बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

कोरोना काल में योग प्रति बढ़ा रुझान

Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:53 PM IST
विज्ञापन
स्वस्थ्य रहने के लिए योग करते हुए लोग।
स्वस्थ्य रहने के लिए योग करते हुए लोग। - फोटो : FIROZABAD
ख़बर सुनें
फिरोजाबाद। कोरोना काल में योग के प्रति लोगों का रुझान और विश्वास तेजी से बढ़ा। योग को जीवन का हिस्सा बनाना कई लोगों ने लिए कारगर भी साबित हुआ। पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों ने भी योग के माध्यम से रोग को मात दी। ऑक्सीजन स्तर को सही रखने के लिए योग का कारगर साधन बना। योगाचार्यों की मानें तो नियमित योगाभ्यास से ऑक्सीजन की कमी नहीं होती और तनाव भी दूर होता है। योग रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी में कारगर सिद्ध होता है।
विज्ञापन

योग कर पुरानी बीमारी से पाई निजात
- योग से बहुत फायदा पहुंचा है। मुझे थायराइड की समस्या वर्ष 2018 से थी। करीब आठ माह पहले योग क्लास ज्वॉइन की। अब थायराइड की समस्या खत्म हो गई है। साथ ही पूरी तरह स्वस्थ महसूस करती हूं।

दीप्ति बंसल, रामाकृष्णा अपार्टमेंट
- मुझे डायबिटीज की समस्या थी। परेशानी महसूस होनी लगी थी। करीब तीन माह से नियमित योग कर रहा हूं। मुझे 80 प्रतिशत आराम मिला है। उम्मीद है कि आगे और फायदा होगा। योग से शरीर स्वस्थ रहता है।
उमाशंकर गुप्ता, रामाकृष्णा अपार्टमेंट
क्या कहते हैं योगाचार्य-
योग तो प्राचीन काल से है लेकिन कोरोना काल में लोगों का योग पर विश्वास ज्यादा हो गया। कोरोना से ग्रसित होने के बाद कई परिवारों ने योगा क्लास ज्वॉइन की। उन परिवारों को योग का फायदा हुआ और अब पूरे परिवारों की दिनचर्या में योग शामिल हो गया है। कई बीमारियों में चिकित्सक योग करने को कहते हैं। अब ऑनलाइन योगा क्लास ज्वॉइन करने वालों की संख्या भी बढ़ गई है।
अंकित वर्मा, योगाचार्य
- योग करने वाले लोगों की संख्या अधिक हो गई है। डायबिटीज, कोरोना और थायराइड जैसी समस्या के लिए लोग चिकित्सक से ज्यादा योग पर विश्वास करने लगे हैं। सही ढंग से योग किया तो जाए रोग से व्यक्ति ग्रसित नहीं होगा। इस बात को चिकित्सक भी स्वीकारते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग का महत्व है। कोरोना काल में ऑनलाइन क्लासों में योग करने वालों की संख्या बढ़ी है।
पवन आर्या, योगाचार्य
यह हैं प्रमुख योग
नौकासन: इस योग को करने से पेट के साथ ही कमर का मोटापा भी कम हो जाता है। पीठ, पैर, कमर और पेट की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। मेरूदंड को मजबूत करने के लिए भी नौकासन करना चाहिए।
पवनमुक्तासन: यह योग रीढ़ की हड्डी को मजबूती देता है और लचीली बनाता है। इसके अभ्यास से ब्लड का संचार ठीक रहता है। पेट की चर्बी कम करने में भी पवनमुक्तासन काफी कारगर है। इससे पाचन क्रिया ठीक रहती है और एसिडिटी में लाभ होता है।
वीरभद्रासन: इस आसन से शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाने में मदद मिलती है। पैरों और कंधों को मजबूत करने में लाभकारी माना जाता है। इस आसन को करने पर सबसे अधिक लाभ घुटनों को मजबूत करता है। इस आसन से जांघ की चर्बी को कम किया जा सकता है। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us