कानपुर में अलर्ट: जीका वायरस का एक संक्रमित मिलने के बाद 22 सैंपल की रिपोर्ट आई निगेटिव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 25 Oct 2021 12:32 AM IST

सार

कानपुर में एयरफोर्स कर्मी में जीका वायरल संक्रमण की पुष्टि के बाद हैलट में जीका विंग बना दी गई है। मैटरनिटी ब्लॉक में जहां कोरोना के रोगी रखे जा रहे थे, वहीं पर 10 बेड जीका रोगियों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं।
जीका वायरस
जीका वायरस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

जीका वायरस का एक संक्रमित मिलने के बाद 22 संदिग्ध रोगियों के सैंपल रिपोर्ट आ गई है। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पांच और सैंपल केजीएमयू भेजे हैं। महानिदेशक स्वास्थ्य चिकित्सा डॉ. वीबी सिंह ने कानपुर नगर को अलर्ट पर कर दिया है।
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संचारी रोग विभाग की टीम ने रविवार को पोखरपुर का जायजा लिया। डॉ. वीबी सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से रविवार को स्थिति की जानकारी ली। महानिदेशालय के महामारी विशेषज्ञ डॉ. मुनींद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ पोखरपुर में एयरफोर्स कर्मी के घर के आसपास स्थिति की जानकारी ली।


महानिदेशक डॉ. सिंह ने बताया कि अभी नगर जिले को अलर्ट पर किया गया है। एडीज एजिप्टाई मच्छर के ब्रीडिंग स्थल नष्ट करने के लिए कहा गया है। हैलट इमरजेंसी और अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले बुखार के रोगियों की जांच में सतर्कता बरती जाएगी।

हैलट में जीका विंग बना, 10 बेड आरक्षित
एयरफोर्स कर्मी में जीका वायरल संक्रमण की पुष्टि के बाद हैलट में जीका विंग बना दी गई है। मैटरनिटी ब्लॉक में जहां कोरोना के रोगी रखे जा रहे थे, वहीं पर 10 बेड जीका रोगियों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि जीका की जांच के लिए किट भी मंगाई जा रही है।

इसके साथ ही मेडिसिन के विशेषज्ञों की टीम गठित कर दी गई है। डॉ. मौर्या ने बताया कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में मशीनें तो हैं, लेकिन किट नहीं है। किट मंगाकर जांच शुरू कर दी जाएगी। अगर जीका के लक्षणों वाला कोई रोगी आता है तो उसका सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेज दिया जाएगा।

विशेषज्ञ रोगी का इलाज करेंगे, बाकी सारी व्यवस्था है। वहीं, उर्सला के सीएमएस डॉ. अनिल निगम ने बताया कि जीका के लिए अभी हैलट में बेड आरक्षित हैं लेकिन उर्सला में भी पूरी तैयारी है। डॉक्टरों की टीम और दवाओं की व्यवस्था है। रोगी आने पर इलाज शुरू कर दिया जाएगा।

सामान्य के लिए जुकाम, बुखार जैसा जीका 
जीका वायरस का संक्रमण 60 फीसदी लोगों में पता ही नहीं चलता है। किसी को संक्रमण हुआ तो हल्का सी हरारत और भारीपन रहेगा और दो से सात दिन में ठीक हो जाएगा। सीनियर फिजिशियन और इंटेंसिविस्ट डॉ. नंदिनी रस्तोगी का कहना है कि अगर किसी की डेंगू, मलेरिया आदि रिपोर्ट निगेटिव आए तो रोगी को जीका की भी जांच करा लेनी चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि जीका वायरस सामान्य व्यक्ति के लिए जुकाम, बुखार जैसा है। लेकिन जिन व्यक्तियों की शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है और वे दूसरी बीमारियों से ग्रसित हैं, उनमें जटिलताएं बढ़ जाएंगी। जीका के प्रभाव से पुराने रोग बढ़ सकते हैं।

इससे पुराना रोग जानलेवा भी हो सकता है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को दिक्कत हो सकती है। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि जीका को लेकर घर-घर सर्वे कराकर जुकाम-बुखार के लक्षण वाले रोगियों को चिह्नित किया जा रहा है। दिल्ली से वेक्टर जनित डिजीजेज अभियान की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और वहां की स्थिति को देखा। जिन पर शक है उनके भी सैंपल लिए जा रहे हैं। बुखार के रोगियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
 
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