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नरौरा से छोड़ा गया 2.23 लाख क्यूसेक पानी, खतरे की ओर बढ़ी गंगा

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 12:32 AM IST
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बदायूं। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। सोमवार को नरौरा बैराज से गंगा में 2.23 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके अलावा बिजनौर और हरिद्वार से भी पानी छोड़ा गया है। मंगलवार को गंगा में चार लाख क्यूसेक पानी आने का अनुमान है। गंगा में उफान के कारण सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। सहसवान और सदर तहसील के करीब 10 गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है।
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नरौरा बैराज से गंगा में रोज एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा था। सोमवार को यहां से दो लाख 23 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा में उफान आ गया है। मंगलवार को फिर से करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में हालात खराब हो सकते हैं। सोमवार को ही सदर और सहसवान तहसील के तटवर्ती 10 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कुछ गांवों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। बाढ़ के हालात देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। सोमवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा।

कछला में गंगा की मीटर गेज सोमवार को 162.80 मीटर दर्ज किया गया। रविवार को 161.85 मीटर पर था। सहसवान तहसील के गांव वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, भमरौलिया, खागी नगला, मालपुर में बाढ़ का पानी घुस गया है। डूबे क्षेत्र में बसे सभी गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं और कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
सहसवान के बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात जानने दौड़े अफसर
बदायूं। गंगा में उफान के बाद बाढ़ के हालात को देखते हुए सोमवार को प्रभारी डीएम/सीडीओ निशा अनंत ने एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम सहसवान ज्योति शर्मा, तहसीलदार दीपक चौधरी के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरान किया। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में निरीक्षण के दौरान प्रभारी डीएम ने राहत और बचाव कार्य के बारे में जानकारी ली। जरूरत के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार कैंप करने के निर्देश देने के साथ ही नाव समेत अन्य राहत मुहैया कराने के भी निर्देश दिए।
दूसरी ओद एक्सईएन बाढ़ खंड उमेश चंद्र के नेतृत्व में एई आरके मौर्य, जेई रामौतार आर्य, सतेंद्र पुरी आदि ने भी एमएम बांध के साथ तटवर्ती संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। राजस्व निरीक्षक भगवान दास, हल्का लेखपाल पुष्पेंद्र सिंह, सत्यपाल और मोहर सिंह ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैंप किया।
जीएम बांध से टकरा रहा पानी, बिगड़ सकते हैं हालात
बदायूं। गंगा में उफान के बाद बाढ़ का पानी गंगा-महावा बांध से टकराने लगा है। ऐसे में बाढ़ खंड ने बांध के संवेदनशील इलाकों में निगरानी शुरू कर दी है। गौर करने वाली बात यह है कि जीएम बांध कई स्थानों पर कमजोर है। अगर पानी का ज्यादा दबाव बढ़ता है तो बांध को नुकसान पहुंचने की स्थिति में हालात ज्यादा खराब हो सकते हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
रामगंगा के जलस्तर में भी होने लगा इजाफा
बदायूं। कालागढ़ बांध से पानी छोड़े जाने के बाद अब रामगंगा के जलस्तर में भी इजाफा होने लगा है। आने वाले दिनों में जलस्तर में और भी बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, अभी यहां हालात सामान्य हैं। दूसरी ओर उसहैत क्षेत्र में गंगा पर बने जमीदाराना बांध की निगरानी शुरू कर दी गई है। गंगा में उफान के कारण इन दिंनों भुंडी बांध का काम भी प्रभावित हो रहा है।
गंगा में पानी छोड़े जाने की वजह से सहसवान के आसपास के गांवों में जलस्तर बढ़ा है। कुछ गांवों के बाहरी हिस्सों तक पानी पहुंच गया है। हालांकि अभी बड़ा खतरा नहीं है। टीम लगाकर निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी तरह की समस्या ग्रामीणों को नहीं आने दी जाएगी।
- निशा अनंत, प्रभारी डीएम

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