हवेली मॉडल बंधी भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने में सहायक

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:29 PM IST
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हमीरपुर। भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने में एक्रीसैट हैदराबाद व काफरी झांसी के साथ समर्थ फाउंडेशन के प्रयास बेहतर साबित हुए हैं। सौखर गांव में विकसित की गई हवेली मॉडल की चार बंधिया किसानों के लिए लाभकारी साबित हुईं हैं। जमीन पर बनीं बंधियों में बारिश का पानी लबालब है। इनसे जहां उपजाऊ भूमि का कटाव रुका है वहीं अभी तक चार मीटर भूगर्भ जलस्तर ऊपर उठा है। सूखे पड़े कुआं भी भर गए हैं।
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सुमेरपुर ब्लाक के सौखर, कारीमाटी और नजरपुर गांवों की उबड़खाबड़ जमीन में जल संरक्षण का कार्य कराया जा रहा है। जल संरक्षण के क्षेत्र में तैयार बंधिया मील का पत्थर साबित हो रही हैं। किसानों की आय को दोगुनी करने में (द इंटरनेशनल क्राप रिचर्स इंस्टीट्यूट फार सेमी एरिड ट्रापिक्स) एक्रीसैट हैदराबाद व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (काफरी) झांसी के साथ समर्थ फाउंडेशन जुटा है। वर्ष 2017 से संचालित परियोजना से किसान मित्र कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जल संरक्षण के लिए हवेली मॉडल की चार बंधिया तैयार की गई हैं। एक्रीसैट का काम देख रहे समर्थ फाउंडेशन के देवेंद्र गांधी ने बताया सौखर, कारीमाटी और नजरपुर गांवों की उबड़खाबड़ जमीन में जल संरक्षण का कार्य कराया जा रहा है।

इससे सैकड़ों किसानों को लाभ मिलने लगा है। बताया जल संरक्षण के क्षेत्र में विकसित हवेली मॉडल बंधिया किसानों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही हैं। 250 एकड़ जमीन को कवर करने के लिए चार बंधिया निर्मित कराई गईं हैं। 12 फिट जमीन के नीचे से ऊपर तक बोल्डरों से पक्की दीवार बनाई गई है। इनके ऊपर मिट्टी डालकर तीन मीटर ऊंची दो बंधिया बनाई है। एक 65 व उसके पीछे दूसरी 87 मीटर लंबी बंधी बनाई गई है। कहते हैं छोटी दो बंधिया और बनाई हैं। इनमें 250 एकड़ क्षेत्रफल का बारिश का पानी एकत्र किया है। अभी तक 760 एमएम बारिश हुई है। जून माह से हो रही बारिश का ओवरफ्लो पानी आउट लेट के जरिए एक से दूसरी व तीसरी तथा चौथी बंधी में पहुंचा है। पानी रोकने की इस संरचना का लाभ भूगर्भ जल संरक्षण बढ़ाने में मददगार साबित हुआ है। इससे किसानों में खुशी की लहर है। जल संरक्षण की संरचनाओं में मेड़बंधी, हवेली, कोरवाल आदि का निर्माण कराया गया है।
2017 से तीन गांवों के किसान हो रहे प्रेरित
एक्रीसैट हैदराबाद परियोजना के प्रभारी वैज्ञानिक डा. कौशल गर्ग व डा. रमेश सिंह किसानों को बागवानी, मृदा संरक्षण, खेत का पानी खेत में रोकने के साथ पानी के फिर उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ताकि किसानों की आमदनी दोगुनी हो सके। किसान मित्र कार्यक्रम 2017 से चलाया जा रहा है। नई तकनीक से फसलों में अच्छा उत्पादन लेने की प्रेरणा दे प्रदर्शन प्रक्षेत्र में उन्नतशील बीजों का वितरण किया जा रहा है। लाभार्थी समूह बनाकर किसानों की इन विषयों पर समझ विकसित की जा रही है। अभिनव प्रयोगों के माध्यम से आमदनी दो से तीन गुनी हो रही है।
कारीमारी निवासी किसान कमलेश विश्वकर्मा ने बताया गांव में हवेली बनने से लगातार पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया पहले खेत बेकार पड़े रहते थे। अब उनमें फसल हो रहीं हैं।
युवा समाजसेवी अशोक यादव ने बताया हवेली मॉडल बंधिया किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने बताया करीब आठ-दस साल से सूखे पड़े कुओं में ढाई से चार मीटर तक पानी बढ़ गया है।
किसान सीताराम ने कहा हवेली बनने से उनके खेत में पहली बार पानी रुका है। कहा जमीन उबड़खाबड़ होने से पानी कभी नहीं रुका। अब हवेली मॉडल बनने से धान और गेहूं की फसल करेंगे।

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