारियों ने उन्हें गोद लिया है। जायजा लेने आए अस्पताल को गोद लिए एक अधिकारी ने बताया कि पीएचसी का निरीक्षण किया। वहां न तो पंखे हैं और न ही सफाई है। बेड की हालत भी खराब है। बताया कि एक-एक रुपये की पर्ची कटने का पैसा पीएचसी के देखरेख में खर्च किया जाता है। हर साल एक लाख 80 हजार से दो लाख रुपये इसमें आते हैं, लेकिन वह रकम सीएचसी के खाते में चली जाती है। जिससे व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाता। 17 सीएचसी का करीब 25 से 27 लाख रुपये पीएचसी पर खर्च करने की बजाए सीएचसी पर ही हो जाता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जयरामपुर, हरिहरपुर, कटरा, जंगीगंज, महजूदा, करियावं सहित अन्य केंद्रों की हालत ठीक नहीं है।
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