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मुसीबत बना गेहूं का सिकुड़ा दाना

अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 05 Apr 2016 01:05 AM IST
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wheat, jhansi hindi news
wheat, jhansi hindi news - फोटो : demo
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झांसी। जिले के सूखा पीड़ित किसानों के लिए गेहूं का सिकुड़ा दाना परेशानी का सबब बन गया है। क्रय केंद्रों पर केवल छह फीसदी ही सिकुड़े दाने लिए जाएंगे। जबकि, पानी की कमी व गर्मी की वजह से भारी मात्रा में गेहूं पूर्ण विकसित नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज की बिक्री की चिंता सताने लगी है।
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शासन ने गेहूं क्रय नीति में केवल छह फीसदी सिकुड़े दाने को ही अनुमन्य किया है। यानी कि किसानों द्वारा क्रय केंद्रों पर लाए जाने वाले गेहूं में छह फीसदी से अधिक दाना सिकुड़ा होने पर खरीद नहीं की जाएगी। किसान को अपना माल वापस ले जाना होगा। किसान के पास औने-पौने दामों में गेहूं बाजार में बेचने का ही विकल्प होगा। शासन के इन निर्देशों ने जनपद के सूखा प्रभावित कृषकों को मुश्किल में डाल दिया है।


पर्याप्त पानी न मिलने और लगातार पड़ रही तेज धूप की वजह से जिले में रबी फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। ऐसे में भारी मात्रा में गेहूं के दाने अपना पूरा आकार नहीं ले पाए हैं। वह सूखी बालियों में सिकुड़ कर रह गए हैं। शासन के उक्त निर्देश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।   

‘क्रय नीति में छह फीसदी सिकुड़े दाने की खरीद अनुमन्य की गई है। हालांकि, केंद्रों पर पूरा प्रयास किया जाएगा कि किसानों को खाली हाथ वापस न लौटना पड़े। इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।’
- डीके तिवारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी

बुंदेलखंड की अलग होनी चाहिए नीति
झांसी। बुंदेलखंड किसान पंचायत के अध्यक्ष गौरीशंकर बिदुआ ने कहा कि सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए एक समान क्रय नीति जारी की है, जबकि बुंदेलखंड में स्थिति अलग है। गरौठा तहसील क्षेत्र में 10-15 प्रतिशत गेहूं का दाना सिकुड़ा हुआ है। इसके अलावा अन्य जिन स्थानों पर फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिला है, वहां भी गेहूं की यही स्थिति है। गेहूं का पंद्रह फीसदी तक सिकुड़ा दाना स्वीकार किया जाना चाहिए।

वहीं, भाजपा किसान मोर्चा के बुंदेलखंड सह प्रभारी जवाहर लाल राजपूत कहते हैं कि सरकार को बुंदेलखंड के किसानों को विशेष छूट देनी चाहिए। क्रय केंद्रों पर गेहूं न लेने की वजह से किसान कम कीमत में गेहूं बेचने को मजबूर होंगे।

169 क्विंटल की हुई खरीद
झांसी। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है, लेकिन अब तक किसानों की क्रय केंद्रों पर आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। जिले में शुरू किए गए 71 केंद्रों में से सिर्फ एक मंडी केंद्र पर 169 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। अगले सप्ताह से खरीद में बढ़ोत्तरी की संभावना है, क्योंकि ज्यादातर खेतों में अभी गेहूं की कटाई चल रही है। 

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