संतान सुख व उनकी प्रसन्नता के लिए महिलाओं ने रखा संतान सप्तमी व्रत

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 10:53 PM IST
संतान सप्तमी की पूजा करती महिलाएं
संतान सप्तमी की पूजा करती महिलाएं - फोटो : ORAI
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कोंच। संतान प्राप्ति, उनकी प्रसन्नता व दीर्घायु की कामना के साथ महिलाओं ने सोमवार को संतान सप्तमी का व्रत रखा और मां गौरी तथा भगवान शंकर की विधि विधान से पूजा अर्चना की।
विज्ञापन

सनातन संस्कृति में संतान सप्तमी व्रत धार्मिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी सोमवार को महिलाओं द्वारा संतान सप्तमी का व्रत रख कर भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा अर्चना की गई। प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संतान सप्तमी के दिन विवाहित महिलाएं सूर्योदय से पहले ही स्नानादि से निवृत्त होकर घर के सबसे पवित्र स्थान पर चौक सजाकर नारियल आम पत्रों से सुसज्जित कलश स्थापित कर भगवान शिव व माता पार्वती का रोली कुमकुम अक्षत से पूजन करती हैं।

संतान प्राप्ति, उनकी प्रसन्नता व दीर्घायु के लिए चांदी अथवा सोने से निर्मित चूड़ी दुध, घी, दही, गंगाजल से पवित्र कर महिलाओं द्वारा हाथ में धारण करने और संतान सप्तमी व्रत की कथा सुनने का विधान है। कथा कहने वाले ब्राह्मण को दक्षिणा देकर विदा करनेए इसके पश्चात गुड़ चीनी से मिश्रित सात पुओं का भोग लगाकर उन पुओं का प्रसाद ग्रहण कर महिलाएं अपना व्रत पूरा करती हैं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00