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प्रतिबंध के बाद भी हजारों लोगों ने लगाई गंगा में डुबकी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:28 PM IST
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मस्तरामघाट पर गंगास्नान करते श्रद्धालु
मस्तरामघाट पर गंगास्नान करते श्रद्धालु - फोटो : BULANDSHAHR
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प्रतिबंध के बाद भी हजारों लोगों ने लगाई गंगा में डुबकी
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बुलंदशहर/अनूपशहर/नरौरा/अहार/कर्णवास। कोरोना महामारी के कारण गंगा स्नान पर प्रतिबंध लगाने के आदेश रविवार को कागजों में दबे रह गए। जिला प्रशासन, पुलिस के दावों की हवा निकल गई। न केवल जिले के बल्कि दूसरों राज्यों से आए करीब ढाई लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। जिसके चलते एक बार फिर से जिले में कोरोना संक्रमण फैलने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
रविवार को पूरे देश में गंगा स्नान का पर्व मनाया गया। सामान्य स्थिति में प्रत्येक वर्ष कई राज्यों के श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते थे। जिसके चलते गंगा घाटों पर कई दिनों तक मेले जैसी स्थिति रहती थी। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण पुलिस और प्रशासन को भी व्यवस्था बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पड़ते थे।

तैनात किए गए थे 17 मजिस्ट्रेट
कोरोना महामारी के कारण इस बार जिला प्रशासन ने दो दिन पहले आदेश दिए कि इस बार गंगा स्नान पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेंगे। इसके लिए डीएम रविंद्र कुमार ने बाकायदा आदेश जारी करते हुए 17 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए थे। वहीं पुलिस को भी आदेश दिए गए थे कि गंगा घाटों पर लोग स्नान के लिए न पहुंचें। कागजी आदेश शनिवार शाम को ही हवा में उड़ते दिखे थे, लेकिन लोगों की भीड़ कम थी। रविवार को स्थिति यह रही कि प्रत्येक गंगा घाट पर हजारों की संख्या में लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। जबकि ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की तैनाती केवल हवाई साबित हुई।
गलियों से गंगा घाट पहुंचे लोग
सड़कों पर पुलिस फोर्स को तैनात देखकर बड़ी संख्या में लोग गलियों से घूमते हुए गंगा घाट पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस भी मुख्य मार्गों से जाने वाले श्रद्धालुओं से पूछताछ में जुटी रही। इसके साथ ही कई बार लोगों को वापस भेजने की कोशिश की, लेकिन पर्याप्त सफलता नहीं मिली।
बच्चे का मुंडन कराने दिल्ली से पहुंचे
मैं दिल्ली से अपने बच्चे का मुंडन कराने अनूपशहर गंगा घाट पर आया था। मुझे गंगा स्नान पर प्रतिबंध होने की कोई जानकारी नहीं थी। न ही किसी ने गंगा में स्नान करने से रोका। मौके पर व्यवस्था के लिए कोई अधिकारी व पुलिस मौजूद नहीं थी।
राकेश, निवासी दिल्ली
घाट पर नहीं दिखी पुलिस
गंगा दशहरा पर्व पर ही हमारे परिवार में बच्चों का मुंडन कराने की परंपरा है। इसी के चलते मुझे अपने बेटे का मुंडन कराने मजबूरी में आना पड़ा है। घाट पर काफी भीड़ भी थी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के लिए पुलिस भी तैनात नहीं थी।
लोकेश, निवासी खुर्जा
कोरोना कर्फ्यू का नहीं दिखा असर
अभी वीकेंड कर्फ्यू लागू है। कोरोना से बचाव के लिये सोशल डिस्टेंस जरूरी है। गंगा स्नान के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन संभव नहीं था। श्रद्धालुओं को कोरोना नियमों व गंगा स्नान प्रतिबंधों का पालन कर प्रशासन को सहयोग करना चाहिए था।
विनीत बंसल
नहीं खत्म हुआ कोरोना
अभी कोरोना संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। इसलिए कोविड नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है। प्रतिबंध के बाद भी गंगा स्नान किया गया। यह उचित नहीं था। - ललित कुमार बंसल
श्रद्धालुओं को गंगा घाट पर पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। इसके बाद भी लोग गलियों से होते हुए गंगा घाट पर पहुंचे। कई बार घाटों को खाली भी कराया गया था।
पदम सिंंह, एसडीएम, अनूपशहर

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