विवादों से परेशान एडी ने छोड़ा बीएसए का प्रभार

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:14 PM IST
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गोंडा। कस्तूरबा स्कूलों में सप्लाई का मामला हो या फिर शिक्षकों की समस्याओं पर जांच। आउटसोर्सिंग नियुक्तियों के मामले में भी कर्मियों की ओर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। एक साथ कई तरह के मामलों से बीएसए का प्रभार देख रहे सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन परेशान हो गए। उन्होंने जिलाधिकारी को प्रत्यावेदन देकर कार्य की अधिकता बताई और प्रभार से मुक्त करने की मांग की। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने प्रभार हटाकर डीआईओएस राकेश कुमार को सौंप दिया है। डीएम ने रिपोर्ट शासन को भेजी है।
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बेसिक शिक्षा में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्ति की प्रक्रिया के समय माह फरवरी में तत्कालीन बीएसए इंद्रजीत प्रजापति निलंबित हुए थे। इसके बाद एक मार्च को डीएम ने बीएसए का प्रभार सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन को सौंपा था। अगस्त माह में शासन से कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में सामग्री आपूर्ति में घपला उजागर हुआ और पहली जांच सहायक शिक्षा निदेशक को सौंपी गई।

एडी ने रिपोर्ट दी और उसी के आधार पर उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा ने जांच किया। जिले में सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनी। जांच में अनियमित भुगतान का मामला सामने आया और इसमें कार्रवाई बालिका शिक्षा, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी के साथ फर्मों के खिलाफ तय हुआ। बीएसए की भूमिका पर सवाल उठने लगे और मामला तूल पकड़ रहा था। शिक्षकों की ओर से प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर कई तरह के आरोप लगाए गए। इसकी जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी बनी। ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के सत्यापन व जांच से वेतन रुके होने का मामला तूल पकड़ रहा था। बीएसए का प्रभार वापस लिए जाने का पत्र एडी बेसिक शिक्षा ने डीएम को सौंपा। जिलाधिकारी ने प्रभार डीआईओएस को सौंप दिया है।
बीएसए की तैनाती, फिर भी रिक्त है जिला
शासन ने बीते दिनों जिले में बीएसए के पद पर बाराबंकी डायट में तैनात वरिष्ठ प्रवक्ता दीपिका चतुर्वेदी को तैनात किया था। बताया जा रहा है कि उस समय बच्चे की बीमारी से वह छुट्टी पर थीं और जिले में उनका योगदान नही हो सका। इसके बाद अब ऐसा अनुुमान अधिकारी लगा रहे हैं कि वह कार्यभार ग्रहण कर सकती हैं। लेकिन अभी तक कार्यभार ग्रहण न किये जाने से प्रभार डीआईओएस को दिया गया है। जिले में बीएसए पद पर तैनात की गईं दीपिका चतुर्वेदी का आदेश निरस्त भी नही हुआ है। शिक्षक संगठनों ने मांग किया है कि जिले में नियुक्त की गईं बीएसए को कार्यभार ग्रहण करने का आदेश शासन से जारी होना चाहिए।

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