1000 एकड़ से अधिक रकबे में खराब हुई फसल

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 12:39 AM IST
crop destroyed
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झांसी। घटिया बीज के चलते जिले में एक हजार एकड़ से अधिक रकबे में मूंग, उड़द की फसल में पैदावार नहीं हुई। भुक्तभोगी किसानों का आरोप है कि घटिया गुणवत्ता के बीज उनको दिए गए, जिस वजह से नुकसान उठाना पड़ा। जबकि कृषि विभाग के अफसरों का कहना है मौसम के उतार-चढ़ाव एवं बेसमय बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचा। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया कि आखिर किसकी लापरवाही की कीमत किसानों को अदा करनी पड़ रही।
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बुंदेलखंड में किसानों की तकदीर एक बार फिर दगा दे गई। मऊरानीपुर, गरौठा, चिरगांव आदि ब्लॉक के कई गांवों में लगी मूंग, उड़द एवं मूंगफली की फसल में फलियां ही नहीं लगी जबकि पौधे पूरी तरह तैयार हो गए। फसल चौपट होने से किसान बुरी तरह मायूस हैं। इस बार बीज, खाद के साथ ही डीजल के बढ़े दाम के चलते फसल रोपाई काफी महंगी पड़ी थी। लेकिन, अच्छी खरीफ फसल की उम्मीद में किसानों ने किसी तरह फसल बोई। अब जब उपज आने का समय है तब तमाम खेतों में फली ही नहीं आई। जानकारी के मुताबिक मऊरानीपुर, बंगरा, गरौठा ब्लॉक में यह परेशानी सबसे अधिक सामने आई है। मऊरानीपुर के भजपुरा, चकारा, धवाकर, लहचूरा, सिजारी, अनरका, बमरौड़ी, भदरवारा, भंडरा, बंगरा ब्लॉक में नोटा, हाटी, उलदन, पंचवारा, कटेरा, भिदरवारा, बोड़ा, रोहनी, पंडरा, लारौन, भटा, पटगुवां आदि गांवों में एक हजार एकड़ से अधिक रकबे में लगी उड़द, मूंग की फसल इस वजह से खराब हो गई लेकिन, किसानों को हुए नुकसान की जवाबदेही लेने को कोई राजी नहीं है।

मऊरानीपुर निवासी हरीशंकर श्रीवास, नंद किशोर कुशवाहा, प्रेमदास, मनमोहन, प्रेम, वीरेंद्र, छुट्टन आदि किसानों का आरोप है घटिया गुणवत्ता के बीच दिए गए जिस वजह से फली नहीं लगी जबकि जिन किसानों ने घर के बीज का इस्तेमाल किया उनके खेतों में फली आई है लेकिन, अधिकारी इसे मानने से इंकार कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी कमलेश कुमार सिंह का कहना है कि इस बार समय पर बारिश नहीं हुई। जब फसल तैयार हो गई उस बीच बारिश हुई। इस वजह से फली नहीं आई हालांकि उनका कहना है कि जहां बीज खराब होने की शिकायत मिली है, उसकी भी जांच कराई जाएगी। वहीं, कांग्रेस किसान मोर्चा के अध्यक्ष शिवनारायण परिहार ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जल्द से जल्द जांच कराने की मांग की। उनका कहना है अगर बीज की वजह से फसल को नुकसान पहुंचा है तब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए।
शुरू कराई गई क्राप कटिंग
तहसीलवार क्राप कटिंग भी शुरू करा दी गई है। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक जिन किसानों के खेतों में उपज नहीं आई है। उनके यहां क्राप कटिंग कराकर उसके मुताबिक पीएम किसान बीमा के अंतर्गत बीमा की रकम दिलाई जाएगी।

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