Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur ›   कुशीनगर हादसा : वैन चालक की हालत बिगड़ी, तीन बच्चों की स्थिर

कुशीनगर हादसा : वैन चालक की हालत बिगड़ी, तीन बच्चों की स्थिर

क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sat, 28 Apr 2018 01:10 AM IST
हादसे में मृत बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई।
हादसे में मृत बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कुशीनगर के दुदही हादसे में घायल वैन चालक नियाज की हालत शुक्रवार को और बिगड़ गई। वहीं समीर, रोशनी वर्मा और तालिम की हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 घंटे इनके जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। लगातार निगरानी की जा रही है। उधर, कृष्णा की सेहत में सुधार होने पर उसे एनआईसीयू से आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को भी डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी शलभ माथुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों का हाल जाना। डीएम ने डॉक्टरों को इलाज में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है।
विज्ञापन


काश, तमन्ना साइकिल से गई होती स्कूल
मेडिकल कॉलेज में भर्ती समीर के चाचा और तालिम के पिता जमालुद्दीन ने बताया कि घर के कुल पांच बच्चे डिवाइन स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि मेरा बेटा तालिम और भाई हसन के बच्चे समीर व शाहिदा वैन से स्कूल जाते थे, जबकि अब्दुल्ला और तमन्ना साइकिल से जाते थे। बृहस्पतिवार को अब्दुल्ला ने स्कूल जाने से मना कर दिया तो तमन्ना वैन से ही चली गई और फिर लौट कर नहीं आई। काश, वह साइकिल से ही स्कूल गई होती तो शायद उसकी जान बच जाती। हादसे में शाहिदा और तमन्ना की मौत हो गई तो तालिम और समीर अभी मेडिकल कालेज में भर्ती हैं। जमालुद्दीन ने बताया कि घर पर अब्दुल्ला अकेला हो गया है और बार-बार अपने भाई और बहनों के बारे में पूछ रहा है। बात करते-करते जमालुद्दीन बच्चों को याद करके रो पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह लोग मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण के रहने वाले हैं और वर्ष 2002 में गंडक की बाढ़ की वजह से विस्थापित होकर कुशीनगर में बस गए और दवा की दुकान चलाने लगे।


प्रबंधक से कई बार की थी वैन चालक की शिकायत
जमालुद्दीन ने बताया कि वैन चालक अक्सर लापरवाही से गाड़ी चलाता था। बच्चों के बताने पर कई बार स्कूल प्रबंधक से शिकायत की गई थी लेकिन वह चालक को हटाने की बात कह कर बात टाल देते थे। इससे आजिज आकर हम लोगों ने ठान लिया था कि अप्रैल के बाद बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूल में करा देंगे या फिर वैन से नही भेजेंगे। लेकिन खुदा को शायद यह मंजूर नहीं था।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00