मनपसंद स्कूल में पढ़ेंगे गरीबों के बच्चे

अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Wed, 02 Mar 2016 11:23 PM IST
Favorite school for poor children in the study
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मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अब गरीबों के बच्चों
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को मनमाफिक निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला मिल सकेगा। इसके लिए शासन ने राइट-टू-एजुकेशन के नियम में बदलाव कर दिए है। पहले एक किलोमीटर के दायरे में सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल न होने की दशा मेें ही निजी स्कूलों में दाखिला मिलने की व्यवस्था

थी। अब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत दुर्बल और लाभ से वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों मेें तभी दाखिला मिलता था, जब उनके घर के एक किलोमीटर के दायरे में

कोई सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल न हो। नए शासनादेश में इस वर्ग के बच्चोें के लिए यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है। इसके अलावा पहले शहरी क्षेत्र के बच्चों को चिन्हित कर दाखिले के लिए स्कूलों मेें नाम दे दिया जाता

था। नए नियमों के मुताबिक स्कूलों की दूरी की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब बच्चे सीधे किसी भी स्कूल में जाकर अपना एडमिशन करा सकेंगेे। इसके लिए  ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावकों की वार्षिक आय 46080 रुपये और शहरी क्षेत्र के अभिभावकों की वार्षिक आय 56450 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

कक्षा एक में होगा दाखिला
राइट-टू-एजुकेशन अधिनियम के तहत केवल कक्षा एक में दाखिला किया जाएगा। इसके बाद यह निजी स्कूलों की जिम्मेदारी होगी कि वे बच्चे को कक्षा आठ तक की शिक्षा दें। बीच में वे किसी भी छात्र को नहीं निकाल सकते।
 
25 प्रतिशत दाखिले का है नियम
नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत दुर्बल एवं अलाभान्वित वर्ग के बच्चोें का निशुल्क दाखिला लेना होगा। इन बच्चों की फीस की पूर्ति सरकार करेगी।

एक शिक्षक पर 30 छात्र
नए नियम के तहत यदि किसी सरकारी स्कूल में एक शिक्षक के भरोसे 30 बच्चे हैं तो ऐसी स्थिति में निजी स्कूलों में दाखिल कराया जाएगा। निजी स्कूल किसी भी हाल में बच्चों के एडमिशन लेने से मना नहीं कर पाएंगे।

21 मार्च तक होगी दाखिले
जिले में जिन अभिभावकों केे बच्चे इस दायरे में आते हैं, वे नगर क्षेत्र के हैं तो यूईआरसी (नगर संसाधन केंद्र) व ग्रामीण क्षेत्र के हैं तो ब्लाक केे बीआरसी केंद्र पर निर्धारित प्रारूप पर अपना आवेदन 15 मार्च तक जमा करें। इसके बाद 21 मार्च तक उनके दाखिले की प्रक्रिया सुनिश्चित कर दी जाएगी।

कोट
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नए शासनादेश के मुताबिक निजी स्कूलों में दुर्बल एवं अलाभान्वित वर्ग के बच्चों का 25 प्रतिशत दाखिला न लेने पर कार्रवाई की जाएगी।- राजेश कुमार वर्मा, बीएसए

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