घर गिरे, फसलें बर्बाद और अब सर्वे सुस्त

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 11:51 PM IST
रामपुरा में बाढ़ से गिरे मकान का मलबा।
रामपुरा में बाढ़ से गिरे मकान का मलबा। - फोटो : ORAI
विज्ञापन
ख़बर सुनें
उरई। बाढ़ का पानी कम हुए करीब दस दिन हो गए हैं। प्रभावित ब्लॉकों के ग्रामीण जब अपने गांव घर लौटे तो वहां सिर्फ बर्बादी ही बर्बादी नजर आई। जिसे वे किसी तरह समेट कर एक बार फिर से जीने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। किसी की फसलें बाढ़ के पानी में बह गई तो किसी का आशियाना ही ढह गया। कोई पास पड़ोस से मांगकर परिवार का पेट पाल रहा है तो कोई प्लास्टिक तानकर रातें गुजार रहा है। सीएम के निर्देश पर नुकसान का सर्वे तो शुरू हुआ लेकिन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
विज्ञापन

अनुमान के मुताबिक कदौरा, कुठौंद रामपुरा और महेवा ब्लॉकों में करोड़ों की फसलें बाढ़ से बर्बाद हुई हैं। हैरत की बात तो यह है कि बाढ़ के दौरान जनप्रतिनिधि भी कभी बाइक से तो कभी एनडीआरएफ की बोट से दौरा करते दिखाई दिए। अब जब हकीकत में पीड़ितों के आंसू पोंछने का वक्त आया तो कोई भी जन प्रतिनिधि नहीं दिखाई दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लगभग 2000 बीघा की फसलों का नुकसान हुआ है और करीब 500 के आसपास कच्चे-पक्के घर गिरे हैं।

कैसे खुलेंगे स्कूल और क्या होगी पढ़ाई
मंगलवार से कक्षा 6 के स्कूल भी खुलने हैं। बाढ़ के दौरान प्रभावित गांवों के स्कूल भी पानी में डूबे नजर आए थे, जहां अभी पानी के निशान देखे जा सकते हैं। कहीं गंदगी फैली हुई है तो कहीं दीवारें कमजोर हो गई हैं। ऐसे में उन स्कूलों का खुलाना और अध्यापन कार्य होना आसान नहीं है।
स्वास्थ्य शिविरों की भी आवश्यकता
रामपुरा, महेवा, कदौरा और कुठौंद ब्लॉकों के जिन गांवों में बाढ़ के पानी ने आफत ढाई थी, वहां अब बीमारियां भी पांव पसार रही हैं। करीब 50-60 गांवों में वायरल, सर्दी, जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं। जिनके इलाज के लिए वहां स्वास्थ्य शिविरों की आवश्यकता है। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल सीएचसी, पीएचसी से ही काम चला रहे हैं।
कालपी क्षेत्र के 54 गांव प्रभावित
कालपी। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का सर्वे तेज हो गया है। कालपी तहसील में प्रशासन की रिपोर्ट अनुसार जिले में कुल 54 गांवों में फसलों का नुकसान हुआ है, जिस पर सर्वे किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सर्वे की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएंगी।
जिम्मेदार बोले
सबसे अधिक नुकसान रामपुरा ब्लॉक में लग रहा है, जिसके सर्वे के लिए टीमें जुटी भी हैं। दो-तीन दिनों में ही यह काम पूरा हो जाएगा तो फिर किसानों के नुकसान की भरपाई भी शुरू कराई जाएगी। फिलहाल प्रशासन हर संभव राहत पहुंचा रहा है।
- सालिकराम, एसडीएम माधौगढ़
जिले के करीब 124 गांव बाढ़ की चपेट में आए थे, अभी तक तकरीबन 80 किसानों ने नुकसान का दावा किया है, जिनके कागजों की जांच की जा रही है। कुछ और किसानों को अभी आवेदन करना है, इसके बाद ही पूरी संख्या सामने आ सकेगी।
-आर के तिवारी, कृषि उपनिदेशक।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00