सोशल मीडिया ने दी हिंदी को नई धार

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2019 12:30 AM IST
20- टीडी इंटर कालेज में हिन्दी दिवस के मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पढ़ते पीसी विश्वकर्मा।
20- टीडी इंटर कालेज में हिन्दी दिवस के मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पढ़ते पीसी विश्वकर्मा। - फोटो : JAUNPUR
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सोशल मीडिया ने बनाया हिंदी को व्यापक
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भाषण प्रतियोगिता में ज्योति अव्वल, बबिता को दूसरा और सारिका को तीसरा स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। हिंदी दिवस पर शनिवार को शिक्षण संस्थाओं में संगोष्ठी, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। टीडी कालेज में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में ज्योति अव्वल रही। बबिता को दूसरा और सारिका को तीसरा स्थान मिला। वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया ने हिंदी को व्यापक बनाया है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कांफ्रेंस हाल में जनसंचार विभाग हिंदी भाषा की महत्ता पर विभागाध्यक्ष डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. सुनील कुमार, डा. अवध बिहारी सिंह, आदित्य भारद्वाज ने किया ने प्रकाश डाला। टीडी कालेज में में प्राचार्य डा. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी बोलना एवं समझना दोनों आसान है। विभागाध्यक्ष डा. सरोज सिंह ने कहा कि हिंदी आज दुनियां के सौ विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही है। डा. महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सोशल मीडिया ने हिंदी ज्यादा व्यापक बनाया है। डा. राजदेव दुबे ने कहा कि मीडिया ने हिंदी को बढ़ाने में अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डा. सुषमा सिंह ने कहा कि हिंदी का क्षेत्र बहुत ही व्यापक है। यह देश नहीं बल्कि पूरी दुनियां की भाषा बनने की शक्ति रखती है। संचालन बबिता यादव ने किया।

माउंट लिट्रा जी स्कूल फतेहगंज में पत्र लेखन , कविता, कविदरबार का आयोजन किया गया। डा. जंगबहादुर सिंह बच्चों को अपनी मातृभाषा याद रखने की जरूरत है। प्रधानाचार्य सुबाष सिंह, श्वेता मिश्रा उपप्रधानाचार्या, प्रधानाचार्या प्रतीक्षा सिंह, अभिज्ञान सिंह एवं जाह्नवी ने विचार व्यक्त किए।
बक्शा के सन्त परमहंस इंटर कालेज औंका में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। कवि प्रखर द्विवेदी, गिरीशचन्द्र श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश चंद श्रीवास्तव, विशुनचंद यादव ने विचार व्यक्त किए। सिंगरामऊ के राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय में हिंदी के विभागाध्यक्ष डा. रविंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता ने हिंदी दिवस मनाया गया। डा. संजय सिंह व डा. जय कुमार मिश्र, डा. सारिका सिंह व कल्पना सिंह, डा. अजय कुमार ने हिन्दी की संवैधानिक स्थिति पर प्रकाश डाला।
हमारी पहली पहचान हिंदी से
करंजाकला। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विज्ञान की प्रो अनीता गोपेश ने कहा कि विज्ञान में हिंदी का प्रयोग बढ़ा है। उन्होंने छात्रों को हिंदी की महत्ता एवं भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम देश विदेश के किसी भी हिस्से में जाएं वहां हमारी पहली पहचान मौलिक भाषा हिंदी के कारण होती है। वह हिंदी दिवस के अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भइया भौतिकी विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान मेंआयोजिक संगोष्ठी में बोल रही थी। उन्होंने रहा कि आज कई विदेशी विश्वविद्यालयों में हिंदी भाषा के विभाग स्थापित हो रहे हैं। हिंदी भाषा एवं साहित्य के सौंदर्य बोध को महसूस एवं स्थापित करने की जरुरत है। भारत की बाहर भारतीयता कि पहली पहचान हिंदी है। इस अवसर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने विषय की प्रस्तावना रखी। संस्थान के निदेशक डा. प्रमोद कुमार यादव ने स्वागत किया। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक डा. गिरिधर, डा. पुनीत, डा. अजीत, डा. नितेश, डा. श्याम, डा. धीरेंद्र आदि उपस्थित रहे।

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