सिविल सेवा में प्रखर को 507 वीं रैंक, परिवार में खुशी की लहर

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 01:28 AM IST
प्रखर पांडेय।
प्रखर पांडेय। - फोटो : BADAUN
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बदायूं। मोहल्ला शहवाजपुर के प्रखर पांडेय ने संघ लोक सेवा आयोजन की परीक्षा में देश में 507 वीं रैंक हासिल की है। शुक्रवार को परीक्षा परिणाम आने के बाद से उनके परिवार में खुशी की लहर है। प्रखर ने बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में यह सफलता प्राप्त की है।
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शहवाजपुर निवासी स्वर्गीय रामनाथ पांडेय के पौत्र और स्वर्गीय वीरेंद्र पांडेय के पुत्र प्रखर पांडेय आपनी मां सीमा पांडेय, छोटी बहन प्रज्ञा पांडेय के साथ इन दिनों मध्य प्रदेश के जबलपुर में रह रहे हैं। प्रखर के पिता भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में कार्यरत थे। उनकी तैनाती मध्य प्रदेश के जबलपुर में रही। प्रखर का जन्म और प्रारंभिक शिक्षा बदायूं के बाद जबलपुर में हुई। पारिवारिक आयोजनों में समय-समय पर प्रखर अपने घर आते हैं।

बचपन से मेधावी और बेहद शांत स्वभाव के प्रखर के पिता वीरेंद्र पांडेय का निधन सिविल सर्विसेज की तैयारी के बीच फरवरी 2020 में हो गया था। इसके इस दौरान विपरीत हालात में भी प्रखर लक्ष्य पर फोकस बनाए रहे। उन्होंने लक्ष्य के मुताबिक मेहनत की और बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में सिविल सर्विसेज में 507 वीं रैंक हासिल किया। प्रखर कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुओं को देते हैं।
सिविल सर्विसेज में सफलता की खबर शुक्रवार रात जब यहां उनके परिवार वालों को मिली तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शहवाजपुर में प्रखर की दादी ओमवती पांडेय समेत परिवार के अन्य सदस्यों सत्येंद्र पांडेय, गुंजन पांडेय, सरोज पांडेय, रितु पांडेय, शेष पांडेय आदि रहते हैं। मोहल्ले के लोग भी प्रखर की कामयाबी से काफी खुश हैं।
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प्रखर बोले- लक्ष्य बनाकर मेहनत करें तो कुछ असंभव नहीं
प्रखर पांडेय ने मोबाइल पर हुई वार्ता में बताया कि वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ पूरे परिवार को देते हैं। प्रखर का कहना है कि तैयारी के दौरान हर विपरीत परिस्थिति में उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अगर लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ा जाए तो सफलता निश्चित मिलती है। प्रखर का कहना है कि शुरू से ही उनका सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का था। पहले प्रयास में 507 वीं रैंक मिलने पर प्रखर खुश हैं। उनकी प्राथमिकता आईएएस बनना है। उनका कहना है कि यूपीएससी के लिए कोचिंग से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण सेल्फ स्टडी है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। प्रखर का कहना है कि उनका बदायूं से गहरा जुड़ाव है, जल्द ही घर आकर सबसे मिलेंगे। संवाद

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