ढूंढे नहीं मिल रहे पंडित प्रकांड, मोबाइल, वीडियो कॉल और जूम से करा रहे कर्मकांड

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 01:08 AM IST
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झांसी। दो वर्षों से लोग कोरोना काल में किसी तरह से जिंदगी बसर कर रहे हैं। वर्ष 2021 में कुछ राहत है लेकिन लोग पूरी सावधानी बरत रहे हैं। ऐसे में शहर के पंडित भी सजग हैं। वह भी ज्यादातर पूजा-पाठ वीडियो कॉलिंग, जूम एप और फोन से करवा रहे हैं। इन दिनों पितृ पक्ष में भी अधिकतर के पास यही व्यवस्था लागू है। उनके यजमान भी घर बैठे शांतिपूर्वक पूजा कर रहे हैं। उधर, पंडितों की कमी के चलते एक-एक पंडित के पास कई घरों की पूजा व पिंडदान कराने की जिम्मेदारी है। पंडितों का कहना है कि इधर, कुछ वर्षों से कर्मकांडी, प्रकांड पंडित ढूंढे से भी नहीं मिल रहे।
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पितृ पक्ष में पितरों की पूजा, उनके श्राद्ध और पिंडदान का विधान है। इधर दो वर्षों से कोरोना काल में लोगों ने घर पर ही पूजा-पाठ की। पूजा की विधि और बाकी जरूरी विधान भी पंडितों से फोन पर पूछा गया। ऐसे में जब कोरोना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ तो शहर के पंडित जी पूरी सावधानी बरत रहे हैं।

पंडित गजानन खानवलकर बताते हैं कि इधर कोरोना काल में ज्यादातर लोग पितरों की पूजा भी घर पर ही कर रहे हैं। वह भी जूम एप, वीडियो कॉलिंग और मोबाइल से यजमानों की पूजा की विधि बताकर कर्मकांड करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा पंडितों की कमी के कारण भी हो रहा है। पंडित कम होने से एक-एक पंडित के पास कई घरों में कर्मकांड के न्योते हो जाते हैं। वहीं कोरोना काल के चलते सावधानी भी जरूरी है। ऐसे में टेक्नोलॉजी से काम चल रहा है।
महंत विष्णु दत्त का कहना है कि कोरोना काल में पंडित यजमानों के घर जाने से थोड़ा परहेज कर रहे हैं। पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान करने वालों को एक साथ तालाब या नदी के किनारे बुलाकर उन्हें कोरोना गाइडलाइन के तहत दो गज दूरी, मास्क और सैनिटाइजर या साबुन से हाथ धुलाकर पूजा कराई जा रही है। ज्यादातर बात फोन पर ही बताई जा रही है।
पितृ पक्ष में करें यह दान, पूर्वज करेंगे महाकल्याण
-गोदान : यह दान करने से मृत आत्मा को मुक्ति मिलती है। इस दान को प्रत्यक्ष भी कर सकते हैं और इसका संकल्प भी ले सकते हैं।
-भूमिदान : भूमि के अभाव में मिट्टी का दान करने भर से आर्थिक समृद्धि आती है।
- तिल दान : काले तिलों का दान करने से परिवार को ग्रह नक्षत्रों की बाधा से मुक्ति मिलती है।
- स्वर्ण दान : इस दान से कर्ज और रोगों से मुक्ति मिलती है। स्वर्ण के अभाव में पंडित को दक्षिणा भी दे सकते हैं।
- गाय का घी पात्र सहित दान देना : इससे परिवार के सदस्यों का जीवन सुखमय होता है।
-वस्त्र दान : जरूरतमंद व पंडित को वस्त्र दान करने से पूर्वज खुश होते हैं। ध्यान रखें कि वस्त्र फटे-पुराने न हों।
-धान्य दान : यह दान करने से वंश में वृद्धि होती है। परिवार खुशहाल होता है।
-गुड़ दान : इस दान से पितृ खुश होते हैं और परिवार को आशीष प्रदान करते हैं।
-चांदी का दान : यह दान परिवार और वंश को समृद्ध बनाता है। चांदी न हो तो कोई और सफेद वस्तु दान दे सकते हैं।
-नमक का दान : इस दान से परिवार व व्यक्ति को प्रेत आत्माओं की बाधा से मुक्ति मिलती है।

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