नौकरी के नाम पर डीएसओ पर छह लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 11:14 PM IST
डीएसओ पर आरोप लगाने वाले आकिल का पहचान पत्र, जो उसने सबूत के तौर पर दिखाया है।
डीएसओ पर आरोप लगाने वाले आकिल का पहचान पत्र, जो उसने सबूत के तौर पर दिखाया है। - फोटो : BULANDSHAHR
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नौकरी के नाम पर डीएसओ पर छह लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप
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बुलंदशहर। डीएसओ (जिला पूर्ति अधिकारी) पर बागपत में तैनाती के दौरान एक युवक से संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख रूपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने एडीएम प्रशासन को व्हाट्सएप पर डीएसओ के साथ हुई चैटिंग के स्क्रीन शॉट और शपथ पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, डीएसओ ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह अपना नार्को टेस्ट भी कराने के लिए तैयार हैं।
आकिल राजपूत पुत्र सलीम निवासी बागपत ने एडीएम प्रशासन के दफ्तर पहुंचकर बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा बागपत में तैनाती के दौरान उससे संविदा पर नौकरी देने के नाम पर छह लाख रुपये लिए हैं। आकिल ने बताया कि यह धनराशि उसने 11 माह में दी है। पीड़ित ने शपथ पत्र देते हुए कहा कि उसे संविदा कर्मचारी का आईडी कार्ड भी दिया गया था और विभाग के गोपनीय व्हाट्सएप ग्रुप में भी शामिल किया गया था। करीब एक वर्ष बाद डीएसओ का तबादला बुलंदशहर हो गया। आरोप है कि इस दौरान भी वह पत्रावलियां आगे बढ़ने का दावा करते हुए बार-बार आश्वासन देते रहे। आकिल ने मामले की शिकायत डीएम से की थी।इसके बाद एडीएम प्रशासन की ओर से मामले में सुबूत और शपथ पत्र देना के लिए कहा गया था। इसी के बाद उसने शपथ पत्र एवं अन्य दस्तावेज एडीएम को दिए हैं।

डीएसओ बोले, नार्को टेस्ट के लिए तैयार
डीएसओ अभय प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता बागपत कार्यालय में करीब 15 वर्षों से कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था। शासन के निर्देश पर इन्हें हटा दिया गया तो परिवार की स्थिति को देखते हुए छह हजार रुपये मासिक के वेतन पर इन्हें ऑफिस कार्य के लिए रख लिया था। इसके बाद वह व्हाट्सएप पर मेसेज कर आकिल से अपने यात्रा के टिकट बुक और फोन रिचार्ज कराते थे। इन्हीं के स्क्रीनशॉट लेकर उसने शिकायत की है। तबादले के एक वर्ष बाद अचानक से इस प्रकार की शिकायत षडयंत्र के तहत की गई है। मैं किसी भी प्रकार की जांच और नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
डीएम के निर्देश पर पीड़ित से साक्ष्य और शपथ पत्र लिए गए हैं। आगे प्रकरण में जांच के बाद डीएम के निर्देश पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन

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